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दहेज के लिए पति ने पीटने के बाद बांध दिया था हाथ और पैर,भाई ने छुड़ाया

Mon, 21 Aug 2017 09:36 PM IST
ब्यूरो,अमर उजाला,आजमगढ़
ब्यूरो,अमर उजाला,आजमगढ़ Updated Mon, 21 Aug 2017 09:36 PM IST
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azamgarh brother rescued  sister who Torture for dowry
अस्पताल में जख्म दिखाती पीड़िता - फोटो : अमर उजाला
ये जानते हुए कि दहेज लेना न सिर्फ सामाजिक कुरीति बल्कि कानूनन भी एक दंडनीय अपराध है।  बावजूद इसके यह सिल‌सिला बदस्तूर चला जा रहा है। ताजा मामला आजमगढ़ जिले के एक गांव का है जहां दहेज के लिए पत्नी को पीटने के बाद पैर रस्सी से बांधकर पति द्वारा घर में तीन दिनों तक बंधक बनाए रखने का मामला सामने आया है।
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रविवार को विवाहिता के भाई ने आकर उसे मुक्त कराया और उसे मायके लिवा ले गया। सोमवार को उसका जिला अस्पताल में मेडिकल कराया गया। विवाहिता के पैर में रस्सी बांधने और शरीर पर जगह-जगह लाठी-डंडे के निशान थे। देर शाम तक थाने में तहरीर नहीं दी गई थी। घटना तहबरपुर थाना क्षेत्र के सेमरी सोढरी गांव की है।
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सिधारी थाना क्षेत्र के जाफरपुर गांव स्थित कांशीराम आवास में रहने वाले शंभू प्रसाद की बेटी गुड़िया (30) की शादी वर्ष 2008 में तहबरपुर थाना क्षेत्र के सेमरी सोढरी गांव निवासी विजय सेठ से हुई थी। उसके भाई नीरज के मुताबिक शादी के बाद उसकी बहन गुड़िया एक बेटी और एक बेटे की मां बनी।
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इतने वर्षों के बाद भी पति समेत ससुराल वाले दहेज के लिए उसे प्रताड़ित करते थे। 17 अगस्त को पति व ससुरालियों ने गुड़िया को लाठी-डंडे से पीटा। वह कहीं जाकर किसी से इसकी शिकायत न कर दे इसके लिए उसका पैर रस्सी से बांध दिया गया था। गुड़िया तीन दिनों से लगातार यातनाएं झेल रही थी। 

रविवार की सुबह मौका पा कर गुड़िया ने पड़ोसी के जरिये अपने घर फोन करवाकर सूचना दी तो भाई नीरज उसके घर पहुंचा और उसे मुक्त कराया। इस दौरान वहां ससुरालवालों से उसका विवाद भी हुआ।

गुड़िया के शरीर पर जगह-जगह लाठी-डंडे से मारे जाने के निशान थे तथा पैर में रस्सी बंधने से पैर कट भी गया था। सोमवार को गुड़िया का जिला अस्पताल में मेडिकल कराया गया।


नीरज ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए सरकारी अस्पताल का मुआयना मान्य होता है इसलिए मेडिकल कराकर उसका प्राइवेट अस्पताल में इलाज कराया जा रहा है। 
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