Varanasi: 22 महीने बाद वापस हुआ बीएचयू के बीडीएस की छात्रा का निलंबन, NEET परीक्षा में बनी थी सॉल्वर
मेडिकल दाखिलों के लिए होने वाली नीट परीक्षा में सॉल्वर बनी बीएचयू के बीडीएस की छात्रा जूली कुमारी का निलंबन 22 महीने बाद वापस हो गया।टना की रहने वाली 2019 बैच की छात्रा जूली को नीट में 720 में 522 अंक मिले थे और वह टॉपर रह चुकी हैं।
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मेडिकल में दाखिले के लिए कराई गई नीट में दूसरे की जगह परीक्षा देते पकड़ी गई आईएमएस बीएचयू की बीडीएस छात्रा जूली कुमारी का निलंबन 22 महीने बाद वापस हो गया। 12 सितंबर 2021 को सारनाथ के सोनातालाब स्थित परीक्षा केंद्र केंद्र से जूली की गिरफ्तारी के बाद सात अक्तूबर 2021 को उन्हें विश्वविद्यालय प्रशासन ने निलंबित किया था।
मूलरूप से पटना की रहने वाली 2019 बैच की छात्रा जूली को नीट में 720 में 522 अंक मिले थे और वह टॉपर रह चुकी हैं। वह बीएचयू दंत चिकित्सा विज्ञान संकाय से बीडीएस की पढ़ाई कर रही हैं। 12 सितंबर की परीक्षा में वह त्रिपुरा की हीना विश्वास की जगह परीक्षा देते पकड़ी गई थीं। कुलसचिव कार्यालय की ओर से गुरुवार को जारी आदेश के तहत 7 अक्तूबर, 2021 को जारी निलंबन के आदेश को वापस ले लिया गया है।
पैसे का लालच देकर गिरोह ने फंसाया था
बीएचयू की छात्रा जूली और उसकी मां बबिता को पैसे का लालच देकर गिरोह ने फंसाया था। चंद रुपये की लालच और जल्द ही तरक्की की सीढ़ी चढ़ने के आतुर सॉल्वर गिरोह ने छात्रा जूली के भाई अभय के जरिये मां बबिता से संपर्क किया और उन्हें रातों रात अमीर बनने का ख्वाब दिखाया।
मां ने बेटी का स्वर्णिम कॅरियर दांव पर लगाते हुए फर्जीवाड़े के इस दलदल में कदम रख दिया। बेटी को डॉक्टर बनाने का सपना देख रही मां ने रोते हुए पुलिसकर्मियों से कहा था कि पता नहीं था कि इस मुसीबत में फंस जाएंगे। जूली कुमारी के पिता मुन्ना पटना में सब्जी विक्रेता हैं।