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BHU बवाल मामले की एक रिपोर्ट सोशल मीडिया पर वायरल, जानिए इसका सच
न्यूज डेस्क, अमर उजाला,वाराणसी
Updated Wed, 07 Mar 2018 02:21 PM IST
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पिछले साल सितंबर में हुई थी छात्रा से छेड़छाड़ और लाठीचार्ज की घटना
- फोटो : अमर उजाला
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बीएचयू में सितंबर महीने में छात्रा से छेड़छाड़ और इसके विरोध में धरना दे रही छात्राओं पर लाठीचार्ज के मामले में एक रिपोर्ट को सोमवार को सोशल मीडिया पर वायरल किया गया है। बीएचयू परिसर में इस पर खूब चर्चा हो रही है।
हालांकि वायरल रिपोर्ट के बारे में विश्वविद्यालय प्रशासन के अधिकारी न तो पुष्टि कर रहे हैं और न ही इससे इन्कार कर रहे हैं। पूर्व कुलपति प्रो. जीसी त्रिपाठी ने इलाहाबाद में अमर उजाला संवाददाता से हुई बातचीत में वायरल हुई खबर से अनभिज्ञता जाहिर की है।
पढ़ेंः BHU छात्राओं पर लाठीचार्जः पांच माह बीते, जांच पर जांच लेकिन आंच किसी पर नहीं
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रिपोर्ट पीएम नरेंद्र मोदी के 12 मार्च के आगमन से पहले वायरल की गई है। छेड़छाड़ और लाठीचार्ज का मामला भी पीएम मोदी के अपने संसदीय क्षेत्र के सितंबर में आगमन के दौरान हुआ था।
घटना के बाद पीएम मोदी का बनारस का यह पहला दौरा होगा। कहा जा रहा है कि रिपोर्ट को विश्वविद्यालय के एक प्रोफेसर ने वायरल किया है। हालांकि इसके निहितार्थ तलाशे जा रहे हैं फिर भी इसे पीएम मोदी के आगमन पहले मामले को फिर से हवा देेने की मंशा माना जा रहा है।
बीएचयू परिसर में 21 सितंबर को छात्रा से छेड़खानी, फिर अगले दिन सुबह से छात्राओं का सिंह द्वार पर धरना और 23 सितंबर की रात में लाठीचार्ज की घटना पूरे देश में सुर्खियां बन गई थी। मामले में मानव संसाधन विकास मंत्रालय और पीएमओ से भी शिकायत हुई थी।
मामले के तूल पकड़ने पर पर पांच अलग-अलग कमेटी गठित की गई थीं। घटना के पांच महीने बाद भी अब तक किसी कमेटी की अधिकृत रिपोर्ट सामने नहीं आई है। नतीजतन, पूरे मामले में जवाबदेही तय नहीं हो पाई है।
घटना के बाद दो अक्तूबर को कुलपति प्रो. जीसी त्रिपाठी छुट्टी पर भेज दिए गए थे। 26 नवंबर 2017 को उनका कार्यकाल पूरा हो गया। तब से अब तक विश्वविद्यालय को नया कुलपति भी नहीं मिल सका है।
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हालांकि वायरल रिपोर्ट के बारे में विश्वविद्यालय प्रशासन के अधिकारी न तो पुष्टि कर रहे हैं और न ही इससे इन्कार कर रहे हैं। पूर्व कुलपति प्रो. जीसी त्रिपाठी ने इलाहाबाद में अमर उजाला संवाददाता से हुई बातचीत में वायरल हुई खबर से अनभिज्ञता जाहिर की है।
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पढ़ेंः BHU छात्राओं पर लाठीचार्जः पांच माह बीते, जांच पर जांच लेकिन आंच किसी पर नहीं
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रिपोर्ट पीएम नरेंद्र मोदी के 12 मार्च के आगमन से पहले वायरल की गई है। छेड़छाड़ और लाठीचार्ज का मामला भी पीएम मोदी के अपने संसदीय क्षेत्र के सितंबर में आगमन के दौरान हुआ था।
