बीएचयू अस्पताल में जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल: एनएसयूआई का आरोप- हड़ताल भाजपा द्वारा पोषित, मरीजों की बढ़ी परेशानी
नीट पीजी काउंसिलिंग में देरी के विरोध में आईएमएस बीएचयू के जूनियर डॉक्टर 27 नवंबर से हड़ताल पर हैं। हड़ताल के विरोध में बुधवार को एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया।
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काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) स्थित सर सुंदर लाल अस्पताल की इमरजेंसी में जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल से मरीजों की समस्या बढ़ती जा रही है। बुधवार को जहां ओपीडी में मरीजों की भीड़ लगी रही। वहीं, इमरजेंसी में मरीज स्ट्रेचर पर पड़े रहे। वह चिकित्सकों का इंतजार करते रहे। हालांकि, सीनियर डॉक्टर मरीजों को देख रहे थे। लेकिन मरीजों की संख्या अधिक होने की वजह से उन्हें समय से इलाज नहीं मिल पा रहा था।
इधर,जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल के विरोध में बुधवार को एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने बीएचयू सिंह द्वार पर प्रदर्शन किया। आरोप लगाया कि पूरी हड़ताल भाजपा द्वारा पोषित है। विश्वविद्यालय प्रशासन से जल्द से जल्द हड़ताल खत्म कराने की मांग की।
मरीजों को स्ट्रेचर पर लेकर खड़े रहे परिजन
बुधवार को बीएचयू इमरजेंसी के बाहर परिजन स्ट्रेचर पर मरीजों को लेकर खड़े रहे। उधर, ऑपरेशन थिएटर में भी परिजनों को इंतजार करना पड़ा। हालांकि हड़ताल की वजह से इमरजेंसी में केवल 36 मरीजों को ही देखा गया।
मांगें पूरी नहीं होने तक हड़ताल की चेतावनी
जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल का असर ऑपरेशन थिएटर पर भी दिखा। मरीजों के परिजन बाहर खड़े होकर ऑपरेशन का इंतजार करते रहे। ऐसा इसलिए क्योंकि यहां मरीजों की संख्या भी अधिक रही। इधर, जूनियर डॉक्टरों ने अपनी मांगें पूरी नहीं होने तक हड़ताल पर रहने का फैसला किया है।
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हड़ताल के विरोध में एनएसयूआई का प्रदर्शन
बीएचयू में जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल के विरोध में बुधवार को एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने बीएचयू सिंह द्वार पर प्रदर्शन किया। इमरजेंसी में सेवा बंद करने को अमानवीय कृत्य बताकर विश्वविद्यालय प्रशासन से जल्द से जल्द हड़ताल खत्म कराने की मांग की है। बीएचयू इकाई अध्यक्ष राणा रोहित सिंह ने कहा कि हड़ताल पूरी तरह से अमानवीय है और सुप्रीम कोर्ट की अवमानना है।
शासन और प्रशासन की तरफ से कोशिश नहीं की जा रही है। आरोप लगाया कि पूरी हड़ताल भाजपा द्वारा पोषित है। कहा कि अगर जूनियर डॉक्टर जल्द से जल्द काम पर नहीं लौटते हैं तो उन पर एस्मा और महामारी अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाए।