बलिया: सहारा में निवेश के नाम पर 77 हजार लिए, दूसरी कंपनी में फिक्स करने का आरोप; फर्जी दस्तावेज दिए गए
बलिया के सुखपुरा थाना क्षेत्र में निवेश के नाम पर 77 हजार रुपये लेने और रकम दूसरे स्थान पर फिक्स करने का आरोप लगा है। पीड़ित ने मामले की शिकायत पुलिस से की है। आरोप है कि निवेश के लिए दी गई रकम को तय योजना के बजाय कहीं और फिक्स कर दिया गया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
विस्तार
सहारा में रकम जमा कराने के नाम पर 77,200 रुपये लेने और बाद में दूसरी कंपनी के फिक्स डिपॉजिट के कागजात देने का आरोप लगाते हुए एक व्यक्ति ने न्यायालय में प्रार्थना पत्र दाखिल किया है। आरोप है कि रकम वापस मांगने पर उसे धमकी दी गई। पुलिस की ओर से प्राथमिकी दर्ज नहीं किए जाने का आरोप लगाते हुए पीड़ित ने अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम की अदालत में प्रार्थना पत्र देकर एफआईआर दर्ज कर विवेचना कराने की मांग की है।
सुखपुरा थाना क्षेत्र के करनई गांव निवासी रामेश्वर गुप्ता ने न्यायालय में दिए प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया कि खरहाटार निवासी सुरेंद्र सिंह ने वर्ष 2012 से 2015 के बीच सहारा कंपनी में अधिक लाभ मिलने का झांसा देकर उससे रुपये लिए।
पुलिस ने दर्ज की प्राथमिकी
सुरेंद्र सिंह के कहने पर उमाशंकर के एसबीआई खाते में अलग-अलग किश्तों में 31 हजार रुपये भेजे। इसके अलावा सुरेंद्र सिंह की पुत्री साक्षी के खाते में आठ हजार रुपये और नकद 35 हजार तथा 3,200 रुपये दिए। इस तरह कुल 77,200 रुपये लिए गए।
करीब दस वर्ष बाद 20 मई 2025 को जब उसने अपनी रकम वापस मांगी तो टालमटोल शुरू कर दी गई। पैसा मांगने पर मारपीट की धमकी भी दी गई। इसके बाद 29 जून 2025 को सुखपुरा थाने में शिकायत की गई। थाने पर दोनों पक्षों की मौजूदगी में सुरेंद्र सिंह ने सहारा में रकम जमा होने के कागजात देने के बजाय रियल सन राइज हॉस्पिटैलिटी लिमिटेड के नाम से 29 अगस्त 2013 को 51 हजार और 30 सितंबर 2014 को 26 हजार रुपये जमा होने के दस्तावेज दिए।
वादी का आरोप है कि इन कागजातों को लेकर भी रकम वापस करने का भरोसा दिया गया, लेकिन भुगतान नहीं किया गया। रामेश्वर गुप्ता ने आरोप लगाया कि उसकी रकम सहारा में जमा न कराकर किसी अन्य कंपनी में लगाई गई और उसे फर्जी दस्तावेज दिए गए। थानाध्यक्ष रत्नेश दुबे ने कहा कि न्यायालय के आदेश पर आरोपी पर प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।