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काशी में बटुक होंगे हाईटेक, वेदपाठ के ज्ञान साथ बोलेंगे अंग्रेजी और चलाएंगे कंप्यूटर
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Sun, 28 Oct 2018 01:37 PM IST
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काशी विश्वनाथ दरबार
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काशी में बाबा विश्वनाथ के दरबार में आध्यामिकता और आधुनिकता का अनूठा संगम तैयार किए जाने की योजना है। काशी में वेदपाठ का ज्ञान ले रहे बटुकों को हाईटेक करने के लिए काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास अंग्रेजी और कंप्यूटर का भी प्रशिक्षण देगा।
बनारस आने वाले विदेशी श्रद्धालुओं की सहूलियत और बटुकों को विदेशों तक में रोजगार परक बनाने के लिए यह पहल की जा रही है। देव दीपावली पर यह योजना पूरी तरह से मूर्त रूप ले लेगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी कौशल विकास योजना को काशी विश्वनाथ मंदिर विस्तारीकरण में शामिल किया जा रहा है।
बांस फाटक स्थित यूपीका भवन में बटुकों को हाईटेक बनाने के प्रशिक्षण की तैयारी की जा रही है। प्रशिक्षित बटुकों से विदेशों में बैठे लोग ऑनलाइन कर्मकांड और पूजा पाठ भी करा सकेंगे। उन्हें विदेशों और प्रदेश से बाहर भी रोजगार के अवसर मिल सकेंगे।
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बनारस आने वाले विदेशी श्रद्धालुओं की सहूलियत और बटुकों को विदेशों तक में रोजगार परक बनाने के लिए यह पहल की जा रही है। देव दीपावली पर यह योजना पूरी तरह से मूर्त रूप ले लेगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी कौशल विकास योजना को काशी विश्वनाथ मंदिर विस्तारीकरण में शामिल किया जा रहा है।
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बांस फाटक स्थित यूपीका भवन में बटुकों को हाईटेक बनाने के प्रशिक्षण की तैयारी की जा रही है। प्रशिक्षित बटुकों से विदेशों में बैठे लोग ऑनलाइन कर्मकांड और पूजा पाठ भी करा सकेंगे। उन्हें विदेशों और प्रदेश से बाहर भी रोजगार के अवसर मिल सकेंगे।
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मंदिर में रहती है अंग्रेजी बोलने वालों की मांग
काशी विश्वनाथ मंदिर में दक्षिण भारत के साथ ही विदेशी श्रद्धालु बड़ी संख्या में आते हैं। ऐसे में अंग्रेजी बोलने वाले पुजारियों की मांग रहती है। ऐसे पुजारियों की कमी के गाइड और दलाल किस्म के लोग उसका फायदा उठाते हैं।
कमिश्नर दीपक अग्रवाल का कहना है कि काशी के बटुकों के लिए अंग्रेजी और कंप्यूटर प्रशिक्षण के लिए केंद्र की स्थापना की जा रही है। 23 नवंबर से इसकी विधिवत शुरुआत की जाएगी। इससे बाहरी श्रद्धालुओं से बटुक सीधा संवाद कर सकेंगे और उनके लिए नए रोजगार के अवसर सृजित होंगे।
कमिश्नर दीपक अग्रवाल का कहना है कि काशी के बटुकों के लिए अंग्रेजी और कंप्यूटर प्रशिक्षण के लिए केंद्र की स्थापना की जा रही है। 23 नवंबर से इसकी विधिवत शुरुआत की जाएगी। इससे बाहरी श्रद्धालुओं से बटुक सीधा संवाद कर सकेंगे और उनके लिए नए रोजगार के अवसर सृजित होंगे।