बीएचयूः कुलपति पद के लिए आवेदन का एक और मौका, नौ महीने के भीतर दूसरी बार विज्ञापन जारी
बीएचयू में कुलपति पद से प्रो. राकेश भटनागर का कार्यकाल मार्च महीने में पूरा होने के बाद से विश्वविद्यालय के रेक्टर प्रो. वीके शुक्ला कार्यवाहक कुलपति पद की जिम्मेदारी का निर्वहन कर रहे हैं।
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काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) में नए कुलपति के चयन के लिए आवेदन का एक और मौका दिया गया है। इस पद पर चयन के लिए शिक्षा मंत्रालय की वेबसाइट से आवेदन पत्र डाउनलोड कर उसे 24 सितंबर तक भेजा जा सकेगा। मंत्रालय की ओर से नौ महीने के भीतर दूसरी बार विज्ञापन जारी किया गया है।
बीएचयू में कुलपति पद से प्रो. राकेश भटनागर का कार्यकाल मार्च महीने में पूरा होने के बाद से विश्वविद्यालय के रेक्टर प्रो. वीके शुक्ला कार्यवाहक कुलपति पद की जिम्मेदारी का निर्वहन कर रहे हैं। नियमानुसार कुलपति का कार्यकाल पूरा होने के तीन महीने पहले से ही नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू हो जाती है।
इसको देखते हुए ही 9 दिसंबर 2020 में ही शिक्षा मंत्रालय की ओर से विज्ञापन जारी कर आवेदन भी मांगे गए थे। पीआरओ (बीएचयू) डॉ. राजेश सिंह ने कहा कि शिक्षा मंत्रालय की ओर से कुलपति की नियुक्ति का विज्ञापन जारी किया गया है। इस बारे में बीएचयू की वेबसाइट के साथ ही शिक्षा मंत्रालय की वेबसाइट पर आवेदन के साथ ही अन्य जानकारियां भी ली जा सकती हैं।
आईआईटी बीएचयू : कैंसर के इलाज में सहायक होगा मल्टीहोल नोजल
आईआईटी बीएचयू के मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग में शोध कर्ताओं की टीम ने एक ऐसा मल्टीहोल नोजल तैयार किया है, जिसके प्रयोग से कैंसर मरीजों के उपचार में मदद मिलेगी। डॉ. अमितेश कुमार के निर्देशन में हुए शोध में प्रशांत श्रीवास्तव और सर्वेश कुमार शामिल हैं।
इसकी खासियत है कि इसकी मदद से तरल नाइट्रोजन का स्प्रे करने से कैंसर ग्रस्त कोशिकाओं को नष्ट करने में भी असरदार साबित होगी। इसे क्रायोथेरेपी यानि शीत चिकित्सा पद्धति भी बोलते हैं। इस शोध में यह देखा गया कि शरीर के किसी भी अंग की कोशिकाएं माइनस 40 डिग्री तापमान के संपर्क में आने के बाद ही नष्ट हो जाती है।जिस तरह से कैंसर के मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है और इलाज में अधिक रुपये खर्च होते हैं, उससे इस तरह के शोध में मिली सफलता से भविष्य में इलाज के खर्च में भी कमी आ सकती है।