एयरपोर्ट विस्तार: 'जहां जीउतिया पूजते हैं वहां कब्रिस्तान नहीं बनने देंगे', उग्र हुए ग्रामीण; पैमाइश का विरोध
Varanasi News: लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के विस्तारीकरण कार्य के तहत मंगारी गांव स्थित एक पुराने कब्रिस्तान में दो दिन पूर्व कराए गए सफाई कार्य को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी है। पिंडरा एसडीएम प्रतिभा मिश्रा मौके पर पहुंचीं और ग्रामीणों से बातचीत कर मुआयना किया।
विस्तार
Babatpur Airport Varanasi: लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के विस्तार को लेकर मंगारी गांव में चल रहा विवाद बुधवार को और गहरा गया। प्रशासन की ओर से कब्रिस्तान के वैकल्पिक स्थल के रूप में हिंदू धार्मिक स्थल के पास की भूमि चिह्नित किए जाने की कोशिश से ग्रामीणों में भारी नाराजगी है। पैमाइश करने पहुंचे नायब तहसीलदार कोलसला राधेश्याम का ग्रामीणों ने घेराव कर जोरदार विरोध जताया।
ग्रामीणों का कहना है कि जिस भूमि को कब्रिस्तान के लिए प्रस्तावित किया जा रहा है, वह गांव की सनातन परंपराओं और धार्मिक आस्था से जुड़ी हुई है। इस स्थल पर किसी भी प्रकार का हस्तक्षेप स्वीकार नहीं किया जाएगा।
जताई नाराजगी
ग्रामीणों ने बताया कि एयरपोर्ट विस्तार की जद में आए प्राचीन कब्रिस्तान के स्थान पर प्रशासन नई जमीन की तलाश कर रहा है, लेकिन चयन प्रक्रिया में जनभावनाओं की अनदेखी की जा रही है। बुधवार को राजस्व टीम के साथ नायब तहसीलदार के गांव पहुंचते ही जैसे ही पैमाइश शुरू हुई, सैकड़ों ग्रामीण महिलाएं और पुरुष मौके पर एकत्र हो गए। देखते ही देखते नारेबाजी शुरू हो गई और प्रशासन के खिलाफ आक्रोश व्यक्त किया गया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि प्रशासन जानबूझकर ऐसी भूमि का चयन कर रहा है, जहां वर्षों से धार्मिक और सार्वजनिक गतिविधियां संचालित हो रही हैं।
एसडीएम पिंडरा प्रतिभा मिश्रा ने बताया कि कब्रिस्तान की जमीन से जुड़े पुराने अभिलेखों की जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि राजस्व टीम जब मौके पर पहुंची तो यह जानकारी मिली कि प्रस्तावित भूमि पर ग्रामीणों की ओर से जीउतिया पूजन और अन्य धार्मिक गतिविधियां की जाती हैं, इसलिए वहां कब्रिस्तान संभव नहीं है।
एयरपोर्ट विस्तारीकरण की जद में आया था कब्रिस्तान
कब्रिस्तान की सफाई कराए जाने से नाराज मंगारी गांव एवं नैपुरा क्षेत्र के मुस्लिम समुदाय के लोग मौके पर एकत्र हो गए और विरोध जताया। ग्रामीणों का आरोप है कि यह कब्रिस्तान एयरपोर्ट निर्माण से भी पहले से मौजूद है और लगभग 100 परिवारों द्वारा लंबे समय से उपयोग में लाया जा रहा है।
बिना किसी पूर्व सूचना या नोटिस के कब्रिस्तान की भूमि पर किसी भी प्रकार का कार्य करना गलत है और यह उनके पूर्वजों की भावनाओं के साथ अन्याय है। सूचना मिलने पर फूलपुर थाने की पुलिस टीम, पिंडरा की एसडीएम प्रतिभा मिश्रा तथा लेखपाल शैलेश कुमार मौके पर पहुंचे।
अधिकारियों ने ग्रामीणों से वार्ता कर स्थिति को शांत कराया और मामले की जांच का आश्वासन दिया। झाड़-झंखाड़ की साफ-सफाई के दौरान कार्य रोके जाने की सूचना पर एसडीएम मौके पर वार्ता के लिए पहुंचीं और भूमि का मुआयना किया गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि जहां सफाई कार्य हो रहा है, वहां कोई कब्र नहीं है और विभागीय अभिलेखों में वह भूमि भीटा के रूप में दर्ज है।