बैंक कर्मी हत्याकांड: सपा के पूर्व सांसद जवाहर जायसवाल और बेटे की मुश्किलें बढ़ीं, 11 साल बाद शुरू होगी जिरह
11 साल पुराने बैंक कर्मी महेश जायसवाल हत्याकांड समाजवादी पार्टी के पूर्व सांसद जवाहर जायसवाल व उसके बेटे गौरव जायसवाल और अन्य करीबियों की मुश्किलें आने वाले समय में बढ़ सकती हैं। एमपी-एमएलए कोर्ट में पांच अक्तूबर से मुख्य गवाह से जिरह शुरू होगी।
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समाजवादी पार्टी के पूर्व सांसद और वाराणसी के लालपुर पांडेयपुर थाने के हिस्ट्रीशीटर जवाहर जायसवाल व उसके बेटे गौरव जायसवाल और अन्य करीबियों की मुश्किलें आने वाले समय में बढ़ सकती हैं। 11 साल पुराने बैंक कर्मी महेश जायसवाल हत्याकांड के मुख्य गवाह उनके चचेरे भाई संत प्रसाद उर्फ गुड्डू जायसवाल ने जिला जेल में बंद बदमाश फहीम अंसारी उर्फ रिंकू की शिनाख्त की है।
बताया कि उनके भाई की हत्या से एक दिन पहले उन्हें खोजते हुए फहीम सहित दो बदमाश उनके घर आए थे। अब एमपी-एमएलए कोर्ट में संत प्रसाद उर्फ गुड्डू जायसवाल से जिरह शुरू होगी। इसके लिए पांच अक्तूबर की तिथि नियत की गई है।
23 अप्रैल 2012 को गोली मारकर हुई थी हत्या
अर्दली बाजार निवासी बैंक कर्मी महेश प्रसाद जायसवाल 23 अप्रैल 2012 की सुबह स्कूटी से भोजूबीर गए थे। वापस घर आने के दौरान भोजूबीर क्षेत्र में गोली मार कर हत्या कर दी गई। प्रकरण को लेकर कैंट थाने में अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। फौजदारी के अधिवक्ता वरुण प्रताप सिंह प्रिंस ने बताया कि पुलिस की विवेचना के दौरान महेश की हत्या में रोहित सिंह उर्फ सनी, रोशन गुप्ता उर्फ किट्टू, हैदर, फहीम अंसारी उर्फ रिंकू, अजय उर्फ विजय सिंह, रामानंद तिवारी, आनंद पांडेय, अमीरचंद पटेल, सोनू सोनकर, गौरव जायसवाल और जवाहर जायसवाल का नाम प्रकाश में आया।
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दो आरोपी मुठभेड़ में ढेर
इनमें से रोहित सिंह उर्फ सोनू और रोशन गुप्ता उर्फ किट्टू पुलिस मुठभेड़ में मारे गए। वहीं, हैदर की सोनभद्र जिले के चोपन क्षेत्र के जवारीडाड़ गांव के समीप गोली मारकर हत्या कर दी गई। फहीम जिला जेल में और अजय उर्फ विजय सिंह सहारनपुर जेल में बंद है। शेष अन्य आरोपी जमानत पर बाहर हैं।
हत्या हमारी होनी थी, गलतफहमी में भाई मारा गया
संत प्रसाद उर्फ गुड्डू जायसवाल ने बताया कि उनकी दोस्ती नदेसर स्थित एक होटल के मालिक विजय जायसवाल से थी। विजय से दोस्ती के कारण उनकी व उनके भाई जवाहर के मुकदमे की वह पैरवी करते थे। एक मुकदमे में जवाहर जायसवाल की जमानत खारिज हो गई। इसके बाद लचर पैरवी का आरोप लगाकर जवाहर और उसके बेटे गौरव ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी। संत प्रसाद ने कहा कि हत्या उनकी ही की जानी थी। 22 अप्रैल 2012 को फहीम अंसारी उर्फ रिंकू सहित दो बदमाश उनके घर भी आए थे, लेकिन वह बाहर नहीं निकले। अगले दिन गलतफहमी में उनकी शक्ल से मिलते-जुलते उनके चचेरे भाई महेश की हत्या कर दी गई। बदमाशों को लगा कि वह जिसे गोली मार रहे हैं, वह मैं ही हूं।
दो बार हाईकोर्ट जाने पर आरोपी बनाए गए पिता-पुत्र
संत प्रसाद ने बताया कि हत्या के इस मुकदमे के लिए बहुत संघर्ष करना पड़ा। समाजवादी पार्टी की सरकार होने के कारण पूर्व सांसद जवाहर जायसवाल के खिलाफ पुलिस कोई कार्रवाई ही करती थी। पुलिस की विवेचना सही से न होते देख वर्ष 2015 में इलाहाबाद हाईकोर्ट से गुहार लगाई गई। हाईकोर्ट ने आदेश दिया कि एसएसपी की निगरानी में विवेचना कराई जाए, लेकिन, आदेश का अनुपालन सही तरीके से नहीं हुआ। वर्ष 2018 में पुन: इलाहाबाद हाईकोर्ट में निष्पक्ष विवेचना की गुहार लगाई गई। हाईकोर्ट ने तत्कालीन एसएसपी को तलब कर निष्पक्ष विवेचना का आदेश दिया। इसके बाद जाकर जवाहर और गौरव का नाम मुकदमे में बतौर आरोपी शामिल हुआ।
जवाहर और गौरव वर्ष 2019 में गए थे जेल
बैंककर्मी महेश जायसवाल की हत्या की आपराधिक साजिश रचने के आरोपी बनाए जाने के बाद पुलिस ने जवाहर जायसवाल और उसके बेटे गौरव की तलाश शुरू की तो दोनों भूमिगत हो गए थे। इसी मामले में 25 हजार के इनामी घोषित किए गए जवाहर जायसवाल को जनवरी 2019 में एसटीएफ की वाराणसी इकाई ने मध्य प्रदेश के दमोह से गिरफ्तार किया था। वहीं, गौरव जायसवाल ने कोर्ट में समर्पण किया था। बाद में बाप-बेटे को इलाहाबाद हाईकोर्ट से जमानत मिली और वह रिहा कर दिया गया।