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ग्रीन और ब्लैक टी प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मददगार
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वाराणसी। बीएचयू के पूर्व छात्र ने एक ऐसा शोध किया है, जिसमें पाया कि कोरोना वायरस के प्रोटीन आरडीआरपी का प्रभाव कम करने में ग्रीन टी और ब्लैक टी लाभदायक है। इससे जहां संक्रमण का खतरा कम होगा वहीं रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ेगी। मूल रूप से जौनपुर के बदलापुर निवासी सत्यम सिंह ने बीएचयू से बीएससी किया है और इस समय आइआइटी इंदौर में शोध कर रहे हैं।
सत्यम के मुताबिक, प्रो. अविनाश सोनावाने, असिस्टेंट प्रो. डॉ. परमिलकर के साथ ही आईआईटी पालक्काड(केरल) के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. सुषाभान साधुखान सहित अन्य लोगों के साथ यह शोध किया गया है। बताया कि पहले चरण में सार्थक परिणाम सामने आए हैं। इसमें सत्यम ने ग्रीन टी, ब्लैक टी, नींबू, अंगूर, प्याज, टमाटर, संतरा सहित 100 तरीके के प्राकृतिक तत्वों पर शोध किया। जिसमें पाया कि कोरोना वायरस का प्रोटीन आरडीआरपी (आरएनए डिपेंडेंट आरएनए पोलिमरेज) संक्रमण बढ़ाने में मदद करता है। अगर इस प्रोटीन को सही समय पर दवा के साथ नियंत्रित कर दिया जाए तो कोरोना वायरस का संक्रमण कम हो सकता है।
मालिकूलर डायनोमिक सिमुलेशन विधि से देखा गया कि ग्रीन टी और ब्लैक टी में जो पोषक तत्व पाए जा रहे हैं, वह कोरोना वायरस के प्रोटीन को बंद करने में सहायक है। उनकी टीम का यह शोध अंतरराष्ट्रीय पत्रिका जनरल ऑफ बायो मॉलिक्यूलर स्ट्रक्चर एंड डायनेमिक से प्रकाशित हुआ है। उन्होंने बताया कि प्राकृतिक पदार्थों के सेवन से जहां रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ेगी, वहीं इसके सेवन से शरीर पर कोई दुष्प्रभाव नहीं पड़ता। सत्यम ने बताया कि ग्रीन टी मेलिसा इंस्टिट्यूट जिनोमिक्स एंड रिसर्च द्वारा फेज 2 के ट्रायल में है।
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ग्रीन टी और ब्लैक टी के शोध में सकारात्मक परिणाम आने और इसके प्रकाशन के बाद बहुत खुशी है। इसमें ऐसे तत्व पाए जाते हैं जिससे रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद मिलेगी। इसका सेहत पर कोई दुष्प्रभाव नहीं होगा। -डॉ. सुषाभान साधुखान, असिस्टेंट प्रोफेसर, आईआईटी पालक्काड
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सत्यम के मुताबिक, प्रो. अविनाश सोनावाने, असिस्टेंट प्रो. डॉ. परमिलकर के साथ ही आईआईटी पालक्काड(केरल) के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. सुषाभान साधुखान सहित अन्य लोगों के साथ यह शोध किया गया है। बताया कि पहले चरण में सार्थक परिणाम सामने आए हैं। इसमें सत्यम ने ग्रीन टी, ब्लैक टी, नींबू, अंगूर, प्याज, टमाटर, संतरा सहित 100 तरीके के प्राकृतिक तत्वों पर शोध किया। जिसमें पाया कि कोरोना वायरस का प्रोटीन आरडीआरपी (आरएनए डिपेंडेंट आरएनए पोलिमरेज) संक्रमण बढ़ाने में मदद करता है। अगर इस प्रोटीन को सही समय पर दवा के साथ नियंत्रित कर दिया जाए तो कोरोना वायरस का संक्रमण कम हो सकता है।
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मालिकूलर डायनोमिक सिमुलेशन विधि से देखा गया कि ग्रीन टी और ब्लैक टी में जो पोषक तत्व पाए जा रहे हैं, वह कोरोना वायरस के प्रोटीन को बंद करने में सहायक है। उनकी टीम का यह शोध अंतरराष्ट्रीय पत्रिका जनरल ऑफ बायो मॉलिक्यूलर स्ट्रक्चर एंड डायनेमिक से प्रकाशित हुआ है। उन्होंने बताया कि प्राकृतिक पदार्थों के सेवन से जहां रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ेगी, वहीं इसके सेवन से शरीर पर कोई दुष्प्रभाव नहीं पड़ता। सत्यम ने बताया कि ग्रीन टी मेलिसा इंस्टिट्यूट जिनोमिक्स एंड रिसर्च द्वारा फेज 2 के ट्रायल में है।
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ग्रीन टी और ब्लैक टी के शोध में सकारात्मक परिणाम आने और इसके प्रकाशन के बाद बहुत खुशी है। इसमें ऐसे तत्व पाए जाते हैं जिससे रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद मिलेगी। इसका सेहत पर कोई दुष्प्रभाव नहीं होगा। -डॉ. सुषाभान साधुखान, असिस्टेंट प्रोफेसर, आईआईटी पालक्काड