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बलिया -75 लाख घोटाला
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छात्रवृत्ति के 75 लाख रुपये के गबन का आरोपी कैशियर गिरफ्तार
ईओडब्ल्यू वाराणसी की टीम ने की कार्रवाई
वर्ष 2015 में कैशियर पर दर्ज हुआ था मुकदमा
अमर उजाला ब्यूरो
बलिया। छात्रवृत्ति के 75 लाख रुपये के घोटाले के आरोपी कैशियर को ईओडब्ल्यू वाराणसी की टीम ने मंगलवार की सुबह भरौली स्थित कोऑपरेटिव बैंक से गिरफ्तार किया। तत्कालीन शाखा प्रबंधक ने कैशियर पर वर्ष 2015 में मुकदमा दर्ज कराया था।
सुखपुरा थाना क्षेत्र के भराखरा निवासी हीरामन पुत्र स्व. मुनीराम उभावं स्थित कोऑपरेटिव बैंक में कैशियर पद पर तैनात था। उसने हेराफेरी कर छात्रवृत्ति के करीब 75 लाख रुपये अपने दो बेटों व एक एलआईसी एजेंट समेत अन्य के खातों में भेज दिया था। इसकी जानकारी होने पर तत्कालीन शाखा प्रबंधक ने कैशियर के विरुद्ध तहरीर दी। मुकदमा दर्ज होने के बाद से वांछित चल रहा आरोपी कैशियर वर्तमान में नरही थाना क्षेत्र के भरौली स्थित को ऑपरेटिव बैंक में तैनात था। इसकी जानकारी होने पर ईओडब्ल्यू वाराणसी की टीम ने इंस्पेक्टर शिवाकांत तिवारी के नेतृत्व में नरही पुलिस के साथ मंगलवार की सुबह उसे गिरफ्तार कर लिया। ईओडब्ल्यू के इंस्पेक्टर शिवाकांत तिवारी ने बताया कि आरोपी पर वर्ष 2015 में तत्कालीन शाखा प्रबंधक की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया था। गबन मामले में कैशियर के पुत्र अजय राम को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। वह 11 माह बाद जमानत पर रिहा हुआ है। एलआईसी एजेंट हंसनाथ को भी गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था जो वर्तमान में जेल में है। वहीं बासडीह कोतवाली क्षेत्र के रियाजुद्दीन पुत्र मीर मोहम्मद की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।
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ईओडब्ल्यू वाराणसी की टीम ने की कार्रवाई
वर्ष 2015 में कैशियर पर दर्ज हुआ था मुकदमा
अमर उजाला ब्यूरो
बलिया। छात्रवृत्ति के 75 लाख रुपये के घोटाले के आरोपी कैशियर को ईओडब्ल्यू वाराणसी की टीम ने मंगलवार की सुबह भरौली स्थित कोऑपरेटिव बैंक से गिरफ्तार किया। तत्कालीन शाखा प्रबंधक ने कैशियर पर वर्ष 2015 में मुकदमा दर्ज कराया था।
सुखपुरा थाना क्षेत्र के भराखरा निवासी हीरामन पुत्र स्व. मुनीराम उभावं स्थित कोऑपरेटिव बैंक में कैशियर पद पर तैनात था। उसने हेराफेरी कर छात्रवृत्ति के करीब 75 लाख रुपये अपने दो बेटों व एक एलआईसी एजेंट समेत अन्य के खातों में भेज दिया था। इसकी जानकारी होने पर तत्कालीन शाखा प्रबंधक ने कैशियर के विरुद्ध तहरीर दी। मुकदमा दर्ज होने के बाद से वांछित चल रहा आरोपी कैशियर वर्तमान में नरही थाना क्षेत्र के भरौली स्थित को ऑपरेटिव बैंक में तैनात था। इसकी जानकारी होने पर ईओडब्ल्यू वाराणसी की टीम ने इंस्पेक्टर शिवाकांत तिवारी के नेतृत्व में नरही पुलिस के साथ मंगलवार की सुबह उसे गिरफ्तार कर लिया। ईओडब्ल्यू के इंस्पेक्टर शिवाकांत तिवारी ने बताया कि आरोपी पर वर्ष 2015 में तत्कालीन शाखा प्रबंधक की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया था। गबन मामले में कैशियर के पुत्र अजय राम को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। वह 11 माह बाद जमानत पर रिहा हुआ है। एलआईसी एजेंट हंसनाथ को भी गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था जो वर्तमान में जेल में है। वहीं बासडीह कोतवाली क्षेत्र के रियाजुद्दीन पुत्र मीर मोहम्मद की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।
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