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देश का पहला एयरपोर्ट होगा बनारस का बाबतपुर, जहां रनवे के नीचे से गुजरेगा हाईवे
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Wed, 06 Jun 2018 10:54 AM IST
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बाबतपुर एयरपोर्ट
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जिब्राल्टर एयरपोर्ट की तर्ज पर बनारस के बाबतपुर स्थित लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के रनवे के नीचे से नेशनल हाईवे (एनएच-56) गुजरेगा। एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एएआई) ने रनवे के नीचे 650 मीटर हाईवे को सुरंग (टनल) के रूप में बनाने की सहमति दे दी है।
यह देश का ऐसा पहला एयरपोर्ट होगा, जहां रनवे के नीचे से हाईवे निकलेगा। टनल के निर्माण की अनुमति के बाद एयरपोर्ट के रनवे विस्तार का रास्ता साफ हो गया है। फिलहाल, एयरपोर्ट का रनवे 2743 मीटर है। विस्तार के बाद रनवे 4075 मीटर हो जाएगा। रनवे के विस्तार के बाद यहां बोइंग और बड़े मालवाहक विमान उतर सकेंगे।
वाराणसी को लखनऊ से जोड़ने वाले एनएच-56 को भी फोरलेन किया जा सकेगा। अधिकारियों की मानें तो रनवे का विस्तार और हाईवे के लिए टनल बनाने का काम एक साथ शुरू होगा। एयरपोर्ट अधिकारियों को इसकी जानकारी दे दी गई है। जमीन की कमी के चलते लंबे समय से एयरपोर्ट के विस्तारीकरण की प्रक्रिया लंबित है।
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यही नहीं, करीब दस साल पहले एनएच-56 को फोरलेन करने का निर्णय हुआ था, मगर एयरपोर्ट अथॉरिटी की आपत्तियों के कारण यह काम भी रुका हुआ था। दरअसल, हवाई अड्डे के रनवे के पूरब दिशा में रेलवे लाइन और पश्चिम में एनएच-56 है। रेलवे लाइन की तरफ हवाई अड्डे का विस्तार संभव नहीं है। इसलिए हवाई अड्डे का विस्तार पश्चिम की तरफ किया जाएगा।
एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर एसबी सिंह का कहना है कि रनवे के नीचे अंडरपास (टनल) बनाने पर एयरपोर्ट अथॉरिटी ने अनापत्ति दे दी है। एयरपोर्ट अथॉरिटी से चर्चा के बाद निर्धारित मानकों के अनुरूप डिजाइन तैयार किया जाएगा।
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यह देश का ऐसा पहला एयरपोर्ट होगा, जहां रनवे के नीचे से हाईवे निकलेगा। टनल के निर्माण की अनुमति के बाद एयरपोर्ट के रनवे विस्तार का रास्ता साफ हो गया है। फिलहाल, एयरपोर्ट का रनवे 2743 मीटर है। विस्तार के बाद रनवे 4075 मीटर हो जाएगा। रनवे के विस्तार के बाद यहां बोइंग और बड़े मालवाहक विमान उतर सकेंगे।
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वाराणसी को लखनऊ से जोड़ने वाले एनएच-56 को भी फोरलेन किया जा सकेगा। अधिकारियों की मानें तो रनवे का विस्तार और हाईवे के लिए टनल बनाने का काम एक साथ शुरू होगा। एयरपोर्ट अधिकारियों को इसकी जानकारी दे दी गई है। जमीन की कमी के चलते लंबे समय से एयरपोर्ट के विस्तारीकरण की प्रक्रिया लंबित है।
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यही नहीं, करीब दस साल पहले एनएच-56 को फोरलेन करने का निर्णय हुआ था, मगर एयरपोर्ट अथॉरिटी की आपत्तियों के कारण यह काम भी रुका हुआ था। दरअसल, हवाई अड्डे के रनवे के पूरब दिशा में रेलवे लाइन और पश्चिम में एनएच-56 है। रेलवे लाइन की तरफ हवाई अड्डे का विस्तार संभव नहीं है। इसलिए हवाई अड्डे का विस्तार पश्चिम की तरफ किया जाएगा।
एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर एसबी सिंह का कहना है कि रनवे के नीचे अंडरपास (टनल) बनाने पर एयरपोर्ट अथॉरिटी ने अनापत्ति दे दी है। एयरपोर्ट अथॉरिटी से चर्चा के बाद निर्धारित मानकों के अनुरूप डिजाइन तैयार किया जाएगा।