बड़ागांव पीएचसी को कायाकल्प के लिए प्रदेश में मिला पहला स्थान, अब सीएचसी हाथी बाजार को बेहतर बनाने में जुटा विभाग
- राज्य स्तर पर हुए मूल्यांकन में 92.25 प्रतिशत अंक के साथ सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन
- पीएचसी पिंडरा, सेवापुरी को पहली बार मिला पुरस्कार
विस्तार
वाराणसी जिले के बड़ागांव प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को कायाकल्प में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के आधार पर प्रदेश स्तर पर पहला स्थान मिला है। राज्य स्तर पर 295 पीएचसी के मूल्यांकन में बड़ागांव को 92.25 प्रतिशत अंक मिला है। इसके साथ ही पीएचसी पिंडरा, सेवापुरी को भी पहली बार कायाकल्प पुरस्कार मिला है जबकि पीएचसी हरहुआ, सीएचसी चोलापुर, दीनदयाल अस्पताल, मंडलीय अस्पताल, पीएचसी मंडुवाडीह को भी इसी साल अवार्ड से नवाजा गया है।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की ओर से अस्पतालों, स्वास्थ्य केंद्रों पर मरीजों की जांच, इलाज की सुविधाओं का कायाकल्प के तहत ही मूल्यांकन कराया जाता है। इसमें बेहतर प्रदर्शन करने वाले स्वास्थ्य केंद्रों, अस्पतालों को पुरस्कृत भी किया जाता है। हाल ही में हुए मूल्यांकन के जारी परिणाम में आठ स्वास्थ्य इकाईयों का नाम अवार्ड पाने वालों की सूची में शामिल हैं। अपर निदेशक स्वास्थ्य डा. एसके उपाध्याय ने बताया कि तीन चरणों में होने वाले मूल्यांकन में स्वास्थ्य सुविधाओं, स्वच्छता, कचरा प्रबंधन, संक्रमण नियंत्रण, समर्थन तथा स्वच्छता को बढ़ावा देना, मरीजों के साथ स्टाफ का सकारात्मक व्यवहार आदि को आधार बनाया जाता है।
सीएमओ डॉ. वीबी सिंह ने बड़ागांव पीएचसी को प्रदेश में पहला स्थान मिलना गौरव की बात हैं। अब तक इस पीएचसी को पांच बार कायाकल्प अवार्ड मिल चुका है। इसका श्रेय चिकित्सकों, स्वास्थ्यकर्मियों को जाता है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा गोद लिए गए सीएचसी हाथी बाजार की स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ व बेहतर किया जा रहा है, ताकि वर्ष 2021-22 में इसे भी कायाकल्प का सर्वश्रेष्ठ अवार्ड मिल सके।
मंडलीय सलाहकार डॉ. आरपी सोलंकी ने कहा कि कायाकल्प कार्यक्रम के तहत वर्ष 2020-21 के लिए जिले की आठ स्वास्थ्य इकाईयों में बड़ागांव पीएचसी (92.25 प्रतिशत), सेवापुरी पीएचसी (77.70प्रतिशत), पिंडरा पीएचसी (72.70 प्रतिशत), हरहुआ पीएचसी (73.85 प्रतिशत), सीएचसी चोलापुर (88.8 प्रतिशत), नगरीय पीएचसी मंडुवाडीह, दीनदयाल उपाध्याय राजकीय अस्पताल, मंडलीय अस्पताल को भी इसी साल अवार्ड मिला है। बड़ागांव पीएचसी के प्रभारी डॉ. शेरमोहम्मद ने इसे बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा कि मरीजों की बेहतर सेवा का जो संकल्प लिया गया है, उसे पूरा करने की दिशा में एक बेहतर कदम है।