BHU: 20 हजार ईमेल यूजर्स को 5-20 जीबी का एक्सेस, IIT में 100 जीबी लिमिट; नहीं हटाया तो होगा डिलीट
Varanasi News: काशी हिन्दू विश्वविद्यालय ईमेल के स्टोरेज एक्सेस पर अब काम किया जा रहा है। प्रबंधन नीति-2025 के तहत अब एक्सेस को सीमित किया जाएगा। इसको लेकर सूचना भी जारी कर दी गई है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
IIT BHU: बीएचयू ने आधिकारिक ईमेल के स्टोरेज एक्सेस को सीमित कर दिया है। अब कैंपस के 20 हजार से ज्यादा ईमेल यूजर्स को अनलिमिटेड के बजाय 5 से 20 जीबी का ही डेटा स्टोरेज का एक्सेस मिलेगा।
जबकि आईआईटी बीएचयू में 100 जीबी तक का एक्सेस है। बीएचयू के कंप्यूटर सेंटर ने सूचना देते हुए आगाह किया है कि यदि 18 जुलाई तक अपने डेटा को लिमिट के अंतर्गत नहीं घटाया गया तो बिना किसी पूर्व सूचना के डेटा को डिलीट या ईमेल आईडी को निष्क्रिय किया जाएगा।
बीएचयू में विश्वविद्यालय ईमेल उपयोग और प्रबंधन नीति-2025 के तहत ये फैसला लिया गया है। इस सूचना के जारी होने के बाद बीएचयू के प्रोफेसरों और वैज्ञानिकों की बेचैनी बढ़ गई है, क्योंकि कई प्रोफेसर ऐसे हैं, जिनके ईमेल में 400 से लेकर 500 जीबी तक डेटा सुरक्षित है।
बीएचयू में पद संबंधी ईमेल आईडी, प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर, असिस्टेंट प्रोफेसर, स्थाई अधिकारियों और कर्मचारियों को सिर्फ 20 जीबी का एक्सेस मिलेगा। रिसर्च स्कॉलर्स को 10 जीबी और पीजी छात्रों और अस्थाई, कॉन्ट्रैक्चुअल व रिसर्च स्टाफ को 5-5 जीबी का ही एक्सेस मिलेगा।
मेल बॉक्स का इस्तेमाल सीमा से ज्यादा
बीएचयू के कंप्यूटर सेंटर ने वर्तमान मेल के इस्तेमाल पैटर्न की समीक्षा की तो पाया है कि बड़ी संख्या में उपयोगकर्ता आवंटित मेल बॉक्स का सीमा से अधिक उपयोग कर रहे हैं। इस बात को ध्यान में रख यूजर्स से अनुरोध है कि वे अपने विश्वविद्यालय ईमेल अकाउंट के इस्तेमाल की समीक्षा करें।
18 जुलाई तक पुराने ईमेल और डेटा को हटाकर या कहीं और ट्रांसफर कर एक्सेस की क्षमता को कम करें। 20 जीबी की लिमिट के बाद यदि डेटा आता है या आवंटित एक्सेस सीमा से ज्यादा इस्तेमाल किए जाने पर ईमेल अकाउंट निष्क्रिय कर दिया जाएगा। अतिरिक्त डेटा बिना किसी पूर्व सूचना के स्थाई रूप से हटाया भी जा सकता है।