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अस्पतालों में बेकार पड़े बेड, स्ट्रेचर को मरम्मत की दरकार

Mon, 05 Jul 2021 01:18 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Mon, 05 Jul 2021 01:18 AM IST
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Beds lying idle in hospitals, stretchers in need of repair
वाराणसी। सरकारी अस्पतालों, स्वास्थ्य केंद्रों पर बेड, स्ट्रेचर समेत अन्य उपकरणों की कमी दूर करने के दावे तो बहुत किए जाते हैं, लेकिन बहुत से ऐसे उपकरण बेकार पड़े हैं, जिनकी अगर थोड़ी सी मरम्मत करा दिया जाए तो यह काम आ सकता है। बीएचयू अस्पताल, महिला अस्पताल, मंडलीय अस्पताल कबीरचौरा समेत अन्य स्वास्थ्य केंद्रों पर कहीं छत पर तो कहीं कमरे में ये उपकरण मरम्मत के अभाव में फेंके पड़े हैं। यही नहीं सीएमओ कार्यालय परिसर में एक दो नहीं, बल्कि आधा दर्जन ऐसी गाड़ियां खड़ी हैं, जिनकी देखरेख सही ढंग से हो तो ये गाड़ियां उपयोग में लाई जा सकती हैं।
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बीएचयू अस्पताल परिसर में ब्लड बैंक के पास से लेकर जगह-जगह बेड, स्ट्रेचर सहित वार्डों में मरीजों के इलाज के लिए जरूरत में आने वाले बहुत से सामान पड़े हैं। इनमें ज्यादातर बेड सहित कुछ अन्य सामानों में मामूली खराबी है, जिसे ठीक कराया जा सकता है। अस्पताल के एमएस प्रो. केके गुप्ता का कहना है कि अस्पताल में इधर-उधर पड़े सामानों व उपकरणमों का मूल्यांकन कराकर उनमें से कुछ को सही कराया जाता है। अभी हाल ही में व्हील चेयर, स्ट्रेचर की मरम्मत भी कराई गई। जल्द ही अन्य जगहों पर पड़े सामानों को भी दिखवाया जाएगा।
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मंडलीय अस्पताल और शहरी सीएचसी दुर्गाकुंड
मंडलीय अस्पताल कबीर चौरा परिसर स्थित रैन बसेरे के ऊपर बेड, स्ट्रेचर और वार्डों में प्रयोग होने वाले मेज सहित कई उपकरण रखे हैं। इसी तरह शहरी सीएचसी दुर्गाकुंड में पहली मंजिल पर कमरे में ही बेड, स्ट्रेचर और वार्डों में मरीजों का सामान रखे जाने वाला मेज फेंका पड़ा है। इनमें कुछ तो ऐसे उपकरण हैं,जिनकी जरा सी मरम्मत कराकर उसको वार्डों में रखवाकर उपयोग में लिया जा सकता है।
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अस्पतालों में पड़े बेड, स्ट्रेचर सहित अन्य सामानों को समय-समय पर मूल्यांकन कराया जाता है और जरूरत के सामानों की मरम्मत कराकर इस्तेमाल भी किया जाता है। जल्द ही अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों के सामानों का मूल्यांकन कराकर इसकी स्थिति के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। -डॉ. वीबी सिंह, सीएमओ
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