BHU कोविड वार्ड मामला: इकलौते बेटे के कूदकर जान देने पर परिजनों ने लगाए ये आरोप, 12वीं का था छात्र
वाराणसी के बाबतपुर कैथौली निवासी अंकित पाठक के बीएचयू सर सुंदरलाल अस्पताल के कोविड-19 वार्ड की चौथे मंजिल से कूदकर जान देने के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है। माता-पिता और बहन का रो-रो कर बुरा हाल है। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। अंकित 12वीं का छात्र था।
परिजनों का कहना है कि 14 अगस्त रात को अचानक अंकित की तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद आनन-फानन में पॉपुलर अस्पताल में भर्ती कराया था। अस्पताल का बिल ज्यादा होने के कारण परिजनों ने 15 अगस्त को डिस्चार्ज करा लिया था।
उसके बाद वो वाराणसी स्थित रिश्तेदार के आवास पर ले आए। 16 अगस्त की शाम 5 बजे उसकी फिर से तबीयत बिगड़ने लगी, तो फिर उसे बीएचयू ट्रामा सेंटर ले गए। यहां उसका इलाज चला।
परिजनों का कहना है कि अस्पताल में एमआरआई जांच करवाने के बाद रिपोर्ट की जानकारी परिजनों को नहीं होने से पहले ही बेटे को 17 अगस्त को बीएचयू अस्पताल के इमरजेंसी में भेज दिया गया। इमरजेंसी में तीसरे मंजिल पर 22 अगस्त तक इलाज चला था।
उससे पहले अस्पताल प्रबंधन ने 18 अगस्त को कोरोना वायरस की जांच करवाई थी। 21 तारीख को रीढ़ की हड्डी का जांच कराई थी। उसके बाद परिजनों को 10 दिन बाद हड्डी की जांच रिपोर्ट आने के बाद कहा गया था। इसी बीच उसकी रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आ गई।
परिजनों का कहना है कि अस्पताल प्रबंधन ने कहा कि रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई है। इसके बाद अस्पताल ने अंकित को 22 अगस्त को ही कोविड वार्ड में भर्ती कर लिया। परिजनों ने बताया कि डॉक्टर पहले से अवगत थे कि मरीज डिप्रेशन(तनाव) में है। साथ ही मरीज को बांध कर रखा जा रहा था।
परिजनों ने अस्पताल प्रशासन से सवाल पूछे हैं कि जब मरीज बंधा हुआ था, तो कैसे वो बिल्डिंग से कूद गया। इस दौरान वार्ड के लोग क्या कर रहे थे। पिता जितेंदर पाठक, मां माधुरी और बहन प्रीति मिश्रा का रो-रो कर बुरा हाल है। परिजनों ने सरकार से न्याय की गुहार लगाई है।