घटना के बाद पीएम मोदी का बनारस का यह पहला दौरा होगा। कहा जा रहा है कि रिपोर्ट को विश्वविद्यालय के एक प्रोफेसर ने वायरल किया है। हालांकि इसके निहितार्थ तलाशे जा रहे हैं फिर भी इसे पीएम मोदी के आगमन पहले मामले को फिर से हवा देेने की मंशा माना जा रहा है।
बीएचयू परिसर में 21 सितंबर को छात्रा से छेड़खानी, फिर अगले दिन सुबह से छात्राओं का सिंह द्वार पर धरना और 23 सितंबर की रात में लाठीचार्ज की घटना पूरे देश में सुर्खियां बन गई थी। मामले में मानव संसाधन विकास मंत्रालय और पीएमओ से भी शिकायत हुई थी।
मामले के तूल पकड़ने पर पर पांच अलग-अलग कमेटी गठित की गई थीं। घटना के पांच महीने बाद भी अब तक किसी कमेटी की अधिकृत रिपोर्ट सामने नहीं आई है। नतीजतन, पूरे मामले में जवाबदेही तय नहीं हो पाई है।
घटना के बाद दो अक्तूबर को कुलपति प्रो. जीसी त्रिपाठी छुट्टी पर भेज दिए गए थे। 26 नवंबर 2017 को उनका कार्यकाल पूरा हो गया। तब से अब तक विश्वविद्यालय को नया कुलपति भी नहीं मिल सका है।
बवाल मामले की चल रहीं जांचें
- राष्ट्रीय महिला आयोग की कार्यकारी अध्यक्ष रेखा शर्मा की अध्यक्षता में जांच कमेटी।
- क्राइम ब्रांच की जांच अभी लंबित है। कहा जा रहा है कि कुछ पहलू अभी बाकी हैं।
- मजिस्ट्रेटी जांच एडीएम प्रशासन एमएन उपाध्याय कर रहे हैं। रिपोर्ट अभी सौंपी नहीं है।
- हाईकोर्ट के अवकाश प्राप्त न्यायाधीश न्यायमूर्ति वीके दीक्षित कमेटी की रिपोर्ट का इंतजार है।
- विश्वविद्यालय की आंतरिक जांच कमेटी की रिपोर्ट भी अभी सामने नहीं आई है।
घटनाक्रम
21 सितंबर, 17: बीएचयू परिसर में शाम को छात्रा संग छेड़खानी
22 सितंबर, 17: सुबह छह बजे से सिंह द्वार पर छात्राओं का धरना
23 सितंबर, 17: रात 10 बजे कुलपति आवास के बाहर धरनारत छात्र-छात्राओं और एमएमवी गेट पर छात्राओं पर लाठीचार्ज
24 सितंबर, 17: छात्रावासों को खाली करने का आदेश
25 सितंबर, 17: बीएचयू में 2 अक्तूबर तक का अवकाश, मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश
26 सितंबर, 17: क्र्राइम बांच को जांच सौंपी गई। टीम पहुंची कैंपस
- क्राइम ब्रांच की जांच अभी लंबित है। कहा जा रहा है कि कुछ पहलू अभी बाकी हैं।
- मजिस्ट्रेटी जांच एडीएम प्रशासन एमएन उपाध्याय कर रहे हैं। रिपोर्ट अभी सौंपी नहीं है।
- हाईकोर्ट के अवकाश प्राप्त न्यायाधीश न्यायमूर्ति वीके दीक्षित कमेटी की रिपोर्ट का इंतजार है।
- विश्वविद्यालय की आंतरिक जांच कमेटी की रिपोर्ट भी अभी सामने नहीं आई है।
घटनाक्रम
21 सितंबर, 17: बीएचयू परिसर में शाम को छात्रा संग छेड़खानी
22 सितंबर, 17: सुबह छह बजे से सिंह द्वार पर छात्राओं का धरना
23 सितंबर, 17: रात 10 बजे कुलपति आवास के बाहर धरनारत छात्र-छात्राओं और एमएमवी गेट पर छात्राओं पर लाठीचार्ज
24 सितंबर, 17: छात्रावासों को खाली करने का आदेश
25 सितंबर, 17: बीएचयू में 2 अक्तूबर तक का अवकाश, मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश
26 सितंबर, 17: क्र्राइम बांच को जांच सौंपी गई। टीम पहुंची कैंपस