{"_id":"59e4e5334f1c1bd0538b7df2","slug":"bhu-administration-taken-another-tough-step-in-campus","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"बीएचयू प्रशासन ने उठाया एक और सख्त कदम, छेड़खानी की घटनाओं को लेकर किया ये फैसला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बीएचयू प्रशासन ने उठाया एक और सख्त कदम, छेड़खानी की घटनाओं को लेकर किया ये फैसला
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Tue, 17 Oct 2017 02:12 PM IST
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बीएचयू परिसर में छेड़खानी, मारपीट की घटनाओं पर अंकुश के लिए सुरक्षा इंतजामों को पुख्ता बनाने में जुटे विश्वविद्यालय प्रशासन ने एक और सख्त कदम उठाया है। परिसर में रात दस बजे के बाद सिर्फ मुख्य द्वार से ही प्रवेश दिया जाएगा।
परिसर के बाकी द्वार रात दस से सुबह पांच बजे तक बंद रहेंगे। इन द्वारों पर वायरलेस से लैस विश्वविद्यालय के दो-दो सुरक्षाकर्मी चौबीस घंटे तैनात रहेंगे। कुछ गेटों पर पहले से कैमरे लगे हैं, बाकी गेटों पर भी जल्द ही कैमरे लगाकर उन्हें चीफ प्राक्टर कार्यालय में बन रहे कंट्रोल कमांड रूम से जोड़ा जाएगा।
बीएचयू अस्पताल आने वाले मरीजों, तीमारदारों के लिए प्रवेश की व्यवस्था पूर्ववत बनी रहेगी। बीएचयू के सिंह द्वार (मुख्य प्रवेश द्वार) के अलावा परिसर की चहारदीवारी से लगे सात प्रवेश द्वार हैं।
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सीर गेट, नरिया गेट एक, नरिया गेट दो, छित्तूपुर गेट, हैदराबाद गेट, करौंदी गेट और सर सुंदरलाल अस्पताल गेट। मुख्य द्वार और अस्पताल गेट के अलावा बाकी प्रवेश द्वारों को रात दस बजे बंद कर देने का नियम पहले से है लेकिन उसका पालन नहीं हो रहा था।
पिछले दिनों अंग्रेजी विभाग के पास छात्रा से छेड़खानी में दो बाहरी युवक पकड़े गए थे। चीफ प्राक्टर प्रो. रोयाना सिंह ने बताया कि रात दस बजे के बाद बाहरी लोग परिसर में प्रवेश नहीं करेंगे।
अपरिहार्य स्थिति में मुख्य द्वार से वे आ-जा सकेंगे। बाकी गेटों को रात दस बजे बंद करने का निर्देश चस्पा करा दिया गया है। छात्र-छात्राओं को भी ताकीद की गई है कि नियमों का अनुपालन कर सुरक्षा व्यवस्था में सहयोग करें।
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परिसर के बाकी द्वार रात दस से सुबह पांच बजे तक बंद रहेंगे। इन द्वारों पर वायरलेस से लैस विश्वविद्यालय के दो-दो सुरक्षाकर्मी चौबीस घंटे तैनात रहेंगे। कुछ गेटों पर पहले से कैमरे लगे हैं, बाकी गेटों पर भी जल्द ही कैमरे लगाकर उन्हें चीफ प्राक्टर कार्यालय में बन रहे कंट्रोल कमांड रूम से जोड़ा जाएगा।
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बीएचयू अस्पताल आने वाले मरीजों, तीमारदारों के लिए प्रवेश की व्यवस्था पूर्ववत बनी रहेगी। बीएचयू के सिंह द्वार (मुख्य प्रवेश द्वार) के अलावा परिसर की चहारदीवारी से लगे सात प्रवेश द्वार हैं।
