Varanasi: तीन साल पहले भूमि पूजन, सात करोड़ रुपये जारी, नहीं रखी एक भी ईंट; नेपाली मंदिर और वृद्धाश्रम का हाल
श्रीसाम्राज्येश्वर पशुपतिनाथ मंदिर एवं धर्मशाला संचालक समिति ट्रस्ट द्वारा संचालित वृद्धाश्रम के जीर्णोद्धार के लिए दो साल पहले रुपये जारी हुए थे। यहां अब छह बुजुर्ग महिलाएं ही रहकर अपनी जिंदगी काट रही हैं। अन्य महिलाएं इधर-उधर चली गई।
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भारत और नेपाल की मैत्री का प्रतीक नेपाली मंदिर और वृद्धाश्रम जीर्णोद्धार का इंतजार कर रहा है। तीन साल पहले 2022 में नेपाल के प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा ने वृद्धाश्रम के निर्माण के लिए भूमि पूजन किया था।
नेपाल सरकार की ओर से निर्माण के लिए सात करोड़ रुपये भी जारी किए गए लेकिन आज तक निर्माण के लिए एक ईंट भी नहीं रखी जा सकी। ललिता घाट पर स्थित साम्राज्येश्वर पशुपतिनाथ मंदिर (नेपाली मंदिर) में बना हुआ वृद्धाश्रम पूरी तरह से जर्जर हो चुका है। वहां रहने वाली 22 महिलाओं ने आश्रम छोड़ दिया है।
इसमें से कई महिलाएं शहर के आश्रमों में हैं। कुछ नेपाल लौट गई हैं। लेकिन, छह महिलाएं अब भी मंदिर क्षेत्र के बरामदे में दिन काट रही हैं। श्रीसाम्राज्येश्वर पशुपतिनाथ मंदिर एवं धर्मशाला संचालक समिति ट्रस्ट द्वारा संचालित वृद्धाश्रम के जीर्णोद्धार के लिए नेपाल सरकार ने दो साल पहले सात करोड़ रुपये आवंटित कर दिए थे। इसके बावजूद काम शुरू नहीं हुआ।
ट्रस्ट के महासचिव गोपाल प्रसाद अधिकारी ने कहा कि नेपाल सरकार और यूपी सरकार के बीच मध्यस्थता कर रहे भारत के विदेश मंत्रालय में कहां और क्यों फाइल रुकी है यह समझ नहीं आ रहा है?
हमने भारत में नेपाल के राजदूत से बात की तो पता चला कि दूतावास को लगता है कि वृद्धाश्रम के जीर्णोद्धार के लिए सात करोड़ रुपये की राशि पर्याप्त नहीं है। ऐसे में उन्होंने नेपाल सरकार से बात करके अतिरिक्त धनराशि का प्रबंध भी कर लिया है लेकिन फिर भी काम शुरू नहीं हो पा रहा है। जिस भवन में वृद्धाश्रम संचालित होता है वह इतना जर्जर हो चुका है कि कभी भी ढह सकता है।