Ayodhya Verdict : ज्योतिषाचार्यों ने माना- राम मंदिर पर फैसला बेहद शुभ संयोग में आया
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अयोध्या विवाद पर शनिवार को आया फैसला देश और समाज के हित में हुआ। यह फैसला बेहद शुभ संयोग में आया है। ग्रहों की युति, नक्षत्रों का प्रभाव और कार्तिक मास का संयोग इस फैसले को लाभकारी बनाएगा। ज्योतिषाचार्यों की मानें तो अयोध्या विवाद पर हर्षण योग में फैसला आया है और इस योग में किया गया कार्य हर्षपूर्वक संपन्न होता है।
ज्योतिषाचार्य पं. गणेश प्रसाद मिश्र के अनुसार कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि के स्वामी विष्णु हैं। द्वादशी तिथि को सभी प्रकार के चर एवं स्थिर कार्य शुभ होते हैं। नारायण द्वादशी का संयोग भी मिल रहा है। एकादश भाव में सूर्य स्थित है जो धार्मिक कार्यों को कराने वाला होता है। विपक्षी भी सहयोग करेंगे। उनमें सहयोग की भावना पनपेगी। धनु लग्न में फैसला आया है। जिसका स्वामी गुरु लग्नस्थ होकर स्वगृही होने के कारण आंतरिक व्यवस्था एवं सीमा सुरक्षा में देश की स्थिति सुदृढ़ होगी।
ज्योतिषाचार्य पं. ऋषि द्विवेदी के अुनसार धनु राशि पर सूर्य देव का संचरण हुआ है। धनु राशि पर पूर्व से शनि और केतु स्वयं विद्यमान हैं। धनु राशि बृहस्पति का घर है। उनके घर में बृहस्पति, शनि और केतु की युति सुखद परिणाम देगी।
धनु राशि पर शनि का संचरण ज्योतिष में सूर्य के पुत्र शनि न्याय के कारक ग्रह माने जाते हैं। वहीं देवगुरू बृहस्पति धर्म, अध्यात्म और मंदिर के कारक माने जाते हैं। इनकी युति यानि धर्म और न्याय की युति होती है। शनि और बृहस्पति की धनु राशि में युति बड़े और सार्थक परिणाम देने वाला होता है। धनु राशि में केतु का भी संचरण है।