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Baramulla Encounter: शहीद रवि के कंधों पर थी कैंसर के मरीज पिता और छोटी बहन की जिम्मेदारी

Wed, 19 Aug 2020 12:50 AM IST
स्‍वाधीन तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मिर्जापुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मिर्जापुर Published by: स्‍वाधीन तिवारी Updated Wed, 19 Aug 2020 12:50 AM IST
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Baramulla Encounter: Martyr Ravi's father is a cancer patient
शहीद रवि सिंह - फोटो : अमर उजाला

कश्मीर के बारामुला में हुए आतंकी हमले में शहीद रवि सिंह के ऊपर परिवार की जिम्मेदारियों का बोझ था। तीन वर्ष से पिता संजय सिंह कैंसर से ग्रसित हैं। उनका इलाज चल रहा है। दादा रणजीत सिंह का एक दुर्घटना में पैर टूट गया है। बहन कृति की पढाई लिखाई व शादी कराने की जिम्मेदारी भी रवि ने उठा रखी थी।

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मां-बाप के इकलौते पुत्र रवि सिंह के शहीद होने के बाद क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई हैं। शहीद के घर सुबह से ही लोगों के आने और परिवारवालों को ढांढस बंधाने का सिलसिला चल रहा है। जहां लोग रवि के जाने से दुखी हैं तो वहीं उनकी शहादत पर उन्हें गर्व भी है। शहीद रवि सिंह की शादी 22 जून 2018 को जिले के एलआईयू में तैनात दरोगा कमलेश सिंह की पुत्री प्रियंका के साथ हुई थी।
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Baramulla Encounter: Martyr Ravi's father is a cancer patient
रवि कुमार सिंह - फोटो : अमर उजाला

शहीद होने की सूचना मिलते ही पत्नी प्रियंका, माता रेखा सिंह और पिता संजय सिंह के होश उड़ गए और करुण-क्रंदन से पूरा क्षेत्र गमगीन हो गया। शोक संवेदना व्यक्त करने पहुंच रहे लोगों की भी आंखें नम हो जा रही हैं। परिवार के अकेले पुत्र ने देश की रक्षा में प्राणों की आहूति देकर क्षेत्र व गांव का नाम तो रोशन कर दिया। शहीद की बड़ी बहन रेनू की शादी हो गई है। छोटी बहन कृति अविवाहित है।

Baramulla Encounter: Martyr Ravi's father is a cancer patient
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

शहीद रवि के व्यवहार कुशलता की भी रही चर्चा

गांव- पड़ोस में भी शहीद रवि सिंह के व्यवहार कुशल होने की चर्चा रही। उनके जानने वाले, दोस्त- यार उनके स्वभाव की प्रशंसा करते नहीं थक रहे हैं। वहीं लोग शहीद के अंतिम दर्शन के इंतजारी में जगह- जगह बैठकर पता करते देखे गए कि अमर शहीद का पार्थिव शरीर कब गांव पहुंचेगा।

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