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Ayodhya Verdict: अयोध्या विवाद पर फैसले के बाद काशी में बढ़ी चौकसी, आला अधिकारी घूम रहे सड़कों पर

Sat, 09 Nov 2019 02:00 PM IST
गीतार्जुन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: गीतार्जुन गौतम Updated Sat, 09 Nov 2019 02:00 PM IST
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ayodhya verdict before security in varanasi ayodhya judgement
अयोध्या विवाद पर फैसला आने के बाद काशी में मार्च करते आला अधिकारी। - फोटो : अमर उजाला

अयोध्या विवाद पर सुप्रीम कोर्ट ने शनिवार को ऐतिहासिक फैसला सुना दिया। फैसले के बाद बनारस में चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल और सीआरपीएफ के जवान मार्च करते दिखाई दे रहे हैं। इसके साथ ही आला अधिकारी भी सड़कों पर रूट मार्च कर रहे हैं।

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अयोध्या विवाद पर सुप्रीम कोर्ट में पांच जजों की संवैधानिक पीठ ने विवादित जमीन पर रामलला के हक में निर्णय सुनाया। शीर्ष अदालत ने केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार को राम मंदिर बनाने के लिए तीन महीने में सोमनाथ मंदिर की तर्ज पर ट्रस्ट बनाने के निर्देश दिए हैं। अदालत ने कहा कि 02.77 एकड़ जमीन केंद्र सरकार के अधीन ही रहेगी। साथ ही मुस्लिम पक्ष को नई मस्जिद बनाने के लिए अलग से पांच एकड़ जमीन देने के भी निर्देश हैं। इसके अलावा कोर्ट ने निर्मोही अखाड़े और शिया वक्फ बोर्ड के दावों को खारिज कर दिया है। हालांकि निर्मोही अखाड़े को ट्रस्ट में जगह देने की अनुमति को स्वीकार कर लिया गया है।
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अयोध्या विवाद पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के मद्देनजर जिले को चार जोन, आठ सेक्टर और 26 सब सेक्टर में बांट कर सुरक्षा व्यवस्था की कार्ययोजना तैयार की गई है। जोन की मॉनीटरिंग एडीएम व एडिशनल एसपी, सेक्टर की मॉनीटरिंग सीओ व एसडीएम और सब सेक्टर की मॉनीटरिंग एसीएम व इंस्पेक्टर के जिम्मे है। जिले में तैनात पुलिस बल के अतिरिक्त पांच कंपनी पीएसी और चार कंपनी सेंट्रल पैरामिलिट्री फोर्स तैनात है। स्कूल-कालेजों को सोमवार 11 नवंबर तक के लिए बंद कर दिया गया है।
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हनुमान फाटक के पास लोगों से क्षेत्र के माहौल पर बातचीत करते एडीजी व कमिश्नर


जिले की शांति और कानून व्यवस्था के मद्देनजर सभी थानेदारों को कहा गया है कि वह अपने क्षेत्र में दंगा नियंत्रण उपकरणों से लैस टीम के साथ भ्रमणशील रह कर माहौल पर नजर रखेंगे। शहर की ऊंची इमारतों पर रूफ टॉप फोर्स तैनात है। पानी की टंकियों को वॉच टावर बनाया गया है। ड्रोन कैमरों से शहर के मिश्रित आबादी वाले इलाकों की निगहबानी की जाएगी।

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सभी रेलवे स्टेशनों, बस अड्डों पर बाबतपुर एयरपोर्ट पर हाई एलर्ट घोषित कर सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरतने का निर्देश दिया गया है। सभी थाना क्षेत्रों में लगे पब्लिक एड्रेस सिस्टम दुरुस्त कर लिए गए हैं। जरूरत पड़ी तो शहर के प्रमुख चौराहों और तिराहों पर लगे सिटी कमांड कंट्रोल से कनेक्ट आईपी एड्रेस सिस्टम से भी आवश्यक संदेश प्रसारित किए जाएंगे। जिले की अंतर जनपदीय सीमाओं पर पुलिस चेकिंग करेगी।

एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने कहा कि अफवाहें न फैलाएं और न फैलने दें। कोई बात हो तो इमरजेंसी हेल्पलाइन नंबर 112 या नजदीकी थाने पर तत्काल संपर्क करें। जिले के लोगों से अपील है कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले का सम्मान करते हुए शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस-प्रशासन का सहयोग करें।



माहौल सकारात्मक, कायम भाईचारा
अयोध्या विवाद पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद काशी का सौहार्द पहले की ही तरह कायम है। जिले का माहौल पूरी तरह से सकारात्मक है। जिले के लोग पहले की अपेक्षा ज्यादा जागरूक हैं और शांतिपूर्ण माहौल में अपनी रोजीरोटी पर ध्यान देकर अपने आसपास का माहौल अच्छा बनाए रखना चाहते हैं। खुफिया एजेंसियों के इस इनपुट से पुलिस और प्रशासन के अधिकारी राहत महसूस कर रहे हैं। हालांकि इसके बावजूद भी मिश्रित आबादी वाले इलाकों सहित सभी संवेदनशील क्षेत्रों को लेकर अतिरिक्त सतर्कता और निगरानी जारी है।
 

उपद्रवों और सांप्रदायिक विवादों में संलिप्त रहे लोग रडार पर
जिले में जो लोग पूर्व में उपद्रवों और सांप्रदायिक विवादों में संलिप्त रहे हैं, उनकी गतिविधियां पुलिस के सर्विलांस के रडार पर हैं। हालांकि ऐसे सभी लोगों को पाबंद किया जा चुका है, लेकिन इसके बाद भी उनकी गतिविधियों की निगरानी पुलिस और खुफिया एजेंसियों दोनों के स्तर से की जा रही है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार यदि ऐसे लोग माहौल बिगाड़ने की छिटपुट कोशिश भी किए तो उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेजने में देरी नहीं की जाएगी।

शांति समितियों की अपील बना रहे बनारस
जिले के मिश्रित आबादी वाले संवेदनशील क्षेत्रों में शुक्रवार को भी पुलिस, पीएसी और सेंट्रल पैरामिलिट्री फोर्स के जवानों ने रूट मार्च किया। वहीं, सभी थाना क्षेत्रों में शांति समितियों की बैठकों का सिलसिला भी जारी रहा। शांति समितियों की बैठकों में लोगों ने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के सुर में सुर मिलाकर सद्भाव कायम रखने का संकल्प लिया। लोगों का कहना था कि हर बार की भांति हम इस बार भी देश और दुनिया को बताएंगे कि काशी क्यों गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल कही जाती है।

जीआरपी ने किया बलवा ड्रिल
अयोध्या फैसले को लेकर एहतियातन कैंट रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा तंत्रों का एलर्ट कर दिया गया है। शुक्रवार को जीआरपी सीओ अखिलेश कुमार राय के नेतृत्व में बलवा ड्रिल किया गया। इस दौरान शस्त्रों का निरीक्षण करते हुए जवानों को आपातकाल में अराजकतत्वों से निबटने के गुर भी बताएं। प्लेटफार्म नंबर पांच पर भारी संख्या में फोर्स देख रेल यात्रियों में हड़कंप की स्थिति रही। मौके पर जीआरपी इंस्पेक्टर एके दुबे आदि रहे। 

रोडवेज पर पुलिसकर्मियों ने निकाला मार्च
अयोध्या फैसले को लेकर कैंट रोडवेज बस स्टेशन पर यात्रियों की सुरक्षा को लेकर एक दर्जन पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। शुक्रवार को पुलिसकर्मियों ने स्टेशन परिसर में मार्च भी निकाला। उधर, रोडवेज पुलिस चौकी को भी एलर्ट मोड में रखा गया है।



लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर सुरक्षा व्यवस्था को और चाक-चौबंद कर दिया गया है। सीआईएसएफ ने एयरपोर्ट परिक्षेत्र के सभी हिस्सों में सुरक्षा बढ़ाई है। एंट्री नाके से लेकर पार्किंग और बिल्डिंग में सुरक्षा बढ़ाई गई। एप्रन क्षेत्र और रनवे क्षेत्र में सुरक्षाकर्मी सतर्क हैं। सभी गेट पर भी सुरक्षा जवान मौजूद है।

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