बलिया वसूली कांड: 100 रुपये में 60 थानाध्यक्ष पन्नेलाल के, बाकी में सब; संपत्ति का ब्यौरा खंगालने में जुटी टीम
बलिया में ट्रकों से अवैध वसूली के खेल का भंडाफोड़ होने के बाद पुलिस महकमे में खलबली मची है। वहीं गिरफ्तार सिपाहियों ने पूछताछ में बताया है कि वसूली के 100 रुपये मिलते थे तो 60 थानाध्यक्ष पन्नेलाल रखता था। 40 सिपाहियों और दलालों पर खर्च करता था।
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बलिया में पुलिस और दलालों के गठजोड़ से चल रहे ट्रकों से अवैध वसूली के खेल का भंडाफोड़ होने के बाद भूमिगत हुआ नरही थाने का निलंबित थानाध्यक्ष पन्नेलाल सुर्खियों में है। गिरफ्त में आए दो सिपाहियों ने प्रारंभिक पूछताछ में बताया कि पन्नेलाल 60 और 40 के अनुपात में अवैध वसूली कराता था। यानि, अवैध वसूली से 100 रुपये मिलते थे तो 60 रुपये खुद रखता था। 20 रुपये सिपाहियों और 20 रुपये दलालों पर खर्च करता था। इसलिए अब विजिलेंस के अलावा विभागीय जांच के क्रम में पन्नेलाल की संपत्ति का ब्यौरा भी जुटाया जा रहा है। गोरखपुर का मूल निवासी पन्नेलाल 2012 में दरोगा बना था। आरटीसी चुनार से प्रशिक्षण के बाद वह जौनपुर जिले में तैनात हुआ।
अगस्त 2022 में पन्नेलाल नरही थाने के थानाध्यक्ष के पद पर तैनात किया गया। तब से लेकर गुरुवार को निलंबन और मुकदमा दर्ज किए जाने तक वह नरही थानाध्यक्ष के पद पर ही कार्यरत रहा। तैनाती के कुछ समय बाद ही पन्नेलाल ने अपनी एक अलग टीम बना ली थी और उस पर वह आंख मूंद कर विश्वास करता था।
हरिदयाल सिंह गिरफ्तार कर लिया गया है और विष्णु, दीपक व बलराम की तलाश की जा रही है। पन्नेलाल की देखादेखी उसकी सहमति से उसके थाना क्षेत्र की कोरंटाडीह चौकी के सामने दरोगा राजेश कुमार प्रभाकर गाजीपुर जाने वाले ट्रकों से सिपाही सतीश गुप्ता और अपने निजी व्यक्तियों से अवैध वसूली कराता था।
दलालों को महीने की तनख्वाह, सिपाहियों का रोज भुगतान गिरफ्तार मुख्य आरक्षी हरिदयाल सिंह ने पुलिस को बताया कि पन्नेलाल ट्रकों से अवैध वसूली करने वाले दलालों को प्रतिमाह मासिक भुगतान करता था। भुगतान की दर अलग-अलग रहती थी। रोजाना की अवैध वसूली रजिस्टर में दर्ज की जाती थी और वह मौके से बरामद भी हुआ है।
हरिदयाल सिंह ने बताया कि भरौली तिराहे पर उसे और उसके साथ ड्यूटी करने वाले तीन सिपाहियों को प्रति मालवाहक पन्नेलाल 100 रुपये देता था। भरौली तिराहे पर रोटेशन में सिपाहियों की ड्यूटी लगती थी, लेकिन हरिदयाल, विष्णु, दीपक और बलराम ही सबसे ज्यादा तैनात होते थे।
ट्रांसपोर्टर सीधे कर लेते थे पन्नेलाल से संपर्क
पुलिस की पूछताछ में यह भी सामने आया है कि आए दिन की किचकिच से बचने के लिए कुछ ट्रांसपोर्टर सीधे पन्नेलाल से ही संपर्क कर रेट तय कर लेते थे। उनका पैसा सीधे पन्नेलाल के पास आता था। पन्नेलाल के निर्देश पर उन ट्रांसपोर्टर के ट्रकों को भरौली तिराहा या कोरंटाडीह पुलिस चौकी के सामने नहीं रोका जाता था। ऐसे ही एक ट्रांसपोर्टर का आदमी विवेक शर्मा बुधवार की रात गिरफ्तार भी किया गया है।