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सीर गेट, नरिया गेट एक, नरिया गेट दो, छित्तूपुर गेट, हैदराबाद गेट, करौंदी गेट और सर सुंदरलाल अस्पताल गेट। मुख्य द्वार और अस्पताल गेट के अलावा बाकी प्रवेश द्वारों को रात दस बजे बंद कर देने का नियम पहले से है लेकिन उसका पालन नहीं हो रहा था।
पिछले दिनों अंग्रेजी विभाग के पास छात्रा से छेड़खानी में दो बाहरी युवक पकड़े गए थे। चीफ प्राक्टर प्रो. रोयाना सिंह ने बताया कि रात दस बजे के बाद बाहरी लोग परिसर में प्रवेश नहीं करेंगे।
अपरिहार्य स्थिति में मुख्य द्वार से वे आ-जा सकेंगे। बाकी गेटों को रात दस बजे बंद करने का निर्देश चस्पा करा दिया गया है। छात्र-छात्राओं को भी ताकीद की गई है कि नियमों का अनुपालन कर सुरक्षा व्यवस्था में सहयोग करें।
दूसरी बार एलडी गेस्ट हाउस पहुंचे अपर मुख्य सचिव
बीएचयू
- फोटो : अमर उजाला
बीएचयू कैंपस में छात्रा के साथ छेड़खानी, मारपीट आदि घटनाओं की जांच कर रहे कृषि उत्पादन आयुक्त आरपी सिंह दूसरी बार सोमवार को विश्वविद्यालय पहुंचे।
प्रदेश सरकार के निर्देश पर जांच कर रहे सिंह ने यहां एलडी गेस्ट हाउस में घटना से जुड़े विश्वविद्यालय के अधिकारियों के साथ ही कुछ छात्र-छात्राओं से भी बातचीत की।
इसके पहले दो अक्तूबर को वह बीएचयू आए थे और त्रिवेणी हॉस्टल जाकर छात्राओं से बातचीत की थी। एलडी गेस्ट हाउस में छात्र-छात्राओं का बयान दर्ज किया था।
उस दौरान उन्होंने घटना के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन को दोषी बताया था, जिसकी पुष्टि छात्र-छात्राओं ने की थी। वहीं, बीएचयू परिसर की सुरक्षा में लगे सुरक्षा कर्मियों को नई वर्दी मिलनी शुरू हो गई हैं।
अस्पताल, संकायों, विभागों, मुख्य द्वार सहित सभी द्वारों, ट्रामा सेंटर आदि जगहों पर तैनात सुरक्षा कर्मियों को पहले मिली खाकी वर्दी से ये वर्दी कुछ ज्यादा भा रही है।
नई वर्दी जो मिली है, उसमें शर्ट आसमानी रंग और पैंट गाढ़ा नीला है। चीफ प्राक्टर प्रो. रोयाना सिंह ने बताया कि दीवाली बाद तक सभी सुरक्षा कर्मियों की वर्दी आ जाएगी।
प्रदेश सरकार के निर्देश पर जांच कर रहे सिंह ने यहां एलडी गेस्ट हाउस में घटना से जुड़े विश्वविद्यालय के अधिकारियों के साथ ही कुछ छात्र-छात्राओं से भी बातचीत की।
इसके पहले दो अक्तूबर को वह बीएचयू आए थे और त्रिवेणी हॉस्टल जाकर छात्राओं से बातचीत की थी। एलडी गेस्ट हाउस में छात्र-छात्राओं का बयान दर्ज किया था।
उस दौरान उन्होंने घटना के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन को दोषी बताया था, जिसकी पुष्टि छात्र-छात्राओं ने की थी। वहीं, बीएचयू परिसर की सुरक्षा में लगे सुरक्षा कर्मियों को नई वर्दी मिलनी शुरू हो गई हैं।
अस्पताल, संकायों, विभागों, मुख्य द्वार सहित सभी द्वारों, ट्रामा सेंटर आदि जगहों पर तैनात सुरक्षा कर्मियों को पहले मिली खाकी वर्दी से ये वर्दी कुछ ज्यादा भा रही है।
नई वर्दी जो मिली है, उसमें शर्ट आसमानी रंग और पैंट गाढ़ा नीला है। चीफ प्राक्टर प्रो. रोयाना सिंह ने बताया कि दीवाली बाद तक सभी सुरक्षा कर्मियों की वर्दी आ जाएगी।