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UP: बीएचयू ने उद्योगों को सौंपी दो स्वदेशी प्रौद्योगिकियां, मुंबई और बंगलूरू की कंपनियों से समझौता; जानें खास

Sat, 18 Jul 2026 03:06 PM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: Aman Vishwakarma Updated Sat, 18 Jul 2026 03:06 PM IST
सार

बीएचयू ने उद्योग-अकादमिक सहयोग को बढ़ावा देते हुए अपनी दो विकसित स्वदेशी प्रौद्योगिकियों का लाइसेंस मुंबई की एमआरसी एग्रोटेक लिमिटेड और बंगलूरू की इंडियन हेल्थ सिस्टम्स को सौंपा। गेहूं की उन्नत किस्म और आयुर्वेद आधारित हेल्थ असेसमेंट टूल के व्यावसायिक उपयोग के लिए दोनों कंपनियों से एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए।

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BHU hands over two indigenous technologies to industries agreements signed companies from Mumbai Bengaluru
BHU - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

Varanasi News: काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) ने अनुसंधान को प्रयोगशाला से समाज और उद्योग तक पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए अपनी दो विकसित प्रौद्योगिकियों का लाइसेंस उद्योग साझेदारों को हस्तांतरित किया है। शुक्रवार को विश्वविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में मुंबई और बंगलूरू की दो प्रमुख कंपनियों के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। इस पहल को उद्योग-अकादमिक सहयोग को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

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कार्यक्रम में मुंबई स्थित एमआरसी एग्रोटेक लिमिटेड और बंगलूरू स्थित इंडियन हेल्थ सिस्टम्स (आईएचएस) के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। समझौते के तहत बीएचयू द्वारा विकसित गेहूं की उन्नत किस्म का लाइसेंस एमआरसी एग्रोटेक लिमिटेड को दिया गया। वहीं आयुर्वेद आधारित स्वास्थ्य आकलन (हेल्थ असेसमेंट) टूल का लाइसेंस इंडियन हेल्थ सिस्टम्स को हस्तांतरित किया गया।

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विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि इन तकनीकों के उद्योगों तक पहुंचने से शोध का लाभ सीधे किसानों, स्वास्थ्य क्षेत्र और आम नागरिकों तक पहुंचेगा। इससे विश्वविद्यालय में विकसित नवाचारों का व्यावसायिक उपयोग भी बढ़ेगा और आत्मनिर्भर भारत अभियान को मजबूती मिलेगी।

समझौता समारोह कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी की उपस्थिति में आयोजित हुआ। कुलसचिव राजन श्रीवास्तव ने दोनों कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ औपचारिक रूप से एमओयू पर हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर कृषि विज्ञान संस्थान और आयुर्वेद संकाय के वैज्ञानिक, शोधकर्ता तथा विश्वविद्यालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।

पूरी प्रक्रिया का समन्वय विश्वविद्यालय के बौद्धिक संपदा अधिकार (आईपीआर) एवं प्रौद्योगिकी हस्तांतरण प्रकोष्ठ ने किया। विश्वविद्यालय का उद्देश्य शोध और नवाचार को उद्योगों से जोड़कर ऐसी तकनीकों का विकास और प्रसार करना है, जिनका सीधा लाभ समाज को मिल सके।

बीएचयू प्रशासन ने कहा कि भविष्य में भी विभिन्न क्षेत्रों में विकसित प्रौद्योगिकियों के व्यावसायिक हस्तांतरण और उद्योगों के साथ साझेदारी को बढ़ावा दिया जाएगा, ताकि विश्वविद्यालय में होने वाला शोध देश के विकास और जनहित में अधिक प्रभावी भूमिका निभा सके।

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