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बीएचयू में 150 बेड की इमरजेंसी जल्द
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
Updated Thu, 15 Sep 2016 02:25 AM IST
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आईएमएस के 56वें वार्षिक समारोह का उद्घाटन करतीं अनुप्रिया पटेल, वीसी प्रो. जीसी त्रिपाठी व अन्य।
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बीएचयू के सर सुंदरलाल अस्पताल में 150 बेड की नई इमरजेंसी सेवा जल्द शुरू होगी। चिकित्सा विज्ञान संस्थान, बीएचयू के 56वें वार्षिक समारोह में मुख्य अतिथि स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्यमंत्री अनुप्रिया पटेल ने यह जानकारी दी। कहा कि 1500 बेड के सर सुंदरलाल अस्पताल में अभी 85 बेड की ही इमरजेंसी है, जो यहां आने वाली मरीजों की संख्या के लिहाज से बहुत कम है। नई इमरजेंसी से लाखों मरीजों को राहत मिल जाएगी। उन्होंने बीएचयू को कैंसर अस्पताल और आर्गन ट्रांसप्लांट सेंटर की सौगात जल्द मिलने का भरोसा दिलाया। कहा कि इसके लिए आईएमएस की ओर से मंत्रालय को दिए गए प्रस्ताव पर जल्द ही मुहर लगेगी।
स्वतंत्रता भवन में आयोजित समारोह में केंद्रीय राज्य मंत्री ने बताया कि मंत्रालय की ओर से बीएचयू अस्पताल को सेंटर फॉर एक्सीलेंस फॉर डायग्नोसिस एंड मैनेजमेंट ऑफ हीमोग्लोबिनोपैथीज और सिकल सेल डिजीज के मंजूरी दे दी गई है। सर सुंदरलाल अस्पताल और आईएमएस बीएचयू के संसाधनों में इजाफा करने के लिए मंत्रालय प्रयासरत है। बताया कि बीएचयू अस्पताल में जल्द ही राष्ट्रीय स्वास्थ्य योजना के तहत अमृत योजना की शुरुआत होने जा रही है। इसके तहत गरीब मरीजों को कैंसर, हृदय रोग की दवाओं के अलावा इंप्लांटेशन का खर्च 50 से 90 फीसदी तक कम हो जाएगा।
बताया कि संस्थान की ओर से स्नातकोत्तर स्तर की सीटें बढ़ाने के प्रस्ताव पर भी मंत्रालय विचार कर रहा है। हालांकि इस दौरान उन्होेेंने अपनी ओर से बीएचयू के लिए कोई नई घोषणा नहीं की। अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो. जीसी त्रिपाठी ने कहा कि संसाधनों की कमी के बावजूद बीएचयू अस्पताल मरीजों को बेहतर सेवा देने के लिए प्रतिबद्ध है। यही वजह है कि यहां नेपाल समेत छह राज्यों से मरीज आ रहे हैं। वार्षिक रिपोर्ट निदेशक प्रो. वीके शुक्ला ने प्रस्तुत की। स्वागत संकाय प्रमुख प्रो. जेपी ओझा ने किया। संचालन प्रो. नीलम मित्तल और प्रो. आनंद चौधरी ने किया। धन्यवाद ज्ञापन प्रो. गोपाल नाथ ने किया। इस दौरान पद्मश्री प्रो. टीके लहरी और प्रो. रामहर्ष सिंह को केंद्रीय राज्य मंत्री ने सम्मानित किया। इनके अलावा सेवानिवृत्त चिकित्सक और मेधावी छात्र-छात्राओं समेत विशिष्ट चिकित्सकों को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर प्रो. मनोरंजन साहू, प्रो. नरेश शर्मा व एमएस डॉ. ओपी उपाध्याय मंच पर मौजूद रहे।
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स्वतंत्रता भवन में आयोजित समारोह में केंद्रीय राज्य मंत्री ने बताया कि मंत्रालय की ओर से बीएचयू अस्पताल को सेंटर फॉर एक्सीलेंस फॉर डायग्नोसिस एंड मैनेजमेंट ऑफ हीमोग्लोबिनोपैथीज और सिकल सेल डिजीज के मंजूरी दे दी गई है। सर सुंदरलाल अस्पताल और आईएमएस बीएचयू के संसाधनों में इजाफा करने के लिए मंत्रालय प्रयासरत है। बताया कि बीएचयू अस्पताल में जल्द ही राष्ट्रीय स्वास्थ्य योजना के तहत अमृत योजना की शुरुआत होने जा रही है। इसके तहत गरीब मरीजों को कैंसर, हृदय रोग की दवाओं के अलावा इंप्लांटेशन का खर्च 50 से 90 फीसदी तक कम हो जाएगा।
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बताया कि संस्थान की ओर से स्नातकोत्तर स्तर की सीटें बढ़ाने के प्रस्ताव पर भी मंत्रालय विचार कर रहा है। हालांकि इस दौरान उन्होेेंने अपनी ओर से बीएचयू के लिए कोई नई घोषणा नहीं की। अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो. जीसी त्रिपाठी ने कहा कि संसाधनों की कमी के बावजूद बीएचयू अस्पताल मरीजों को बेहतर सेवा देने के लिए प्रतिबद्ध है। यही वजह है कि यहां नेपाल समेत छह राज्यों से मरीज आ रहे हैं। वार्षिक रिपोर्ट निदेशक प्रो. वीके शुक्ला ने प्रस्तुत की। स्वागत संकाय प्रमुख प्रो. जेपी ओझा ने किया। संचालन प्रो. नीलम मित्तल और प्रो. आनंद चौधरी ने किया। धन्यवाद ज्ञापन प्रो. गोपाल नाथ ने किया। इस दौरान पद्मश्री प्रो. टीके लहरी और प्रो. रामहर्ष सिंह को केंद्रीय राज्य मंत्री ने सम्मानित किया। इनके अलावा सेवानिवृत्त चिकित्सक और मेधावी छात्र-छात्राओं समेत विशिष्ट चिकित्सकों को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर प्रो. मनोरंजन साहू, प्रो. नरेश शर्मा व एमएस डॉ. ओपी उपाध्याय मंच पर मौजूद रहे।
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