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वाराणसी के सभी मल्टीस्टोरी भवनों में तोड़ी जाएंगी बेसमेंट की दूकानें और गोदाम!
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Mon, 26 Jun 2017 10:40 AM IST
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आईपी मॉल सिगरा के बेसमेंट स्थित गोदाम में लगी थी आग
- फोटो : अमर उजाला
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आईपी मॉल सिगरा के बेसमेंट स्थित गोदाम में आग की घटना पर प्रशासन के कड़े रुख के बाद अब विकास प्राधिकरण ने अभियान चलाकर शहर के सभी मल्टीस्टोरी भवनों की जांच करने की तैयारी की है। इसके लिए ऐसे भवनों की जोनवार सूची तैयार कराई जा रही है।
शहर में अधिकतर बहुमंजिली इमारतें ऐसी हैं, जहां बेसमेंट में कहीं गोदाम बने हैं तो कहीं दूकानें। वीडीए और नगर निगम के अधिकारियाें की मिलीभगत के चलते शिकायतों के बावजूद इन पर कभी कोई कार्रवाई नहीं हुई। अब शहर भर में बनी ऐसी बहुमंजिली इमारतों के खिलाफ जल्द अभियान चलाकर बेसमेंट में बनाई गई दूकानें और गोदाम तोड़े जाएंगे।
दरअसल, बहुमंजिली इमारतों के बेसमेंट का उपयोग वहां आने-जाने वालों को निशुल्क पार्किंग सुविधा मुहैया कराने में किया जाना चाहिए लेकिन वीडीए और नगर निगम की अनदेखी से यहां मनमाने तौर पर पार्किंग शुल्क की वसूली कराई जाती है।
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अधिकतर जगहों पर आधे हिस्से में पार्किंग तो आधे हिस्से में दुकानें और गोदाम बनवाए गए हैं। यह सिर्फ एक ही मॉल या बहुमंजिली इमारत में नहीं है बल्कि शहर की अधिकतर ऐसी इमारतों में हालात ऐसे ही हैं।
सिगरा इलाके में ही कई ऐसी बहुमंजिली व्यवसायिक इमारतें हैं जहां पार्किंग के नाम पर शुल्क लिया जाता है। विशेश्वरगंज, भेलुपुर, गोदौलिया, लक्सा, नई सड़क, चेतगंज, पांडेयपुर, पहड़िया, मैदागिन, लोहटिया, लहुराबीर, इंग्लिशिया लाइन स्थित बहुमंजिले भवनों के बेसमेंट का व्यावसायिक इस्तेमाल किया जाता है।
वीडीए उपाध्यक्ष पुलकित खरे का कहना है कि बेसमेंट का व्यावसायिक उपयोग नहीं किया जाना चाहिए। जहां भी ऐसा पाया जाएगा, सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए जोनल अधिकारियों को निर्देश दे दिए गए हैं कि ऐसे सभी भवनों को चिह्नित करें।
शहर में अधिकतर बहुमंजिली इमारतें ऐसी हैं, जहां बेसमेंट में कहीं गोदाम बने हैं तो कहीं दूकानें। वीडीए और नगर निगम के अधिकारियाें की मिलीभगत के चलते शिकायतों के बावजूद इन पर कभी कोई कार्रवाई नहीं हुई। अब शहर भर में बनी ऐसी बहुमंजिली इमारतों के खिलाफ जल्द अभियान चलाकर बेसमेंट में बनाई गई दूकानें और गोदाम तोड़े जाएंगे।
