BHU: बीपीएड और एमपीएड की 15% सीटें छात्राओं के लिए आरक्षित, परीक्षा में फेल हुए तो...; पढ़ें खास जानकारी
काशी हिन्दू विश्वविद्यालय में पीजी दाखिले को लेकर अभ्यर्थियों ने तैयारियां शुरू कर दी है।पहले सेमेस्टर और तीसरे सेमेस्टर में जाने वाले छात्रों को उसी विषय में फिर से प्रवेश परीक्षा देने की अनुमति नहीं होगी।
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बीएचयू के पीजी दाखिले के लिए जारी 2026 सत्र की बुलेटिन में पहली बार आवेदकों को कोलेक्ट्रल और गारंटर मुक्त एजुकेशन लोन लेने की भी व्यवस्था सुझाई गई है। इसके अलावा बीपीईडी और एमपीईडी कोर्स की 15 फीसदी सीटें सिर्फ छात्राओं को ही आवंटित होंगी।
इसके बाद कोई सीट खाली होती है तो छात्रों से भरी जाएंगी। पहले सेमेस्टर और तीसरे सेमेस्टर में जाने वाले छात्रों को उसी विषय में फिर से प्रवेश परीक्षा देने की अनुमति नहीं होगी। यदि दूसरे सेमेस्टर में अपर्याप्त अटेडेंस या फिर परीक्षा में फेल हो गए तो ही फिर से प्रवेश परीक्षा देने का मौका मिलेगा। बीएचयू मार्च में सीटों के आवंटन की प्रक्रिया शुरू करेगा।
इस पोर्टल पर मिलेगा लोन
पीएम विद्यालक्ष्मी स्कीम के तहत एडमिशन पा चुके छात्र-छात्राओं को https://pmvidyalaxmi.co.in पोर्टल पर चेक किया जा सकता है। अभ्यर्थियों को पोर्टल पर किसी तरह का कोई शुल्क नहीं देना होगा। लोन उन्हीं को मिलेगा जिन छात्रों का एडमिशन हो चुका होगा। भारत सरकार की ओर से 7.5 लाख तक के ऋण पर 75 फीसदी ऋण गारंटी दी जाएगी। आठ लाख तक की वार्षिक पारिवारिक आय वाले छात्रों के लिए ये व्यवस्था है। तीन फीसदी ब्याज सब्सिडी भी मिलेगी।
छात्रों की ग्रेड शीट परसेंटेज में ही हो
बीएचयू की ओर से जारी पीजी की नई बुलेटिन के अनुसार आवेदन के दौरान किसी तरह का कोई फर्जी सर्टिफिकेट अपलोड किया गया तो उसे रिजेक्ट कर बीएचयू उस आवेदक को प्रवेश परीक्षा देने पर हमेशा के लिए प्रतिबंध लगा देगा। वहीं, काउंसिलिंग के दौरान भी यदि मांगे दस्तावेजों में कोई गड़बड़ी मिली तो भी प्रवेश रद्द कर दिया जाएगा। योग्यता के लिए अभ्यर्थियों की ग्रेड शीट परसेंटेज में ही होनी चाहिए। एनईपी और गैर एनईपी वाले कोर्स की योग्यता अलग-अलग दी गई है।