{"_id":"5e8e03ca8ebc3e78ad1751cd","slug":"bhadohi-ram-avatar-feeding-dogs-in-mumbai-varanasi-news-vns519576519","type":"story","status":"publish","title_hn":"मुंबई में कुत्तों को खिला रहे भदोही राम अवतार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मुंबई में कुत्तों को खिला रहे भदोही राम अवतार
विज्ञापन
मुंबई। कोरोना वायरस के विश्वव्यापी संकट में इंसानों के साथ साथ सड़क पर रहने वाले बेजुबान जानवरों के सामने भी भोजन का संकट खड़ा हो गया है। इस मुश्किल समय मे कुछ गैरसरकारी संस्थाओं की तरफ से पशुओं के लिए चारे आदि के प्रबंध किये जा रहे हैं, लेकिन मुंबई में भूखे जानवरों का सहारा टैक्सी चालक राम अवतार भी है जो संकट की इस घड़ी में सुबह और शाम उन जानवरों को खाना खिला रहे हैं, जो बेसहारा हैं।
रामअवतार मिश्र मुंबई में टैक्सी चलाते हैं। वह पश्चिमी उपनगर अंधेरी के साकीनाका इलाके में रहते हैं। राम अवतार मूलत: उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के ज्ञानपुर तहसील स्थित काधिया गांव के निवासी हैं। वह बताते हैं कि पिछले 6-7 सालों से बेसहारा कुत्ते और बिल्लियों को खाना खिला रहे हैं। 21 दिन के लॉक डाउन में आम लोगों के साथ ही इन पशुओं को भी खाने के लाले पड़ गए हैं। चूंकि इस समय विषम परिस्थिति है, इसलिए जानवर भी भूखे रह रहे हैं। राम अवतार रोजाना करीब 50 कुत्तो को बिस्कुट इत्यादि खिलाते हैं। इस समय लॉक डाउन की स्थिति में वे सुबह और शाम कुत्तो और बिल्लियों को खिलाने में करीब 500 रुपये खर्च कर रहे है। वह कहते है कि पहले आम दिनों में 150 से 200 रुपए में काम हो जाता था लेकिन इस समय ज्यादा खर्चा हो रहा है। राम अवतार टेक्सी चलाते हैं लेकिन इस समय वह भी बंद है। ऐसे में उनका खुद का खर्च चलाना मुश्किल हो गया है फिरभी दुकानदार के यहां उधारी लेकर बेसहारा जानवरों को खाना खिला रहे हैं। हालांकि कभी-कभी कुछ लोग उन्हें पशुओं के भोजन खिलाने में आर्थिक मदद भी कर देते हैं जिसे वे सहर्ष स्वीकार कर लेते हैं। राम अवतार ने कहा कि लॉक डाउन खत्म होने पर टैक्सी चलाकर दुकानदार का बकाया लौटा दूंगा। परन्तु इस समय उन बेसहारा जानवरों को भोजन की ज्यादा जरूरत है।
विज्ञापन
रामअवतार मिश्र मुंबई में टैक्सी चलाते हैं। वह पश्चिमी उपनगर अंधेरी के साकीनाका इलाके में रहते हैं। राम अवतार मूलत: उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के ज्ञानपुर तहसील स्थित काधिया गांव के निवासी हैं। वह बताते हैं कि पिछले 6-7 सालों से बेसहारा कुत्ते और बिल्लियों को खाना खिला रहे हैं। 21 दिन के लॉक डाउन में आम लोगों के साथ ही इन पशुओं को भी खाने के लाले पड़ गए हैं। चूंकि इस समय विषम परिस्थिति है, इसलिए जानवर भी भूखे रह रहे हैं। राम अवतार रोजाना करीब 50 कुत्तो को बिस्कुट इत्यादि खिलाते हैं। इस समय लॉक डाउन की स्थिति में वे सुबह और शाम कुत्तो और बिल्लियों को खिलाने में करीब 500 रुपये खर्च कर रहे है। वह कहते है कि पहले आम दिनों में 150 से 200 रुपए में काम हो जाता था लेकिन इस समय ज्यादा खर्चा हो रहा है। राम अवतार टेक्सी चलाते हैं लेकिन इस समय वह भी बंद है। ऐसे में उनका खुद का खर्च चलाना मुश्किल हो गया है फिरभी दुकानदार के यहां उधारी लेकर बेसहारा जानवरों को खाना खिला रहे हैं। हालांकि कभी-कभी कुछ लोग उन्हें पशुओं के भोजन खिलाने में आर्थिक मदद भी कर देते हैं जिसे वे सहर्ष स्वीकार कर लेते हैं। राम अवतार ने कहा कि लॉक डाउन खत्म होने पर टैक्सी चलाकर दुकानदार का बकाया लौटा दूंगा। परन्तु इस समय उन बेसहारा जानवरों को भोजन की ज्यादा जरूरत है।
विज्ञापन