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दरअसल, बहुमंजिली इमारतों के बेसमेंट का उपयोग वहां आने-जाने वालों को निशुल्क पार्किंग सुविधा मुहैया कराने में किया जाना चाहिए लेकिन वीडीए और नगर निगम की अनदेखी से यहां मनमाने तौर पर पार्किंग शुल्क की वसूली कराई जाती है।
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अधिकतर जगहों पर आधे हिस्से में पार्किंग तो आधे हिस्से में दुकानें और गोदाम बनवाए गए हैं। यह सिर्फ एक ही मॉल या बहुमंजिली इमारत में नहीं है बल्कि शहर की अधिकतर ऐसी इमारतों में हालात ऐसे ही हैं।
सिगरा इलाके में ही कई ऐसी बहुमंजिली व्यवसायिक इमारतें हैं जहां पार्किंग के नाम पर शुल्क लिया जाता है। विशेश्वरगंज, भेलुपुर, गोदौलिया, लक्सा, नई सड़क, चेतगंज, पांडेयपुर, पहड़िया, मैदागिन, लोहटिया, लहुराबीर, इंग्लिशिया लाइन स्थित बहुमंजिले भवनों के बेसमेंट का व्यावसायिक इस्तेमाल किया जाता है।
वीडीए उपाध्यक्ष पुलकित खरे का कहना है कि बेसमेंट का व्यावसायिक उपयोग नहीं किया जाना चाहिए। जहां भी ऐसा पाया जाएगा, सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए जोनल अधिकारियों को निर्देश दे दिए गए हैं कि ऐसे सभी भवनों को चिह्नित करें।
बेसमेंट में गोदाम सुरक्षा मानकों के खिलाफ
आईपी मॉल सिगरा का निरीक्षण करने पहुंचे यूपी फायर सर्विस के डायरेक्टर पीके राव
- फोटो : अमर उजाला
किसी भी बहुमंजिली इमारत के बेसमेंट में गोदाम या दुकान बनाया जाना पूरी तरह सुरक्षा मानकों के खिलाफ है। भवन चाहे व्यावसायिक हो या आवासीय, बेसमेंट में सिर्फ पार्किंग की व्यवस्था और आने-जाने के लिए दो रास्ते होने चाहिए।
रविवार की दोपहर आईपी मॉल सिगरा का निरीक्षण करने पहुंचे यूपी फायर सर्विस के डायरेक्टर पीके राव ने ये बातें कहीं। उन्होंने मॉल के बेसमेंट का निरीक्षण करने के साथ ही आग की घटना से जुड़े पहलुओं पर मालिक मनीष तलवार से पूछताछ की।
बताया कि विभाग की ओर से भेजे गए नोटिस का जवाब मिलने के बाद मॉल प्रबंधन पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। आईपी मॉल के बेसमेंट स्थित गोदाम में शुक्रवार की दोपहर आग लग गई थी। कड़ी मशक्कत के बाद दमकल की सात गाड़ियों ने तीन घंटे में किसी तरह से आग पर काबू पाया।
इस बारे में मुख्य अग्निशमन अधिकारी ने नोटिस जारी कर आईपी मॉल के मालिक मनीष तलवार से तीन दिन में जवाब तलब किया है। रविवार की दोपहर यूपी फायर सर्विस के डायरेक्टर ने मॉल के बेसमेंट का मौका मुआयना कर घटना से जुड़े पहलुओं की जानकारी ली।
मॉल के मालिक से नोटिस का जवाब देने को कहा। निरीक्षण के बाद डायरेक्टर ने बताया कि विभागीय अधिकारियों ने प्रथम दृष्टया मॉल प्रबंधन की लापरवाही पाई है। आग से सुरक्षा संबंधी उपकरण पूरी तरह दुरुस्त नहीं मिले थे।
कागजों पर निर्धारित मानकों को पूरा दिखाया गया था लेकिन मौके पर सब कुछ दुरुस्त नहीं पाया गया।
