यूपी: काशी में रोइंग, कैनोइंग, डाइविंग, स्कीइंग वाटर स्पोर्ट्स की जमीन और स्कोप तलाशेगा बीएचयू; दिखेगा स्कोप
बीएचयू काशी में रोइंग, कैनोइंग, डाइविंग और स्कीइंग जैसे वाटर स्पोर्ट्स की संभावनाएं तलाशेगा। विश्वविद्यालय के खेल प्रोफेसर के अनुसार, गंगा और स्विमिंग पूल इसके लिए उपयुक्त स्थान हो सकते हैं। गुजरात में होने वाले कॉमनवेल्थ खेलों के मद्देनजर इन खेलों का दायरा बढ़ाने और खिलाड़ियों को अवसर देने पर जोर दिया जाएगा।
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काशी में वाटर स्पोर्ट्स की जमीन तलाश जाएगी। गंगा और बाकी जल संसाधनों में वाटर पोलो, रोइंग, सेलिंग, कैनोइंग, डाइविंग, वाटर स्कीइंग, स्कूबा डाइविंग, स्किंग, वाटर ग्लाइडिंग और वाटर सर्फिंग जैसे पानी में होने वाले गेम्स की ट्रेनिंग देकर युवाओं को कॉमनवेल्थ और एशियन गेम्स में उतारा जा सकता है। बीएचयू में शारीरिक शिक्षा विभाग के अध्यक्ष प्रो. कैप्टन बिक्रम सिंह के अनुसार, इन खेलों के लिए काशी सटीक जगह है। हल हुई तो इसका स्कोप चार साल बाद होने वाले गुजरात कॉमनवेल्थ में देखने को मिलेगा।
प्रो. सिंह के अनुसार, इनमें स्कूबा डाइविंग तो सिर्फ समुद्र में ही हो सकते हैं, बाकी स्विमिंग पूल और नदियों में। बीएचयू में वाटर पोलो और स्विमिंग की प्रतियोगिताएं होती हैं, लेकिन कैनोइंग, सेलिंग, रोइंग, कायकिंग, ओपन वाटर स्विमिंग गेम्स गंगा या झील नुमा पानी में आसानी से हो सकते हैं। इसके लिए गंगा में एक स्थान घाटों से इतर चिन्हित किया जा सकता है। काशी में गंगा सहित कई ऐसे बंद पड़े स्विमिंग पूल हैं जहां ट्रेनिंग दी जा सकती है।
विभागीय स्तर पर भी होगी बातचीत
प्रो. सिंह ने बताया कि अगले दो से तीन साल में पूर्वांचल भर से वाटर स्पोर्ट्स के खिलाड़ियों को तैयार करना होगा और गुजरात में होने जा रहे कॉमनवेल्थ गेम्स के पदकों को विदेशियों की झोली में जाने से रोकना होगा। विभागीय स्तर पर कार्य के साथ ही जिला प्रशासन और एनसीसी नेवल यूनिट के साथ भी सहयोग लिया जा सकता है।
वाटर स्पोर्ट्स में भारत पांचवीं से 11वें स्थान पर
एशिया में वाटर स्पोर्ट्स के मामले में डाइविंग छोड़ दें तो बाकी रैंक पांचवीं से लेकर 11वीं के बीच में है। कैनोइंग में 11वीं रैंक, सेलिंग में 10वीं, स्विमिंग में आठवीं, रोइंग में छठी रैंक, डाइविंग में तीसरी, वाटर पोलो में पांचवीं रैंक है। रोइंग में भारत को 28 पदक मिले हैं। सेलिंग में 23, डाइविंग में पांच, वाटर पोलो में तीन पदक आए हैं।