फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Azamgarh youth did fraud on the name of virtual currency

आजमगढ़ के युवक ने वर्चुअल करंसी के नाम पर ठगे 80 करोड़, लोगों को ऐसे फंसाया अपने जाल में 

Wed, 09 Jan 2019 05:02 PM IST
दुष्यंत शर्मा न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Wed, 09 Jan 2019 05:02 PM IST
विज्ञापन
Azamgarh youth did fraud on the name of virtual currency
रोहित कुमार
उत्तर प्रदेश में आजमगढ़ के रहने वाले रोहित कुमार ने वर्चुअल क्रिप्टो करंसी के नाम पर सैकड़ों लोगों से 80 करोड़ रुपये ठग लिए। दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने ठगी के आरोप में रोहित को गिरफ्तार किया है। रोहित ने अपने साथियों के साथ मिलकर जुलाई 2017 में वर्चुअल क्रिप्टो करंसी के नाम पर मनी ट्रेड कॉइन लांच किया था। मनी ट्रेड कॉइन में निवेश करने पर मोटे मुनाफे का झांसा दिया गया।
विज्ञापन


आरोपियों ने तीन यूएस डॉलर के निवेश पर कुछ दिन में उनकी कीमत 2500 यूएस डॉलर होने का झांसा दिया। तीन आरोपियों को महाराष्ट्र पुलिस ने पहले ही गिरफ्तार कर लिया है, जबकि एक आरोपी डॉ. अमित लखन पाल फरार है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है।
विज्ञापन


अतिरिक्त पुलिस आयुक्त डॉ. अजीत कुमार सिंगला ने बताया कि 31 दिसंबर, 2018 को दिल्ली निवासी संतोष कुमार ने 21 लाख से अधिक की ठगी का आरोप लगाया था। धीरे-धीरे कर कई शिकायतकर्ता सामने आ गए।
विज्ञापन
विज्ञापन


पीड़ितों ने बताया कि रोहित कुमार, डॉ. अमित लखन पाल, राजेंद्र कुमार शाह व अन्य ने सोशल मीडिया व निजी बुलावा देकर उन्हें कार्यक्रम में बुलाया। दिल्ली, मुंबई और देश के कई शहरों के अलावा दुबई में इन लोगों ने पांच सितारा होटलों में कार्यक्रम आयोजित किए।

इन लोगों ने अपनी निवेश योजना के बारे में बताया। इनके प्लान के मुताबिक वर्चुअल क्रिप्टो करंसी लांच की गई, जिसका नाम मनी ट्रेड कॉइन रखा। कंपनी का नाम फिलिंसटोन टेक्नोलॉजीज रखा गया। 

ऐसे जीता भरोसा

कार्यक्रम में लोगों का विश्वास जीतने के लिए इन लोगों ने एक शख्स से वित्त मंत्रालय के एक सदस्य के फर्जी विजिटिंग कार्ड भी बंटवाए। कंपनी का दफ्तर जीवनदीप बिल्डिंग, संसद मार्ग और इंग्लैंड के नॉटिंगम शहर में बताया गया।

निवेशकों से मल्टी लेवल मार्केटिंग (एमएलएम) करने पर दो फीसदी मुनाफा कमाने के लिए कहा गया। देश और विदेशों के सैकड़ों लोगों ने करीब 80 करोड़ रुपये इनकी वर्चुअल करंसी में निवेश कर दिए, लेकिन जब उनको अपने निवेश का लाभ नहीं मिला, तो मामले की शिकायत पुलिस से कर दी। ठगी का पता चलते ही अपराध शाखा ने फौरन मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी।

मामले में रोहित कुमार नामक आरोपी को बुराड़ी स्थित उसके घर से दबोच लिया। रोहित ने बताया कि उनके गैंग के तीन सदस्यों सचिन शैलर, विक्रम मंघेड़ा और ताह कौजी को महाराष्ट्र पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। पूरी ठगी का मास्टर माइंड डॉ. अमित लखन पाल करोड़ों रुपये लेकर फरार है। अपराध शाखा की टीम ने उसकी तलाश शुरू कर दी है।

क्या है वर्चुअल करेंसी

वर्चुअल मनी यानी आभासी मुद्रा। आभासी मतलब अन्य मुद्रा की तरह इसका कोई भौतिक स्वरूप नहीं होता है। यह एक डिजिटल करंसी है। इस करंसी को न तो आप देख सकते हैं और न ही छू सकते हैं। यह केवल इलेक्ट्रॉनिक स्टोर होती है। बिटकॉइन भी वर्चुअल करंसी की तरह ही होती है।

बताते चलें कि आरोपी रोहित कुमार ने 12वीं कक्षा आजमगढ़ के स्कूल से की थी। इसके बाद इसने पूर्वांचल विश्वविद्यालय से ग्रेजुएशन किया। 2007 में यह दिल्ली आ गया। यहां इसने कई नामी कंपनियों में नौकरी की। इसके बाद जुलाई 2017 में इसने नौकरी छोड़ दी। यह वर्चुअल क्रिप्टो करंसी के कारोबार से डॉ. अमित लखन पाल के साथ जुड़ गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed