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भदोही स्कूल वैन आग प्रकरण: जिंदगी के लिए मौत से जूझ रहे पांच मासूम, सदमे में परिजन
Mon, 14 Jan 2019 10:39 AM IST
utpal utpal
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
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Published by: utpal utpal
Updated Mon, 14 Jan 2019 10:39 AM IST
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बीएचयू ट्रामा सेंटर में चल रहा 19 बच्चों का इलाज
- फोटो : amar ujala
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भदोही में शनिवार को स्कूल वैन में आग लगने से झुलसे बच्चों की हालत में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है। सभी का उपचार बीएचयू ट्रामा सेंटर में चल रहा है। गंभीर रूप से झुलसे पांच मासूम रविवार को भी जिंदगी और मौत के बीच जूझते रहे। शासन के निर्देश पर आईसीयू कक्ष में बच्चों को वरिष्ठ चिकित्सकों की निगरानी में उपचार किया जा रहा है।
वहीं 14 बच्चों को जनरल सर्जरी वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया है। यहां चिकित्सक, पैरामेडिकल स्टाफ बच्चों पर नजर बनाए हुए हैं। रविवार को ट्रामा सेंटर में पहुंचे भदोही के डीएम राजेंद्र प्रसाद ने बच्चों को देखा और परिजनों से बातचीत की। बता दें कि शनिवार को स्कूल वैन में आग लगने से 19 बच्चे झुलस गए थे।
भदोही में प्राथमिक उपचार के बाद दोपहर में सभी को बीएचयू ट्रामा सेंटर लाया गया, यहां पांच बच्चों को आईसीयू में भर्ती कराया गया, बाकी का इमरजेंसी में इलाज हुआ। इस बीच जिन बच्चों का शनिवार को रेड जोन में रखकर इलाज किया गया, उन्हें जनरल सर्जरी वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया। यहां भर्ती करीब दस बच्चों का चेहरा अधिक झुलसा है, तो कुछ के हाथ-पैर में चोट आई है।
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इसमें कुछ की आंखों से दिखाई भी नहीं दे रहा है। उनके चेहरे पर पट्ट बांधी गई है। चिकित्सकों के मुताबिक तीन-चार दिन बाद पट्टी खुलने के बाद ही पता चलेगा कि आंख और चेहरे पर घाव कितना है। इधर, ट्रामा सेंटर के बाहर परिजनों की भीड़ लगी रही। हर कोई घटना के कारणों से लेकर बच्चों के इलाज तक की चर्चा करता रहा।
पांच-पांच हजार रुपये और दो-दो कंबल दिए
स्कूल वैन में आग लगने से जो बच्चे झुलसे हैं, उनके परिजनों को रविवार को भदोही जिला प्रशासन की ओर से पांच-पांच हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी गई। जिलाधिकारी के निर्देश पर तहसीलदार ने भर्ती बच्चों की सूची से मिलान कर उनके परिजनों को आर्थिक सहायता और दो-दो कंबल दिए।
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वहीं 14 बच्चों को जनरल सर्जरी वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया है। यहां चिकित्सक, पैरामेडिकल स्टाफ बच्चों पर नजर बनाए हुए हैं। रविवार को ट्रामा सेंटर में पहुंचे भदोही के डीएम राजेंद्र प्रसाद ने बच्चों को देखा और परिजनों से बातचीत की। बता दें कि शनिवार को स्कूल वैन में आग लगने से 19 बच्चे झुलस गए थे।
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भदोही में प्राथमिक उपचार के बाद दोपहर में सभी को बीएचयू ट्रामा सेंटर लाया गया, यहां पांच बच्चों को आईसीयू में भर्ती कराया गया, बाकी का इमरजेंसी में इलाज हुआ। इस बीच जिन बच्चों का शनिवार को रेड जोन में रखकर इलाज किया गया, उन्हें जनरल सर्जरी वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया। यहां भर्ती करीब दस बच्चों का चेहरा अधिक झुलसा है, तो कुछ के हाथ-पैर में चोट आई है।
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इसमें कुछ की आंखों से दिखाई भी नहीं दे रहा है। उनके चेहरे पर पट्ट बांधी गई है। चिकित्सकों के मुताबिक तीन-चार दिन बाद पट्टी खुलने के बाद ही पता चलेगा कि आंख और चेहरे पर घाव कितना है। इधर, ट्रामा सेंटर के बाहर परिजनों की भीड़ लगी रही। हर कोई घटना के कारणों से लेकर बच्चों के इलाज तक की चर्चा करता रहा।
पांच-पांच हजार रुपये और दो-दो कंबल दिए
स्कूल वैन में आग लगने से जो बच्चे झुलसे हैं, उनके परिजनों को रविवार को भदोही जिला प्रशासन की ओर से पांच-पांच हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी गई। जिलाधिकारी के निर्देश पर तहसीलदार ने भर्ती बच्चों की सूची से मिलान कर उनके परिजनों को आर्थिक सहायता और दो-दो कंबल दिए।
वैन हादसे की हो उच्चस्तरीय जांच
झुलसे बच्चों का हाल लेते विधायक और कुलपति
- फोटो : amar ujala
स्कूल वैन दुर्घटना को लेकर भदोही विधायक ने तीन दिन के भीतर अवैध स्कूलों को बंद करने को कहा है। इसके साथ ही विभिन्न संगठनों ने दोषी अफसरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर हादसे की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की।
वर्ष 2016 में कैयरमऊ के समीप ट्रेन दुर्घटना में आठ बच्चों की मौत हो गई थी। उसमें भी चालक संग प्रबंधतंत्र की लापरवाही सामने आई थी। उस घटना के बाद कुछ दिनों तक प्रशासन की ओर से कार्रवाई हुई, लेकिन बाद में स्थिति जस की तस हो गई। लखनों में रविवार को हुई घटना के बाद बेसिक शिक्षा अधिकारी और एआरटीओ के खिलाफ लोग नाराज हैं।
हिंदू धर्म रक्षा मंच के आलोक कुमार ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर एआरटीओ, बीएसए और संबंधित क्षेत्र के पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की। पत्रक में कहा कि कैयरमऊ में आठ बच्चों की मौत के बाद भी विभागीय अफसर संजीदा नहीं हुए। राष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन के प्रदेश सचिव नंदलाल शुक्ला ने आयोग को पत्र भेजकर एआरटीओ और बीएसए पर कार्रवाई की मांग की।
कहा कि अवैध स्कूलों के संचालन में बीएसए और नियम विरुद्ध चार पहिया वैन चलने में एआरटीओ दोषी हैं। दोनों विभागों की लापरवाही से 19 बच्चे जिंदगी और मौत से जूझ रहे हैं। दोनों अफसरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की कार्रवाई की जाए।
वहीं दूसरी ओर भदोही विधायक रवींद्रनाथ त्रिपाठी ने सुरियावां के नेतानगर में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि विभागीय अधिकारियों से ऐसे विद्यालयों को बंद कराने के लिए कहा गया है। उन्होंने कहा कि शिक्षा और परिवहन विभाग के अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए वह मुख्यमंत्री को पत्र भेजेंगे। कहा कि झुलसे बच्चों का धनाभाव के कारण इलाज नहीं रुकेगा। इसके लिए वह खुद खर्च करेंगे।
