बनारस का मोस्ट वांटेड मुंबई में गिरफ्तार: सैम्स निदेशक आरके सिंह और मनीषा कोइराला के सचिव की हत्या की थी, पेशी पर जाते समय हुआ था फरार
मुंबई में अहमदाबाद पुलिस ने बनारस के मोस्ट वांटेड मनीष सिंह को गिरफ्तार किया है। वाराणसी पुलिस भी अहमदाबाद के लिए जल्दी ही रवाना होगी। वाराणसी के विभिन्न थानों में हत्या, लूट, रंगदारी और आर्म्स एक्ट के 11 मुकदमे दर्ज हैं।
विस्तार
वाराणसी में दशक पूर्व बाबतपुर रोड स्थित सैम्स के निदेशक आरके सिंह और अभिनेत्री मनीषा कोइराला के सचिव अजीत देवानी की हत्या कर सनसनी फैलाने वाले बनारस के मोस्ट वांटेड 50 हजार के इनामी बदमाश मनीष सिंह को महाराष्ट्र में अहमदाबाद पुलिस ने गिरफ्तार किया है। जंसा निवासी मनीष सिंह के ऊपर वाराणसी के विभिन्न थानों में हत्या, लूट, रंगदारी और आर्म्स एक्ट के 11 मुकदमे दर्ज हैं।
महाराष्ट्र के बकोला थाने में भी मनीष पर हत्या के प्रयास सहित मकोका एक्ट में मुकदमे दर्ज हैं। पेशी पर जाते समय पुलिसकर्मियों को चकमा देकर कचहरी से फरार हुआ मनीष सिंह फिर वाराणसी पुलिस के हाथ नहीं लगा। माफिया सुभाष ठाकुर का खास कहा जाने वाला मनीष सिंह ने पिछले डेढ़ दशक से मुंबई में ठिकाना बना रखा था। उसकी गिरफ्तारी किए जाने के बाद एसटीएफ और वाराणसी पुलिस भी फास्ट हो गई है। माना जा रहा है कि जल्द ही पुलिस की एक टीम अहमदाबाद रवाना होगी।
30 जून 2001 में की थी हत्या
जंसा के दीनदासपुर के रहने वाले मनीष सिंह ने युवावस्था में ही अपराध का दामन थाम लिया था। 30 जून 2001 में फिल्म अभिनेत्री मनीषा कोइराला के सचिव अजीत देवानी की रंगदारी नहीं देने पर हत्या कर दी थी। इस हत्या में शूटर के तौर पर मनीष सिंह का नाम सामने आया था। हालांकि इस हत्याकांड में अबू सलेम और चोलापुर के इमलिया गांव निवासी दीपक सिंह दीपू का भी नाम सामने आया था। दीपू को वर्ष 2009 में बिहार पुलिस ने सासाराम में मार गिराया था। उधर, इस चर्चित हत्याकांड के बाद से मनीष की पहचान हुई और महाराष्ट्र के बकोला थाने में मुकदमा दर्ज हुआ था।
2007 में सैम्स के निदेशक की हत्या की
बनारस सहित पूर्वांचल के जरायम जगत में चर्चित नाम मनीष सिंह पर कैंट थाने की पुलिस ने 24 मई 2010 को 50 हजार का इनाम घोषित किया था। एक दशक से अधिक समय से फरार मनीष सिंह ने 21 अप्रैल 2007 को सैम्स के निदेशक आरके सिंह की रथयात्रा स्थित एक लॉन के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी थी। हत्या से पुलिस की इतनी किरकिरी हुई कि तत्कालीन एसएसपी सुजीत कुमार पांडेय को हटा दिया गया था।
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घटना में शूटर के तौर पर मनीष का ही नाम सामने आया था। पुलिस अधिकारियों के अनुसार मनीष सिंह ने वर्ष 2012 में आरके सिंह हत्याकांड में साजिशकर्ता रहे अशोक तलरेजा पर दिनदहाड़े फायरिंग की थी। इसी दिन शाम को लूट की नियत से रोहनिया में आढ़ती हरिनाथ पटेल की गोली मारकर हत्या की थी। इसके बाद मनीष ने मुंबई में कई आपराधिक घटनाओं को अंजाम दिया। रोहनिया थाने के एक मामले में चार साल पूर्व एसओ रहते हुए शिवानंद मिश्रा ने मनीष के दबोचने को लेकर घेराबंदी की थी लेकिन वह भाग निकला था।
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मुन्ना बजरंगी का आर्थिक साम्राज्य बचाने को मनीष को मिली थी कमान
बागपत जेल में मारे गए माफिया मुन्ना बजरंगी के आपराधिक तरीके से अर्जित की कई करोड़ों की संपत्ति का पता लगाने और संपत्ति को बचाने की कमान बदमाश मनीष सिंह को मिली थी। मुन्ना बजरंगी की हत्या के तीन माह बाद ही वाराणसी में पंचायत हुई थी, पुलिस सूत्रों के अनुसार उसमें मनीष सिंह को मुंबई से बुलाया गया था।
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