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UP: पूर्व MLC वासुदेव की जमानत मंजूर, स्पेशल जज ने दिया रिहा करने का आदेश; अवैध संपत्ति से जुड़ा है मामला

Thu, 13 Mar 2025 03:16 AM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: अमन विश्वकर्मा Updated Thu, 13 Mar 2025 03:16 AM IST
सार

समाजवादी पार्टी के पूर्व एमएलसी व शिक्षा बोर्ड के निदेशक वासुदेव यादव को विजिलेंस की टीम ने गिरफ्तार किया था। न्यायालय में हाजिर नहीं होने पर वासुदेव के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी था।

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bail granted of Former MLC Vasudev in illegal property case special judge orders his release
माजवादी पार्टी के पूर्व एमएलसी व शिक्षा बोर्ड के निदेशक वासुदेव यादव। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

स्पेशल जज एमपी एमएलए की अदालत ने पूर्व विधान परिषद सदस्य व पूर्व शिक्षा निदेशक वासुदेव यादव की जमानत अर्जी मंजूर कर रिहा करने का आदेश दिया है। प्रकरण के मुताबिक, आरोपी वासुदेव पर लोक सेवक पद पर रहते हुए अवैध रूप से 97,34,600 रुपये की संपत्ति जांच में पाई गई। 

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जांच अधिकारी ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत जॉर्जटाउन थाना प्रयागराज में केस दर्ज कराया। विवेचना के दौरान आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार नहीं किया। विचारण के दौरान अदालत नहीं आने पर गैरजमानती वारंट जारी कर दिया, जिस पर पुलिस ने चार मार्च 2025 को गिरफ्तार किया।
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आरोपी के अधिवक्ता देशरत्न श्रीवास्तव ने अदालत को बताया कि जिस धारा का आरोप पूर्व निदेशक पर लगाया गया है, वह 2018 में संशोधित किया गया है। आरोपी 2014 में ही अवकाश प्राप्त कर चुका है। इसलिए यह धारा आरोपी पर लग ही नहीं सकती। 
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आरोपी ने किसी से भी कभी कोई धन की मांग नहीं की, जो जमीन 1978 से 2014 तक सेवाकाल में कम मूल्य पर खरीदी गई। उसका मूल्यांकन जांच अधिकारी ने 2021 के मूल्य के हिसाब से किया है, जो गलत है। जांच अधिकारी ने आरोपी की पत्नी, पुत्र, पुत्रियों की आय भी जोड़ दी है, जो गलत है। 


आरोपी की पुत्री बैंक में 2008 से जाॅब कर रही है। सभी रिटर्न भरते हैं। आरोपी ने विधान परिषद में एक शराब माफिया के खिलाफ बोला था, जिससे सत्ता में बैठे कुछ लोग नाराज हो गए और अवकाश ग्रहण करने के सात साल बाद जांच बैठा दी। अभियोजन ने जमानत का विरोध किया, लेकिन अदालत ने रिहा करने का आधार पर्याप्त पाकर जमानत अर्जी मंजूर कर ली।

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