वाराणसी: बीएचयू अस्पताल में मरीजों के लिए शुरू हुई निशुल्क अटल सेवा 'बीमारी' हालत में, नहीं हो पा रही सही से देख-रेख
दरअसल 2018 में बीएचयू अस्पताल को आठ ई-रिक्शा मरीजों की निशुल्क सेवा के लिए मिले थे। दान में मिले ई-रिक्शा की सीटें गायब हो गई हैं, साथ ही टायर भी पंचर हो गए हैं।
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वाराणसी के बीएचयू अस्पताल में मरीजों की सुविधा के लिए 2018 में शुरू की निशुल्क अटल सेवा फिर से ‘बीमार’ पड़ गई है। दरअसल, दान में मिले आठ ई रिक्शा (अटल सेवा) को बीएचयू प्रशासन सही से देख-रेख नहीं कर पा रहा है। आलम यह है कि इमरजेंसी के पास खड़े एक ई रिक्शा का टायर पंचर है और दो की सीट गायब हो गई है।
अस्पताल में पूर्व एमएस प्रो. वीएन मिश्रा ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल विहारी वाजपेयी की स्मृति में 2018 में निशुल्क ई रिक्शा संचालन की शुरुआत कराई थी। रखरखाव के अभाव में इमरजेंसी के पास खड़े ई रिक्शे पर धूल की मोटी परत जमी है, इससे सहज अंदाजा लगाया जा सकता है कि इसे लंबे समय से चलाया ही नहीं गया है।
सही से हो संचालन तो मरीजों को होगी बड़ी राहत
बीएचयू अस्पताल के गेट पर किसी निश्चित जगह पर इन ई रिक्शों को खड़ा किया जाए और मरीजों को मुफ्त सुविधा की जानकारी दी जाए तो हर दिन दूर दराज से आने वाले मरीजों को इसका लाभ मिलेगा।
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यूजीसी चेयरमैन, तत्कालीन कुलपति ने किया था शुभारंभ
बीएचयू अस्पताल में मरीजों के लिए निशुल्क ई रिक्शा संचालन सेवा के लिए 2018 में तत्कालीन एमएस प्रो. विजय नाथ मिश्रा की पहल पर आठ ई रिक्शा मिले थे। इसमें राज्यमंत्री रविंद्र जायसवाल ने एक, बलिया से पूर्व सांसद भरत सिंह ने दो, व्यापारियों ने तीन और काशी घाटवाक विश्वविद्यालय की ओर से दो ई रिक्शा मिले थे। सेवा का शुभारंभ 2018 में यूजीसी चेयरमैन प्रो. डीपी सिंह और कुलपति प्रो. राकेश भटनागर ने हरी झंडी दिखाकर किया था।
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