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Awadhesh Rai Murder Case: अभियोजन पक्ष ने शुरू की बहस, दलील पेश करने पर मुख्तार अंसारी ने क्यों जताई आपत्ति?

Wed, 12 Apr 2023 08:24 AM IST
किरन रौतेला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: किरन रौतेला Updated Wed, 12 Apr 2023 08:24 AM IST
सार

अवधेश राय हत्याकांड मामले में मंगलवार को फाइनल बहस शुरू हुई। अदालत में अभियोजन की तरफ से बहस की शुरुआत डीजीसी आलोक चंद्र शुक्ल ने की। कहा कि घटना वाले दिन मुख्तार अंसारी के साथ भीम सिंह, कमलेश सिंह, राकेश न्यायिक और पूर्व विधायक अब्दुल कलाम वैन से उतरकर अवधेश राय पर गोलियां चलाई थीं।

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Awadhesh Rai Murder Case: Prosecution starts debate, why did Mukhtar Ansari object to presenting the argument?
कोर्ट में पेश हुआ मुख्तार अंसारी। - फोटो : amar ujala

विस्तार

चर्चित अवधेश राय हत्याकांड में मंगलवार को फाइनल बहस शुरू हुई। अदालत में अभियोजन की तरफ से बहस की शुरुआत डीजीसी आलोक चंद्र शुक्ल ने की। उनका सहयोग एडीजीसी विनय सिंह ने किया। कहा कि घटना वाले दिन मुख्तार अंसारी के साथ भीम सिंह, कमलेश सिंह, राकेश न्यायिक और पूर्व विधायक अब्दुल कलाम वैन से उतरकर अवधेश राय पर गोलियां चलाई थीं। इससे उनकी मौत हो गई थी। यह प्रत्यक्षदर्शी साक्षी व मुकदमे के वादी अजय राय और अन्य गवाहों के बयान से साबित होता है।

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अभियोजन की बहस पूरी हुई तो वादी के अधिवक्ता अनुज यादव ने दलील पेश करना चाही। इस पर वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये बांदा जेल से पेश हुए पूर्व विधायक मुख्तार अंसारी ने आपत्ति जताई। कहा कि अभियोजन के अलावा वादी के निजी अधिवक्ता बहस नहीं कर सकते। वह सिर्फ सहयोग कर सकते हैं।

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Awadhesh Rai Murder Case: Prosecution starts debate, why did Mukhtar Ansari object to presenting the argument?
मुख्तार अंसारी - फोटो : सोशल मीडिया।
इस बाबत मुख्तार ने दिल्ली की सीबीआई कोर्ट का हवाला दिया, जिसमें वादी के निजी अधिवक्ता को बहस की अनुमति नहीं दी गई थी। वह सिर्फ सीबीआई के वकील का सहयोग कर रहे थे। इसके लिए कोर्ट ने कानूनी नजीर भी देने की बात कही। मुख्तार ने कहा कि उन्हें न वकील से मिलने दिया जाता है और न किसी से सलाह लेने दिया जाता है। इस पर कोर्ट ने अन्य पक्षकारों को हटाकर वकील से उनकी बात कराई। मुख्तार ने कोर्ट से यह भी अनुरोध किया कि उनके ऑनलाइन होने से पहले बहस न शुरू की जाए। विशेष न्यायाधीश एमपी/एमएलए कोर्ट अवनीश गौतम की अदालत ने मुख्तार का पक्ष सुनने के बाद सुनवाई की अगली तारीख 13 अप्रैल नियत कर दी। अब इस मामले में अदालत को यह तय करना है कि वादी के निजी अधिवक्ता बहस कर सकेंगे या नहीं कर सकेंगे।

यह था मामला

तीन अगस्त 1991 को लहुराबीर क्षेत्र स्थित अवधेश राय के आवास के गेट पर दिनदहाड़े उनके ऊपर ताबड़तोड़ फायरिंग कर उनकी हत्या कर दी गई थी। इस मामले में मंगलवार को फाइनल बहस शुरू हुई है और जल्द फैसला आने की संभावना व्यक्त की गई है।
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