वर्ष 2016 में कैयरमऊ के समीप ट्रेन दुर्घटना में आठ बच्चों की मौत हो गई थी। उसमें भी चालक संग प्रबंधतंत्र की लापरवाही सामने आई थी। उस घटना के बाद कुछ दिनों तक प्रशासन की ओर से कार्रवाई हुई, लेकिन बाद में स्थिति जस की तस हो गई। लखनों में रविवार को हुई घटना के बाद बेसिक शिक्षा अधिकारी और एआरटीओ के खिलाफ लोग नाराज हैं।
हिंदू धर्म रक्षा मंच के आलोक कुमार ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर एआरटीओ, बीएसए और संबंधित क्षेत्र के पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की। पत्रक में कहा कि कैयरमऊ में आठ बच्चों की मौत के बाद भी विभागीय अफसर संजीदा नहीं हुए। राष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन के प्रदेश सचिव नंदलाल शुक्ला ने आयोग को पत्र भेजकर एआरटीओ और बीएसए पर कार्रवाई की मांग की।
कहा कि अवैध स्कूलों के संचालन में बीएसए और नियम विरुद्ध चार पहिया वैन चलने में एआरटीओ दोषी हैं। दोनों विभागों की लापरवाही से 19 बच्चे जिंदगी और मौत से जूझ रहे हैं। दोनों अफसरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की कार्रवाई की जाए।
वहीं दूसरी ओर भदोही विधायक रवींद्रनाथ त्रिपाठी ने सुरियावां के नेतानगर में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि विभागीय अधिकारियों से ऐसे विद्यालयों को बंद कराने के लिए कहा गया है। उन्होंने कहा कि शिक्षा और परिवहन विभाग के अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए वह मुख्यमंत्री को पत्र भेजेंगे। कहा कि झुलसे बच्चों का धनाभाव के कारण इलाज नहीं रुकेगा। इसके लिए वह खुद खर्च करेंगे।
बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य की कर रहे कामना
स्कूल वैन में झुलसे बच्चों के घरों पर घटना के दूसरे दिन रविवार को सन्नाटा पसरा रहा। परिवार के ज्यादातर सदस्य बीएचयू में ॥भर्ती बच्चों का उपचार करा रहे हैं। महिलाओं की आंखें नम रही। खबर पाने के बाद पहुंच रहे रिश्तेदार उन्हें सांत्वना देकर बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य की कामना कर रहे हैं।
स्कूल वैन में भगवास, शिवरामपुर और लखनो गांव के बच्चे थे। जिसमें भगवास और शिवरामपुर के 15 बच्चे रहे। आईसीयू में भर्ती दिशा, आयुष और माही के घर भगवास में रविवार को भी सन्नाटा पसरा रहा। घर के अधिकांश सदस्य बीएचयू में बच्चों के साथ हैं जबकि महिलाएं सदमें में है। अचानक हुई घटना से परिवार वाले परेशान हो गए हैं। घर पर आने वाले सगे-संबंधी बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य की कामना कर रहे हैं।
वैन हादसे में पुलिस भी जिम्मेदार
वैन हादसे की घटना को लेकर पूर्व छात्रनेताओं ने भी नाराजगी जताई। पवन मालवीय ने कहा कि उक्त घटना में बीएसए, एआरटीओ संग भी पुलिस भी दोषी है। चौराहों पर चेकिंग के नाम पर सिर्फ वसूली की जाती है। ऐसे वाहनों को बेधड़क जाने दिया जाता है। ज्ञानपुर जिला मुख्यालय पर ऐसी घटना निंदनीय है। दोषियों पर कार्रवाई की मांग की। धनगर महासभा के मंडलीय अध्यक्ष अखिलेश प्रकाश पाल ने आरोपियों की गिरफ्तारी और दोषी अफसरों पर कार्रवाई की मांग की। कांग्रेस जिला महासचिव राजेश दूबे और अनुपम आनंद उपाध्याय ने डीएम से उचित कार्रवाई की मांग की।
