{"_id":"5dc674cb8ebc3e5af13eb75c","slug":"ayodhya-verdict-section-144-already-imposed-and-injunction-in-varanasi-ayodhya-case","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Ayodhya Verdict: काशी में है धारा 144 लागू, अयोध्या पर कोर्ट का फैसला आने के बाद ये है निषेधाज्ञा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ayodhya Verdict: काशी में है धारा 144 लागू, अयोध्या पर कोर्ट का फैसला आने के बाद ये है निषेधाज्ञा
Sat, 09 Nov 2019 01:41 PM IST
गीतार्जुन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Published by: गीतार्जुन गौतम
Updated Sat, 09 Nov 2019 01:41 PM IST
विज्ञापन
अयोध्या विवाद पर फैसला आने के बाद काशी में चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात है।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अयोध्या विवाद पर आए सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद वाराणसी संवेदनशील हो गया है। धर्मनगरी काशी में त्योहारों और संवदेनशील अवसरों को देखते हुए जिलाधिकारी ने 14 अक्टूबर को ही धारा 144 लागू कर दी थी। जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने लोगों से शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने को कहा है।
विज्ञापन
अयोध्या विवाद पर सुप्रीम कोर्ट में पांच जजों की संवैधानिक पीठ ने विवादित जमीन पर रामलला के हक में निर्णय सुनाया। शीर्ष अदालत ने केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार को राम मंदिर बनाने के लिए तीन महीने में सोमनाथ मंदिर की तर्ज पर ट्रस्ट बनाने के निर्देश दिए हैं। अदालत ने कहा कि 02.77 एकड़ जमीन केंद्र सरकार के अधीन ही रहेगी। साथ ही मुस्लिम पक्ष को नई मस्जिद बनाने के लिए अलग से पांच एकड़ जमीन देने के भी निर्देश हैं। इसके अलावा कोर्ट ने निर्मोही अखाड़े और शिया वक्फ बोर्ड के दावों को खारिज कर दिया है। हालांकि निर्मोही अखाड़े को ट्रस्ट में जगह देने की अनुमति को स्वीकार कर लिया गया है।
विज्ञापन
अयोध्या विवाद मामले को सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद बनारस में होने वाली प्रतिक्रिया को नियंत्रण करने और आगामी त्योहारों बारावफात, गुरु नानक जयंती, कार्तिक पूर्णिमा और देव दीपावली जैसे महत्वपूर्ण त्योहारों होने वाली गतिविधियों को देखते हुए धारा 144 लागू है। जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने धारा 144 के अंतर्गत अधिकार का प्रयोग करते निषेधाज्ञा पारित की है।
विज्ञापन
- कोई भी व्यक्ति बनारस की जन सुरक्षा में विधि व्यवस्था को किसी भी प्रकार से प्रभावित नहीं करेगा और ना ही करने का प्रयास करेगा।
- कोई व्यक्ति या दुकानदार आतिशबाजी जैसे पदार्थ को नहीं बेचेगा और ना ही भंडारण करेगा। साथ ही कोई भी व्यक्ति या संस्था द्वारा बिना अनुमति के आतिशबाजी भी नहीं चलाएगा।
- सोशल मीडिया, व्हाट्सएप और टि्वटर पर किसी भी व्यक्ति द्वारा किसी तरह की अफवाह नहीं फैलाई जाएगी, अगर ऐसा किया जाता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- कोई व्यक्ति बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट जैसे भीड़भाड़ वाले स्थानों पर नहीं जाएगा, जब तक कि वह स्वयं यात्री ना हो या यात्री के साथ न जा रहा हो।
- अयोध्या मामले में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार किसी भी तरह का विरोध-प्रदर्शन, नारेबाजी, रोड जाम, धरना-प्रदर्शन, थाने का घेराव नहीं करेगा। साथ ही सार्वजनिक कार्यालय या सरकारी कार्यालय पर इकट्ठे ना हों। कोर्ट के आदेश के अनुसार कहीं भी जुलूस, नारेबाजी, आतिशबाजी, और मिठाई नहीं बांटी जाएगी।
- किसी भी व्यक्ति द्वारा सांप्रदायिक प्रवृत्ति का प्रवचन, भाषण, तकरीर और निर्णय पर चर्चा नहीं की जाएगी। ना ही जनता को भड़काने और उत्तेजना फैलाने का कार्य किया जाएगा।
- सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद कोई भी व्यक्ति सार्वजनिक कार्यक्रम के माध्यम से विरोध-मोर्च का प्रदर्शन नहीं करेगा। ना ही कोई ऐसा काम करेगा, जिससे किसी भी धर्म के लोगों में द्वेष का भाव पैदा हो। कोई व्यक्ति किसी भी प्रकार की अफवाह नहीं फैलाएगा।
- कोई भी व्यक्ति सार्वजनिक स्थान पर लाठी, डंडा, चाकू, बंदूक, लेकर नहीं चलेगा।
- कोई भी व्यक्ति संगठन या समूह बलपूर्वक सार्वजनिक प्रतिष्ठानों को बंद नहीं कराएंगा। ना ही किसी प्रकार से शासकीय भवनों और संपत्तियों को क्षति पहुंचाएंगे।
- कोई भी व्यक्ति अपने घर या घर की छत पर या किसी स्थान पर ईंट -पत्थर या विस्फोटक पदार्थ इकट्ठे नहीं करेगा। और न ही जनजीवन प्रभावित करने शांति प्रभावित करने के लिए इसका उपयोग करेगा।
- किसी भी सार्वजनिक स्थान गली सड़क पर 5 या 5 से अधिक व्यक्ति एक साथ इकट्ठे नहीं होंगे, जिससे कि शांति-व्यवस्था प्रभावित ना हो।
- किसी भी व्यक्ति संस्था द्वारा यातायात नहीं रोका जाएगा, जिससे कि जनसाधारण को असुविधा हो।