अयोध्या में आज राम मंदिर का भूमि पूजन होना है। प्रधानमंत्री आज मंदिर का शिलान्यास करेंगे। लेकिन उससे पहले देश में उल्लास नजर आ रहा है। वहीं धर्मनगरी और प्रधानमंत्री का संसदीय क्षेत्र काशी में लोग राममय हो गए। मंगलवार की रात लोगों ने दीये जलाए, और मंदिर निर्माण पर खुशी जताई।
मंदिर ने निर्माण से पहले ही कण-कण शंकर की नगरी काशी पूरी तरह से राम रंग में रंग गई। जाति-धर्म की दीवारें तोड़कर क्या हिंदू, क्या मुस्लिम क्या पंडित क्या, मल्लाह हर कोई इस उल्लास में शामिल है। मंगलवार को गंगा के तट से लेकर घरों तक बस राम ही राम गूंज रहे थे। नमामि गंगे की ओर से दशाश्वमेध घाट पर श्रीराम का पूजन किया गया।
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डीएम-एसएसपी ने सुरक्षा का रात में जायजा लिया।
- फोटो : अमर उजाला
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी इसी घाट पर गंगा पूजन व आरती करते हैं। नमामि गंगे के सदस्यों ने मंगलकारी राम से कोरोना महामारी के विनाश की प्रार्थना की। इस दौरान अयोध्या में प्रस्तावित मंदिर के चित्र की आरती उतारी गई। राम को पीला फूल और भोग अर्पण किया।
संयोजक राजेश शुक्ला ने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर निर्माण भारतीय समाज के खंडित स्वाभिमान की पुन: प्रतिष्ठा है। इस दौरान शिवम अग्रहरी, रामप्रकाश जायसवाल, सत्यम जायसवाल उपस्थित रहे। वहीं दूसरी तरफ लमही स्थित इंद्रेश भवन में हिंदू मुस्लिम बहनों ने मिलकर रामचरित मानस का पाठ आरंभ किया।
मुस्लिम महिला फाउंडेशन की नेशनल सदर नाजनीन अंसारी रामचरितमानस के पाठ के साथ-साथ उपस्थित लोगों को उसका भावार्थ भी बता रही हैं। नाजनीन अंसारी ने बताया कि हम सभी हिंदू-मुस्लिम महिलाएं रामचरितमानस का पाठ कर रही हैं।