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नोकझोंक के बीच 67.50 वोटिंग
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
Updated Sun, 29 Nov 2015 02:10 AM IST
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ग्राम पंचायत चुनाव के पहले दौर के लिए शनिवार को सेवापुरी और बड़ागांव विकास खंडों की कुल 174 पंचायतों में प्रधान पदों पर हल्की नोकझोंक के बीच मतदान हुआ। शाम तक सेवापुरी ब्लॉक में 69.99 फीसदी और बड़ागांव में 65.60 प्रतिशत वोट पड़े।
दोनों विकास खंडों में अलग-अलग बूथों पर फर्जी मतदान को लेकर दिन भर किचकिच होती रही। बड़ागांव के कुछ बूथों पर मतदान अधिकारियों पर प्रत्याशी विशेष के पक्ष में मतदान कराने का आरोप लगाए जाने से तनाव की नौबत आई लेकिन पुलिस ने माहौल शांत करा दिया। देर शाम मतपेटियां सील कराकर स्ट्रांगरूम में रखवा दी गईं।
कड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच मतदान सुबह सात बजे शुरू हुआ। बड़ागांव ब्लॉक के करमपुर बूथ क्रमांक संख्या 247 पर एक एजेंट ने मतदान अधिकारी पर एक प्रत्याशी के पक्ष में मतदान करने का आरोप लगाया। विरोध बढ़ने पर 100 नंबर पर फोन करने के बाद पुलिस पहुंच गई।
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एसओ शशिभूषण राय ने मतदान अधिकारी से जानकारी ली। यहां कुछ देर के लिए स्थिति तनावपूर्ण रही लेकिन पुलिस ने हंगामा कर रहे ग्रामीणों को खदेड़कर हालात काबू में किया। इसी तरह दोपहर ढाई बजे बूथ संख्या 254 जूनियर हाईस्कूल विरांवकोट पर मतदान अधिकारी द्वारा एक मतदाता के मतपत्र पर मुहर लगा दी गई।
इससे भी शोर-शराबा होने लगा। आरोप था कि मतदान अधिकारी ने खुद मुहर लगाकर मतपत्र पेटी में डाल दिया। इसी तरह दोपहर बाद 3:30 बजे अनेई के बूथ क्रमांक 86 पर मतदान अधिकारी पर प्रत्याशी विशेष के पक्ष में मतदान कराने का आरोप लगाया गया।
इससे पहले सुबह 7:30 अकोढ़ा जूनियर हाईस्कूल के बूथ पर देर से पहुंचने एक प्रत्याशी के एजेंट को पीठासीन अधिकारी ने नामित करने से इंकार किया। इसे लेकर जमकर नोकझोंक हुई। फिर जब उसे एजेंट बनाया गया, तब लोग शांत हुए। मतदान के बाद मतपेटियां बलदेव पीजी कॉलेज में रखवा दी गई हैं।
इस ब्लाक में 97 मतदान केंद्रों पर 80 ग्राम पंचायतों के लिए मतदान कराया गया। उधर, सेवापुरी ब्लाक में सुबह सात बजे मतदान शुरू हुआ। ग्राम पंचायत खरगूपुर के कामापुर बूथ पर एजेंट फार्म न होने की वजह से करीब आठ बजे तक बिना एजेंट के ही मतदान कराए जाने को लेकर प्रत्याशियों ने जमकर हंगामा मचाया।
इसी तरह अति संवेदनशील बूथ भीषमपुर पर दोपहर बाद प्रधान पद के दो एजेंटों नागेंद्र सिंह और विवेक सिंह से पुलिस ने वोटरलिस्ट और मोबाइल छीन लिया। इसे लेकर जमकर शोर-शराबा हुआ। कपसेठी के कालिका बाजार में फर्जी मतदान का आरोप लगाकर प्रधान प्रत्याशी दीपक गुप्ता और कृष्ण कुमार गुप्ता के बीच सुबह 9:30 बजे झड़प होने लगी।
जानकारी मिलने पर डीएम राजमणि यादव और एसएसपी आकाश कुलहरि मौके पर पहुंचे। पुलिस ने दोनों पक्षों के लोगों को खदेड़ दिया। इसी तरह हरिभानपुर में प्रधान प्रत्याशी राजाराम यादव और सूर्यबली यादव के बीच फर्जी मतदान के आरोप को लेकर कहासुनी हुई। बाद में पुलिस ने मामला शांत कराया।