रविवार की दोपहर आईपी मॉल सिगरा का निरीक्षण करने पहुंचे यूपी फायर सर्विस के डायरेक्टर पीके राव ने ये बातें कहीं। उन्होंने मॉल के बेसमेंट का निरीक्षण करने के साथ ही आग की घटना से जुड़े पहलुओं पर मालिक मनीष तलवार से पूछताछ की।
बताया कि विभाग की ओर से भेजे गए नोटिस का जवाब मिलने के बाद मॉल प्रबंधन पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। आईपी मॉल के बेसमेंट स्थित गोदाम में शुक्रवार की दोपहर आग लग गई थी। कड़ी मशक्कत के बाद दमकल की सात गाड़ियों ने तीन घंटे में किसी तरह से आग पर काबू पाया।
इस बारे में मुख्य अग्निशमन अधिकारी ने नोटिस जारी कर आईपी मॉल के मालिक मनीष तलवार से तीन दिन में जवाब तलब किया है। रविवार की दोपहर यूपी फायर सर्विस के डायरेक्टर ने मॉल के बेसमेंट का मौका मुआयना कर घटना से जुड़े पहलुओं की जानकारी ली।
मॉल के मालिक से नोटिस का जवाब देने को कहा। निरीक्षण के बाद डायरेक्टर ने बताया कि विभागीय अधिकारियों ने प्रथम दृष्टया मॉल प्रबंधन की लापरवाही पाई है। आग से सुरक्षा संबंधी उपकरण पूरी तरह दुरुस्त नहीं मिले थे।
कागजों पर निर्धारित मानकों को पूरा दिखाया गया था लेकिन मौके पर सब कुछ दुरुस्त नहीं पाया गया।
जांच के बाद मॉल प्रबंधन के खिलाफ होगा केस
आईपी मॉल के बेसमेंट में आग
- फोटो : अमर उजाला
डीएम योगेश्वर राम मिश्रा ने आईपी मॉल के बेसमेंट में आग लगने के प्रकरण में रविवार को वीडीए उपाध्यक्ष पुलकित खरे से बात की। डीएम ने कहा कि जो भी अनियमितताएं हैं उनकी जांच की जाए। मॉल नक्शे के अनुरूप बना है या नहीं, बेसमेंट का उपयोग किन कार्यों में किया जा रहा था, इन सभी बिंदुओं पर छानबीन की जाए। जांच रिपोर्ट के आधार पर सिलिंग की कार्रवाई के साथ ही मुकदमा भी कराया जाएगा।
सारनाथ, बाबतपुर, राजातालाब में बनेंगे फायर स्टेशन
यूपी फायर सर्विस के डायरेक्टर ने रविवार को चेतगंज स्थित मुख्य अग्नि शमन अधिकारी (सीएफओ) के कार्यालय का निरीक्षण किया। मौजूद संसाधनों और आवश्यकता की जानकारी ली। सामने आया कि देहात क्षेत्र में फायर स्टेशन नहीं है।
इस पर उन्होंने सीएफओ से कहा कि सारनाथ, बाबतपुर और राजातालाब में फायर स्टेशन बनाने का प्रस्ताव तैयार कर भेजें। बताया कि जिले में तैनात अग्निशमन विभाग के कर्मियों को हैदराबाद भेजकर अत्याधुनिक प्रशिक्षण दिलाया जाएगा।
सारनाथ, बाबतपुर, राजातालाब में बनेंगे फायर स्टेशन
यूपी फायर सर्विस के डायरेक्टर ने रविवार को चेतगंज स्थित मुख्य अग्नि शमन अधिकारी (सीएफओ) के कार्यालय का निरीक्षण किया। मौजूद संसाधनों और आवश्यकता की जानकारी ली। सामने आया कि देहात क्षेत्र में फायर स्टेशन नहीं है।
इस पर उन्होंने सीएफओ से कहा कि सारनाथ, बाबतपुर और राजातालाब में फायर स्टेशन बनाने का प्रस्ताव तैयार कर भेजें। बताया कि जिले में तैनात अग्निशमन विभाग के कर्मियों को हैदराबाद भेजकर अत्याधुनिक प्रशिक्षण दिलाया जाएगा।