फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Between your coming and your calling me, many monsoons have poured down...

Varanasi News: तुमको आने में हमको बुलाने में, कई सावन बरस गए आने में....

Mon, 28 Sep 2026 01:57 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Mon, 28 Sep 2026 01:57 AM IST
विज्ञापन
Between your coming and your calling me, many monsoons have poured down...
टाउन हॉल में नागरी प्रचारिणी सभा द्वारा आयोजित काशिका में गायन की प्रस्तुति देतीं मालिनी अवस्थी
वाराणसी। विश्व पर्यटन दिवस पर काशिका राम की शक्ति पूजा के 142वें मंचन और गायिका मालिनी अवस्थी के लोक सुरों से सजी। दर्शकों संग सवा दो घंटे तक उनका संगीत-संवाद चलता रहा। टाउनहॉल स्थित अलफ्रेड प्रेक्षागृह रविवार को पहली बार हाउसफुल रहा। टिकट लेकर पहुंचे दर्शकों में फ्रांस के भी नागरिक थे।
विज्ञापन

मालिनी अवस्थी की खनकती आवाज में ठुमरी सांवरिया रे नाहीं सुनूंगी तोरी बात, भीजी जाऊं मैं पिया बचाय लियो, बरसन लागी बूंदनी और इसके बाद दादरा तुमको आने में हमको बुलाने में, कई सावन बरस गए आने में सुनकर हर कोई मुग्ध हो गया और महादेव के जयघोष के साथ खूब तालियां बजीं। मालिनी अवस्थी ने अपनी गुरु गिरिजा देवी के साथ विदुषी सिद्धेश्वरी देवी को याद करके बंदिश आए सावन बैरिया पिया नहीं आए... गाकर हर किसी को अपना मुरीद बना लिया। इसके बाद उन्होंने काशी के रचनाकारों कबीर, कीनाराम और भारतेंदु के भी पदों को सुनाकर खुद को काशी के मर्म से जोड़ा। गायन का समापन गंगा रेती पे बंगला छवा दा मोरे राजा से किया तो हॉल महादेव के जयघोष से गूंज उठा।
विज्ञापन


निराला को उनकी नृत्य नाटिका से याद करना तर्पण जैसा ही

नागरी प्रचारिणी सभा के प्रधानमंत्री व्योमेश शुक्ल के अनुसार, पितृपक्ष के पहले दिन अपने पूर्वज निराला को उनकी नृत्य नाटिका से याद करना तर्पण जैसा ही है। पहली बार ऐसा रहा कि इस शो के सभी टिकट बिक गए थे। मुख्य अतिथि बीएचयू के कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी, विशिष्ट अतिथियों में जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार, मुख्य विकास अधिकारी प्रखर कुमार सिंह और उत्तर प्रदेश पर्यटन के संयुक्त निदेशक दिनेश कुमार ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया। डीएम सत्येंद्र कुमार ने कहा कि काशी न केवल आध्यात्मिक पर्यटन का केंद्र है, बल्कि यहां की संगीत, नाट्य और कला परंपरा ही इसे वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर अनूठा बनाती है। इस कार्यक्रम का आयोजन उत्तर प्रदेश पर्यटन, नगर निगम और नागरी प्रचारिणी सभा की ओर से किया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed