{"_id":"5baa5851867a557e8572a941","slug":"bhu-hospital-ms-says-that-campus-outrage-was-planned","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"बीएचयू अस्पताल के एमएस ने कहा, सुनियोजित ढंग से कराई गई घटना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बीएचयू अस्पताल के एमएस ने कहा, सुनियोजित ढंग से कराई गई घटना
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Wed, 26 Sep 2018 09:44 AM IST
विज्ञापन
चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विजय नाथ
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बीएचयू के सर सुंदरलाल अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विजय नाथ मिश्रा ने कहा कि सोमवार रात हुई घटना सुनियोजित ढंग से कराई गई है। डॉ. विजय नाथ मिश्रा ने मंगलवार को पत्रकारों से बातचीत में यह आशंका जताते हुए कहा कि सोमवार को जूनियर डॉक्टरों और छात्रों में विवाद के बाद सब कुछ शांत हो जाता है। बाद में फिर से मारपीट की जाती है।
सीसी फुटेज को देखने से लग रहा है कि तय करने के बाद घटना को अंजाम दिया गया हो। उन्होंने हमले में आठ-नौ जूनियर डॉक्टरों के घायल होने की बात कहते हुए प्रॉक्टोरियल बोर्ड पर भी सवाल उठाए।
उन्होंने बताया कि मरीजों को समस्या न हो, इसके लिए क्विक रिस्पांस टीम बनाई गई हैं। ओपीडी और इमरजेंसी सेवाएं प्रभावित नहीं हुईं हैं। बताया कि डॉक्टरों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अस्पताल में डॉक्टरों और मरीजों के लिए अलग-अलग गेट बनाने पर विचार चल रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
सीसी फुटेज को देखने से लग रहा है कि तय करने के बाद घटना को अंजाम दिया गया हो। उन्होंने हमले में आठ-नौ जूनियर डॉक्टरों के घायल होने की बात कहते हुए प्रॉक्टोरियल बोर्ड पर भी सवाल उठाए।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि मरीजों को समस्या न हो, इसके लिए क्विक रिस्पांस टीम बनाई गई हैं। ओपीडी और इमरजेंसी सेवाएं प्रभावित नहीं हुईं हैं। बताया कि डॉक्टरों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अस्पताल में डॉक्टरों और मरीजों के लिए अलग-अलग गेट बनाने पर विचार चल रहा है।
विज्ञापन
कारगर नहीं हो रहीं कोशिशें
बीएचयू में तैनात फोर्स
- फोटो : amar ujala
बीएचयू में दो दिन से लगातार हो रही घटनाओं पर अंकुश लगाने में विश्वविद्यालय प्रशासन की हर कोशिश नाकाम हो रही है। छात्रों के बुलावे पर कुलपति धरना स्थल पर भले ही न आ रहे हों लेकिन धरना खत्म कराने पर बात आगे नहीं बढ़ पा रही है।
कुलपति के कहने पर प्रॉक्टोरियल बोर्ड के सदस्य और वार्डन छात्रों से वार्ता करने पहुंचे लेकिन इसमें सफलता नहीं मिल पाई। दरअसल, हॉस्टल में घटना के समय संबंधित वार्डन और अधिकारी जाते नहीं और अगर पहुंच भी जाते हैं तो छात्रों से बातचीत की हिम्मत नहीं जुटा पाते हैं और उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ता है।
विश्वविद्यालय में पहली बार नहीं है कि जब रातभर मारपीट, पत्थरबाजी, आगजनी की घटनाएं हुई हो। इसी साल बिड़ला और एलबीएस हॉस्टल के बीच पत्थरबाजी, मारपीट, अय्यर छात्रावास में घुसकर गाड़ियों में तोड़फोड़ हुई।
हर घटना के बाद परिसर में शांति व्यवस्था के लिए बदलाव की बात की जाती है। हाल में पहले से प्रॉक्टोरियल बोर्ड के आंतरिक खुफिया विभाग में पहले से तैनात लोगों को इसलिए बदल दिया गया है। सुरक्षाकर्मी बढ़ाने से लेकर हर तरफ सीसीटीवी कैमरे लगाने, क्यूआरटी टीम का गठन सहित अन्य फैसले लिए जा चुके हैं।
कुलपति के कहने पर प्रॉक्टोरियल बोर्ड के सदस्य और वार्डन छात्रों से वार्ता करने पहुंचे लेकिन इसमें सफलता नहीं मिल पाई। दरअसल, हॉस्टल में घटना के समय संबंधित वार्डन और अधिकारी जाते नहीं और अगर पहुंच भी जाते हैं तो छात्रों से बातचीत की हिम्मत नहीं जुटा पाते हैं और उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ता है।
विश्वविद्यालय में पहली बार नहीं है कि जब रातभर मारपीट, पत्थरबाजी, आगजनी की घटनाएं हुई हो। इसी साल बिड़ला और एलबीएस हॉस्टल के बीच पत्थरबाजी, मारपीट, अय्यर छात्रावास में घुसकर गाड़ियों में तोड़फोड़ हुई।
हर घटना के बाद परिसर में शांति व्यवस्था के लिए बदलाव की बात की जाती है। हाल में पहले से प्रॉक्टोरियल बोर्ड के आंतरिक खुफिया विभाग में पहले से तैनात लोगों को इसलिए बदल दिया गया है। सुरक्षाकर्मी बढ़ाने से लेकर हर तरफ सीसीटीवी कैमरे लगाने, क्यूआरटी टीम का गठन सहित अन्य फैसले लिए जा चुके हैं।