{"_id":"65f5031ab589111e720715fd","slug":"bhadohi-lok-sabha-seat-was-won-by-congress-six-times-and-bjp-four-times-2024-03-16","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"UP: इस सीट पर छह बार कांग्रेस तो चार बार भाजपा जीती, ब्राह्मण-बिंद वोटर निर्णायक; अहम भूमिका में मुस्लिम वोटर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
UP: इस सीट पर छह बार कांग्रेस तो चार बार भाजपा जीती, ब्राह्मण-बिंद वोटर निर्णायक; अहम भूमिका में मुस्लिम वोटर
Sat, 16 Mar 2024 10:06 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, भदोही
अमर उजाला नेटवर्क, भदोही
Published by: शाहरुख खान
Updated Sat, 16 Mar 2024 10:06 AM IST
सार
UP Lok Sabha Election: यूपी की भदोही लोकसभा सीट पर छह बार कांग्रेस तो चार बार भाजपा ने जीत दर्ज की है। बलिया के सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त सर्वाधिक तीन बार यहां से जीत दर्ज कर चुके हैं। इस सीट पर ब्राह्मण और बिंद वोटर निर्णायक होते हैं। मुस्लिम और पिछड़े भी अहम भूमिका में रहते हैं।
विज्ञापन
Bhadohi Lok Sabha seat
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की संसदीय सीट से सटी भदोही लोकसभा सीट भी धीरे-धीरे हाट हो चुकी है। काशी-प्रयाग के मध्य स्थित इस सीट पर भी राजनीतिक दिग्गजों की नजर है। 2024 के चुनाव की अधिसूचना जारी होने से पूर्व ही सियासी सरगर्मी बढ़ने लगी है।
आजादी के बाद से अब तक हुए चुनाव में यहां सबसे अधिक छह बार कांग्रेस तो चार बार भाजपा ने बाजी मारी है। बलिया के सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त यहां से सर्वाधिक तीन बार, कांग्रेस के जान ए विल्सन, अजीज इमाम और सपा की फूलन देवी दो-दो बार सांसद चुनी गई।
इस सीट पर ब्राह्मण और बिंद वोटर जहां निर्णायक हैं वहीं मुस्लिम संग पिछड़े मतदाता भी अहम भूमिका में रहते हैं। भदोही लोकसभा 2009 में हुए परिसीमन के पहले मिर्जापुर-भदोही संसदीय क्षेत्र के नाम से जानी जाती थी।
विज्ञापन
परिसीमन के बाद भदोही की तीन और प्रयागराज की दो विधानसभा सीटों को मिलाकर भदोही संसदीय क्षेत्र बनाया गया। जिसमें भदोही के ज्ञानपुर, औराई और भदोही तथा प्रयागराज के प्रतापपुर और हंडिया विधानसभा सीट शामिल हैं।
विज्ञापन
आजादी के बाद से अब तक हुए चुनाव में यहां सबसे अधिक छह बार कांग्रेस तो चार बार भाजपा ने बाजी मारी है। बलिया के सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त यहां से सर्वाधिक तीन बार, कांग्रेस के जान ए विल्सन, अजीज इमाम और सपा की फूलन देवी दो-दो बार सांसद चुनी गई।
विज्ञापन
इस सीट पर ब्राह्मण और बिंद वोटर जहां निर्णायक हैं वहीं मुस्लिम संग पिछड़े मतदाता भी अहम भूमिका में रहते हैं। भदोही लोकसभा 2009 में हुए परिसीमन के पहले मिर्जापुर-भदोही संसदीय क्षेत्र के नाम से जानी जाती थी।
विज्ञापन
परिसीमन के बाद भदोही की तीन और प्रयागराज की दो विधानसभा सीटों को मिलाकर भदोही संसदीय क्षेत्र बनाया गया। जिसमें भदोही के ज्ञानपुर, औराई और भदोही तथा प्रयागराज के प्रतापपुर और हंडिया विधानसभा सीट शामिल हैं।
भदोही लोकसभा कुल वोटरों की संख्या 2009146 है। जिसमें भदोही की तीन विधानसभा से 1208610 और प्रयागराज की दो विधानसभा के 800536 वोटर हैं। जिसमें पुरूष मतदाताओं की संख्या 1129245 और महिला वोटरों की संख्या 879901 है। आजादी के बाद पहले चुनाव में 1952 से 57 तक कांग्रेस के जॉन एन विल्सन पहले सांसद चुने गए।
अस्सी के दशक तक कांग्रेस का इस सीट से दबदबा रहा। उसके बाद जनसंघ, लोकदल के प्रत्याशी जीते। 1990 से लेकर 2010 तक चुनाव एवं उप चुनाव में एक बार भाजपा और तीन-तीन बार सपा-बसपा ने बाजी मारी।
2014 में वीरेंद्र सिंह मस्त भाजपा से निर्वाचित हुए जबकि 2019 में भाजपा के रमेश चंद्र बिंद चुनाव जीतकर सदन में पहुंचे। लोकसभा की पांच विधानसभाओं में ब्राह्मण और बिंद सबसे अधिक मतदाता है। इसके अलावा यादव, मुस्लिम भी अच्छी खासी संख्या में है।
भदोही लोकसभा में मतदाताओं की संख्या - 2009146
पुरूष मतदाताओं की संख्या - 1129245
महिला मतदाताओं की संख्या - 879901
थर्ड जेंडर मतदाताओं की संख्या - 97
पुरूष मतदाताओं की संख्या - 1129245
महिला मतदाताओं की संख्या - 879901
थर्ड जेंडर मतदाताओं की संख्या - 97
किस विधानसभा में कितने वोट
| विधानसभा | कुल वोट | महिला | पुरुष |
| भदोही | 434304 | 208072 | 226192 |
| ज्ञानपुर | 393735 | 188966 | 204728 |
| औराई | 380570 | 182697 | 197869 |
| प्रतापपुर | 408714 | 198247 | 210467 |
| हंडिया | 400811 | 195478 | 205333 |
भदोही लोकसभा सीट का जातीय समीकरण
कालीन नगरी के नाम पूरी दुनिया में मशहूर भदोही लोकसभा सीट में कुछ पांच विधानसभाएं हैं। पीएम मोदी के संसदीय सीट से सटे होने के कारण भाजपा के लिए यह सीट काफी अहम मानी जाती है। भदोही लोकसभा ब्राह्मण बहुल भदोही जिले की तीनों विधान सभाओं में बिंद और अन्य अति पिछड़ी जातियों की तादाद भी अच्छी-खासी है। वर्तमान में लोकसभा की पांच सीटों में औराई विस पर भाजपा, ज्ञानपुर सहयोगी दल निषाद और भदोही, हंडिया और प्रतापपुर विस की सीट पर सपा का कब्जा है।
कालीन नगरी के नाम पूरी दुनिया में मशहूर भदोही लोकसभा सीट में कुछ पांच विधानसभाएं हैं। पीएम मोदी के संसदीय सीट से सटे होने के कारण भाजपा के लिए यह सीट काफी अहम मानी जाती है। भदोही लोकसभा ब्राह्मण बहुल भदोही जिले की तीनों विधान सभाओं में बिंद और अन्य अति पिछड़ी जातियों की तादाद भी अच्छी-खासी है। वर्तमान में लोकसभा की पांच सीटों में औराई विस पर भाजपा, ज्ञानपुर सहयोगी दल निषाद और भदोही, हंडिया और प्रतापपुर विस की सीट पर सपा का कब्जा है।
भदोही लोकसभा में जातिगत आंकड़ा
ब्राह्मण - 3 लाख 15 हजार
बिंद- 2 लाख 90 हजार
दलित- 2 लाख 60 हजार
यादव- 1 लाख 40 हजार
राजपूत - एक लाख
मौर्या - 95 हजार
पाल- 85 हजार
वैश्य - 1 लाख 40 हजार
पटेल- 75 हजार
मुस्लिम - 2 लाख 50 हजार
अन्य- 1 लाख 50 हजार
ब्राह्मण - 3 लाख 15 हजार
बिंद- 2 लाख 90 हजार
दलित- 2 लाख 60 हजार
यादव- 1 लाख 40 हजार
राजपूत - एक लाख
मौर्या - 95 हजार
पाल- 85 हजार
वैश्य - 1 लाख 40 हजार
पटेल- 75 हजार
मुस्लिम - 2 लाख 50 हजार
अन्य- 1 लाख 50 हजार