इसी तरह जंसा के राखी नेवादा के बूथ पर लालिमा तिवारी, प्रेमा, आरती, शीला समेत 12 से अधिक महिलाएं तब भड़क गईं, जब उन्हें पता चला कि उनका वोट पहले ही पड़ चुका है। पीठासीन अधिकारी से फर्जी वोटिंग रोकने की मांग की जा रही थी। उधर, पीठासीन अधिकारी ने वहां फर्जी मतदान से इंकार किया है।
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दोनों विकास खंडों में अलग-अलग बूथों पर फर्जी मतदान को लेकर दिन भर किचकिच होती रही। बड़ागांव के कुछ बूथों पर मतदान अधिकारियों पर प्रत्याशी विशेष के पक्ष में मतदान कराने का आरोप लगाए जाने से तनाव की नौबत आई लेकिन पुलिस ने माहौल शांत करा दिया। देर शाम मतपेटियां सील कराकर स्ट्रांगरूम में रखवा दी गईं।
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कड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच मतदान सुबह सात बजे शुरू हुआ। बड़ागांव ब्लॉक के करमपुर बूथ क्रमांक संख्या 247 पर एक एजेंट ने मतदान अधिकारी पर एक प्रत्याशी के पक्ष में मतदान करने का आरोप लगाया। विरोध बढ़ने पर 100 नंबर पर फोन करने के बाद पुलिस पहुंच गई।
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एसओ शशिभूषण राय ने मतदान अधिकारी से जानकारी ली। यहां कुछ देर के लिए स्थिति तनावपूर्ण रही लेकिन पुलिस ने हंगामा कर रहे ग्रामीणों को खदेड़कर हालात काबू में किया। इसी तरह दोपहर ढाई बजे बूथ संख्या 254 जूनियर हाईस्कूल विरांवकोट पर मतदान अधिकारी द्वारा एक मतदाता के मतपत्र पर मुहर लगा दी गई।
इससे भी शोर-शराबा होने लगा। आरोप था कि मतदान अधिकारी ने खुद मुहर लगाकर मतपत्र पेटी में डाल दिया। इसी तरह दोपहर बाद 3:30 बजे अनेई के बूथ क्रमांक 86 पर मतदान अधिकारी पर प्रत्याशी विशेष के पक्ष में मतदान कराने का आरोप लगाया गया।
इससे पहले सुबह 7:30 अकोढ़ा जूनियर हाईस्कूल के बूथ पर देर से पहुंचने एक प्रत्याशी के एजेंट को पीठासीन अधिकारी ने नामित करने से इंकार किया। इसे लेकर जमकर नोकझोंक हुई। फिर जब उसे एजेंट बनाया गया, तब लोग शांत हुए। मतदान के बाद मतपेटियां बलदेव पीजी कॉलेज में रखवा दी गई हैं।
इस ब्लाक में 97 मतदान केंद्रों पर 80 ग्राम पंचायतों के लिए मतदान कराया गया। उधर, सेवापुरी ब्लाक में सुबह सात बजे मतदान शुरू हुआ। ग्राम पंचायत खरगूपुर के कामापुर बूथ पर एजेंट फार्म न होने की वजह से करीब आठ बजे तक बिना एजेंट के ही मतदान कराए जाने को लेकर प्रत्याशियों ने जमकर हंगामा मचाया।
इसी तरह अति संवेदनशील बूथ भीषमपुर पर दोपहर बाद प्रधान पद के दो एजेंटों नागेंद्र सिंह और विवेक सिंह से पुलिस ने वोटरलिस्ट और मोबाइल छीन लिया। इसे लेकर जमकर शोर-शराबा हुआ। कपसेठी के कालिका बाजार में फर्जी मतदान का आरोप लगाकर प्रधान प्रत्याशी दीपक गुप्ता और कृष्ण कुमार गुप्ता के बीच सुबह 9:30 बजे झड़प होने लगी।
जानकारी मिलने पर डीएम राजमणि यादव और एसएसपी आकाश कुलहरि मौके पर पहुंचे। पुलिस ने दोनों पक्षों के लोगों को खदेड़ दिया। इसी तरह हरिभानपुर में प्रधान प्रत्याशी राजाराम यादव और सूर्यबली यादव के बीच फर्जी मतदान के आरोप को लेकर कहासुनी हुई। बाद में पुलिस ने मामला शांत कराया।
इसी तरह जंसा के राखी नेवादा के बूथ पर लालिमा तिवारी, प्रेमा, आरती, शीला समेत 12 से अधिक महिलाएं तब भड़क गईं, जब उन्हें पता चला कि उनका वोट पहले ही पड़ चुका है। पीठासीन अधिकारी से फर्जी वोटिंग रोकने की मांग की जा रही थी। उधर, पीठासीन अधिकारी ने वहां फर्जी मतदान से इंकार किया है।