स्कूल वैन में भगवास, शिवरामपुर और लखनो गांव के बच्चे थे। जिसमें भगवास और शिवरामपुर के 15 बच्चे रहे। आईसीयू में भर्ती दिशा, आयुष और माही के घर भगवास में रविवार को भी सन्नाटा पसरा रहा। घर के अधिकांश सदस्य बीएचयू में बच्चों के साथ हैं जबकि महिलाएं सदमें में है। अचानक हुई घटना से परिवार वाले परेशान हो गए हैं। घर पर आने वाले सगे-संबंधी बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य की कामना कर रहे हैं।
वैन हादसे में पुलिस भी जिम्मेदार
वैन हादसे की घटना को लेकर पूर्व छात्रनेताओं ने भी नाराजगी जताई। पवन मालवीय ने कहा कि उक्त घटना में बीएसए, एआरटीओ संग भी पुलिस भी दोषी है। चौराहों पर चेकिंग के नाम पर सिर्फ वसूली की जाती है। ऐसे वाहनों को बेधड़क जाने दिया जाता है। ज्ञानपुर जिला मुख्यालय पर ऐसी घटना निंदनीय है। दोषियों पर कार्रवाई की मांग की। धनगर महासभा के मंडलीय अध्यक्ष अखिलेश प्रकाश पाल ने आरोपियों की गिरफ्तारी और दोषी अफसरों पर कार्रवाई की मांग की। कांग्रेस जिला महासचिव राजेश दूबे और अनुपम आनंद उपाध्याय ने डीएम से उचित कार्रवाई की मांग की।
मुआवजा देने के लिए चक्काजाम
स्कूली वैन में 19 बच्चों के झुलसने की घटना से नाराज सशक्त समाजवादी पार्टी और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के कार्यकर्ताओं के साथ नागरिकों ने रविवार को हॉस्टल चौराहे पर जाम लगाया। उन्होंने पीड़ित परिवारों को एक-एक लाख मुुवावजा और दोषी एआरटीओ, बीएसए के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की मांग की गई। इस बारे में एडीएम को ज्ञापन सौंप गया। पुलिस के समझाने पर एक घंटे बाद जाम समाप्त हुआ।
लखनों गांव के पास शनिवार को एससी कान्वेंट स्कूल वैन में गैस सिलिंडर के रिसाव से आग लग गई थी। जिसमें 19 बच्चे समेत दो अन्य लोग झुलसकर घायल हो गए थे। इस मामले को लेकर रविवार को सशक्त समाजवादी और भारतीय कम्यूनिस्ट पार्टी के पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं ने रविवार को सुबह 11 बजे ज्ञानपुर के हॉस्टल चौराहे पर जाम लगा दिया। जिला प्रशासन से एआरटीओ और बीएसए को तत्काल निलंबित करने और विद्यालय संचालक को गिरफ्तार करने की मांग की गई।
ससपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बैजनाथ यादव और भाकपा के जिला सहायक मंत्री भूलाल पाल ने आरोप लगाया की दोनों अधिकारी विद्यालय संचालकों से मिलकर उन्हें अनियमिता की छूट दे रखी है। कहा कि इन्हें तत्काल निलंबित नहीं करने पर जिला प्रशासन के खिलाफ आंदोलन किया जाएगा। घंटेभर जाम के बाद मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एडीएम को सौंपा गया। घायल बच्चों के परिजनों को एक-एक लाख की आर्थिक सहायता के साथ बेहतर उपचार की मांग की।
लखनों गांव के पास शनिवार को एससी कान्वेंट स्कूल वैन में गैस सिलिंडर के रिसाव से आग लग गई थी। जिसमें 19 बच्चे समेत दो अन्य लोग झुलसकर घायल हो गए थे। इस मामले को लेकर रविवार को सशक्त समाजवादी और भारतीय कम्यूनिस्ट पार्टी के पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं ने रविवार को सुबह 11 बजे ज्ञानपुर के हॉस्टल चौराहे पर जाम लगा दिया। जिला प्रशासन से एआरटीओ और बीएसए को तत्काल निलंबित करने और विद्यालय संचालक को गिरफ्तार करने की मांग की गई।
ससपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बैजनाथ यादव और भाकपा के जिला सहायक मंत्री भूलाल पाल ने आरोप लगाया की दोनों अधिकारी विद्यालय संचालकों से मिलकर उन्हें अनियमिता की छूट दे रखी है। कहा कि इन्हें तत्काल निलंबित नहीं करने पर जिला प्रशासन के खिलाफ आंदोलन किया जाएगा। घंटेभर जाम के बाद मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एडीएम को सौंपा गया। घायल बच्चों के परिजनों को एक-एक लाख की आर्थिक सहायता के साथ बेहतर उपचार की मांग की।
स्कूलों की जांच के लिए टीम गठित
घटना के बाद डीएम राजेंद्र प्रसाद ने सख्त रवैया अख्तियार कर लिया है। अवैध स्कूलों संग वाहनों की जांच के लिए सीडीओ हरिशंकर की अध्यक्षता में पांच अधिकारियों की टीम गठित कर दी है। अलग-अलग बिंदुओ पर जांच करने के लिए निर्देश दिया।
डीएम राजेंद्र प्रसाद ने जांच टीम में जिला विद्यालय निरीक्षक अशोक कुमार चौरसिया, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अमित कुमार, उप संभागिय परिवहन अधिकारी प्रशासन सत्येंद्र कुमार यादव, प्रर्वतन, यातायात निरीक्षक को बनाया गया है। जांच टीम वाहन में क्षमता से अत्यधिक बच्चों को भरकर ले जाने वाले वाहनों की जांच करेगी।
इसी तरह स्कूल के कक्षों की संख्या, स्कूल में कक्षों की संख्या के सापेक्ष बच्चों के बैठने की संख्या, स्कूल में कार्यरत अध्यापक की संख्या और उनकी योग्यता, स्कूल में कुल पंजीकृत बच्चों की संख्या, पंजीकृत बच्चों की संख्या के सापेक्ष उनके आने-जाने वालों के लिए स्कूल के उपलब्ध वाहनों की संख्या, स्कूल वाहन से आने जाने वाले बच्चों की संख्या शामिल रहेगी।
इसी तरह बच्चों से ली जाने वाली प्रतिमाह फीस कक्षावार दर, बच्चों की प्रतिवर्ष फीस बढाने, वाहन चालक के पास ड्राइविंग लाइसेंस है या नही, वाहन परिवहन कार्यालय में पंजीकृत है या नही को देखा जाएगा। डीएम ने जांच टीम को 23 जनवरी तक रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।
डीएम राजेंद्र प्रसाद ने जांच टीम में जिला विद्यालय निरीक्षक अशोक कुमार चौरसिया, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अमित कुमार, उप संभागिय परिवहन अधिकारी प्रशासन सत्येंद्र कुमार यादव, प्रर्वतन, यातायात निरीक्षक को बनाया गया है। जांच टीम वाहन में क्षमता से अत्यधिक बच्चों को भरकर ले जाने वाले वाहनों की जांच करेगी।
इसी तरह स्कूल के कक्षों की संख्या, स्कूल में कक्षों की संख्या के सापेक्ष बच्चों के बैठने की संख्या, स्कूल में कार्यरत अध्यापक की संख्या और उनकी योग्यता, स्कूल में कुल पंजीकृत बच्चों की संख्या, पंजीकृत बच्चों की संख्या के सापेक्ष उनके आने-जाने वालों के लिए स्कूल के उपलब्ध वाहनों की संख्या, स्कूल वाहन से आने जाने वाले बच्चों की संख्या शामिल रहेगी।
इसी तरह बच्चों से ली जाने वाली प्रतिमाह फीस कक्षावार दर, बच्चों की प्रतिवर्ष फीस बढाने, वाहन चालक के पास ड्राइविंग लाइसेंस है या नही, वाहन परिवहन कार्यालय में पंजीकृत है या नही को देखा जाएगा। डीएम ने जांच टीम को 23 जनवरी तक रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।