{"_id":"5a201b484f1c1b156b8b958b","slug":"bhadohi-police-caught-ten-child-lobur-in-factory","type":"story","status":"publish","title_hn":"भदोही में पुलिस ने कालीन कारखाने में बंद 10 बाल श्रमिक मुक्त कराए ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भदोही में पुलिस ने कालीन कारखाने में बंद 10 बाल श्रमिक मुक्त कराए
ब्यूरो,अमर उजाला,भदोही
Updated Thu, 30 Nov 2017 08:22 PM IST
विज्ञापन
बाल कल्याण समिति ने रामनगर बाल सुधार गृह भेजा
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भदोही के जाहिदपुर गांव में पुलिस ने कालीन कारखाने में छापेमारी कर 10 बाल श्रमिकों को मुक्त कराया है। यह कार्रवाई बुधवार आधी रात के बाद की गई। पुलिस और श्रम विभाग ने साफ किया है कि सभी की उम्र 14 वर्ष से कम है। हालांकि अभी उनके आयु परीक्षण के लिए सीएमओ के समक्ष पेश किया जाएगा।
बच्चों को बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत कर रामनगर स्थित बाल सुधार गृह भेज दिया गया है। श्रम प्रवर्तन अधिकारी मो. अब्बास ने बताया कि बुधवार को आधी रात के बाद डायल 100 पुलिस टीम को कारखाने से किसी ने फोन कर बाल मजदूरों से काम कराए जाने की जानकारी दी थी। पुलिस ने रात एक बजे कारखाने में छापा मारा तो वहां ये बच्चे सो रहे थे। पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि वे वहां काम करते हैं।
सभी को वहां से छुड़ाकर कोतवाली लाया गया, जहां उनका बयान दर्जकर उन्हें जिले की बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश किया गया। बताया कि छुड़ाए गए सभी बच्चे अकबर, साकिब, बेचन, खुशदिल, नूरआलम, वासिफ, मेराज, अंजूर, ताकिब, आशिक बिहार के हैं।
विज्ञापन
बताया कि आयु परीक्षण के बाद नियोजक कारखाना मालिक निसार के खिलाफ केस दर्ज कराया जाएगा। बच्चों ने बताया कि एक माह पूर्व उन्हें अफरोज नामक व्यक्ति वहां लेकर आया था। उधर बाल श्रमिक पकड़े जाने से कालीन निर्यातकों और उत्पादकों में खलबली मचा दी है।
उनकी ओर से यह बार बार दावा किया जाता रहा है कि कालीन उद्योग बाल श्रमिकों से मुक्त हो चुका है। लेकिन आज पकड़े गए मासूमों को देख कर उनके दावों पर सवाल खड़ा हो गया है।
विज्ञापन
बच्चों को बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत कर रामनगर स्थित बाल सुधार गृह भेज दिया गया है। श्रम प्रवर्तन अधिकारी मो. अब्बास ने बताया कि बुधवार को आधी रात के बाद डायल 100 पुलिस टीम को कारखाने से किसी ने फोन कर बाल मजदूरों से काम कराए जाने की जानकारी दी थी। पुलिस ने रात एक बजे कारखाने में छापा मारा तो वहां ये बच्चे सो रहे थे। पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि वे वहां काम करते हैं।
विज्ञापन
सभी को वहां से छुड़ाकर कोतवाली लाया गया, जहां उनका बयान दर्जकर उन्हें जिले की बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश किया गया। बताया कि छुड़ाए गए सभी बच्चे अकबर, साकिब, बेचन, खुशदिल, नूरआलम, वासिफ, मेराज, अंजूर, ताकिब, आशिक बिहार के हैं।
विज्ञापन
बताया कि आयु परीक्षण के बाद नियोजक कारखाना मालिक निसार के खिलाफ केस दर्ज कराया जाएगा। बच्चों ने बताया कि एक माह पूर्व उन्हें अफरोज नामक व्यक्ति वहां लेकर आया था। उधर बाल श्रमिक पकड़े जाने से कालीन निर्यातकों और उत्पादकों में खलबली मचा दी है।
उनकी ओर से यह बार बार दावा किया जाता रहा है कि कालीन उद्योग बाल श्रमिकों से मुक्त हो चुका है। लेकिन आज पकड़े गए मासूमों को देख कर उनके दावों पर सवाल खड़ा हो गया है।