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काशी में बन रही अनोखी मूर्ति: 35 फीट की होगी मां सरस्वती की प्रतिमा, ढाई लाख का शृंगार; जानें- क्या है खासियत
Thu, 08 Feb 2024 06:39 PM IST
प्रगति चंद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Published by: प्रगति चंद
Updated Thu, 08 Feb 2024 06:39 PM IST
सार
वाराणसी में मां सरस्वती का अनोखी प्रतिमा तैयार की जा रही है। मां की प्रतिमा को खोजवां में मूर्त रूप दिया जा रहा है। इनके शृंगार की सामग्रियां कोलकाता से आई हैं। जिले के चेतगंज में प्रदेश की सबसे बड़ी प्रतिमा स्थापित होगी। इस दौरान मां की झांकी बंगाली परंपरा में दिखेगी।
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- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
प्रदेश की सबसे बड़ी मां सरस्वती की प्रतिमा काशी में तैयार हो रही है। इस प्रतिमा की बैठी मुद्रा में 18 फीट और कुल ऊंचाई 35 फीट है। इतना ही नहीं मां के शृंगार की सामग्रियां करीब ढाई लाख की हैं। इस प्रतिमा को एनिमेशन थीम पर पूजा पंडाल में स्थापित किया जाएगा। मां सरस्वती के साथ पंडाल में भगवान शिव, गणेश और कार्तिक भी विराजेंगे।
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खोजवां स्थित मूर्ति कारखाने में तैयार हो रही प्रतिमा को 12 कारीगर तीन माह से तैयार कर रहे हैं। मुख्य कारीगर अभिजीत विश्वास हैं। उन्होंने बताया कि इतनी बड़ी प्रतिमा वह पहली बार बना रहे हैं। उनका दावा है कि इतनी बड़ी प्रतिमा अब तक प्रदेश में कहीं नहीं बनी है। इस प्रतिमा में मां का चेहरा बंगला परंपरा में होगा। आंखें परवल की आकृति में होगी।
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सार्वजनिक पूजनोत्सव के तहत आर्यावत स्पोर्टिंग क्लब की ओर से चेतगंज के पूजा पंडाल में इसे स्थापित किया जाएगा। क्लब के कार्यवाहक अध्यक्ष पृथ्वी ने बताया कि दुर्गा पूजा से ही इस प्रतिमा के निर्माण की तैयारी शुरू हो गई थी। उसी समय ही शृंगार, आभूषण के लिए कोलकाता में ऑर्डर दिए गए थे। मूर्ति बनाने और शृंगार सामग्री सहित चार लाख रुपये से अधिक खर्च हो रहे हैं। पंडाल में सात दिवसीय विविध आयोजन होंगे।
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साढ़े पांच फीट का है मां का मुकुट
इस प्रतिमा का मुकुट ही साढ़े पांच फीट है। अभिजीत विश्वास ने बताया कि मुकुट के अलावा मां का चेहरा ढाई फीट का है। क्लब ने इस प्रतिमा का नाम चेतगंज की बड़ी महारानी रखा है।