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आकर्षक पैकेज से पूर्वांचल में फैलेगा औद्योगिक इकाइयों का जाल

Sat, 23 Jan 2021 01:17 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 23 Jan 2021 01:17 AM IST
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Attractive package will spread the net of industrial units in Purvanchal
वाराणसी। एक फरवरी को पेश हो रहे आम बजट से हर किसी की उम्मीदें जुड़ी हुई हैं। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के पिटारे से निकलने वाली घोषणाओं पर उद्यमियों व कारोबारियों की निगाहें लगी हैं। बनारस सहित पूर्वांचल के समग्र विकास की मांग यूं तो उद्यमी पिछले कई वर्षों से करते आ रहे हैं, लेकिन इस बार भी उम्मीद है कि पूर्वांचल को स्पेशल पैकेज की सौगात जरूर मिलेगी। ताकि निवेशकों के बढ़ने से रोजगार का सृजन तो होगा ही साथ में औद्योगिक इकाइयों का जाल भी फैलेगा।
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उद्यमियों के अनुसार, नई कंपनियों की तर्ज पर पुरानी कंपनियों से भी आयकर टैक्स लिया जाए और निर्यात को बढ़ावा देने के लिए सब्सिडी भी मिले। पेट्रोल-डीजल की बढ़ती दरों पर लगाम लगे, आमजन के अलावा औद्योगिक इकाइयों पर इसका असर पड़ रहा है। कच्चे माल की उपलब्धता आसानी से हो। पूर्वांचल की आबादी तो बहुत है, लेकिन उसके हिसाब से उद्योग इकाइयां नहीं बढ़ रही हैं।
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पूर्वांचल के बड़े हिस्से से कामगार, श्रमिक गुजरात, सूरत, मुंबई, नई दिल्ली, हैदराबाद आदि शहरों में रोजगार के लिए जाते हैं। प्रदेश में तो निवेशक बढ़ रहे हैं, लेकिन पूर्वांचल को इसका लाभ नहीं मिल रहा है। उदाहरण के तौर पर सैमसंग कंपनी आई तो वह गौतमबुद्ध नगर चली गई। इसी तरह अन्य कई कंपनियां नोएडा, कानपुर में ही स्थापित हो जा रही हैं और पूर्वांचल के हाथ खाली रह जा रहा है।
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बजट में पूर्वांचल को आकर्षक पैकेज मिले। इससे निवेशक व उद्योग बढ़ेंगे तो रोजगार का सृजन होगा। पूर्वांचल में उद्योग व उद्यमिता की अपार संभावनाएं है। सरकार के थोड़े से प्रयास से उद्योगों का जाल बिछाया जा सकता है।-आरके चौधरी, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन
निर्यात को प्रोत्साहन की दरकार है, कोरोना काल में तो स्थिति और भी खराब है। कंटेनर नहीं मिल रहे हैं, सरकार को इस पर गंभीरता से विचार करना चाहिए और निर्यातकों को कंटेनर उपलब्ध कराएं। पूर्वांचल से सबसे अधिक निर्यात होता है।-राजीव अग्रवाल, पूर्व अध्यक्ष, पूर्वांचल निर्यातक संघ
कारपोरेट की तर्ज पर पार्टनरशिप व प्रोपराइटरशिप फर्म को भी 22 प्रतिशत टैक्स स्लैब में रखा जाए। इन इकाइयों को वर्तमान में नई मैन्यूफैक्चरिंग इकाइयों व स्टार्टअप से प्रतिस्पर्धा लेनी पड़ रही है। जबकि स्टार्टअप व नई मैन्यूफैक्चरिंग इकाइयों पर 15 प्रतिशत की दर से ही टैक्स लगता है।-राजेश भाटिया, अध्यक्ष, एसआईए
कोरोना ने सब कुछ तबाह कर दिया है। उद्यमी अब भी इससे उबर नहीं पाएं हैं। बजट में कुछ ऐसा हो कि लाकडाउन अवधि का ब्याज माफ कर दिया जाए तभी उद्योगों को राहत मिलेगी। पूर्वांचल भर के उद्यमियों को इसका बड़ा लाभ मिलेगा।-कमलाकांत पांडेय, अध्यक्ष, ईंट निर्माता परिषद

बनारसी वस्त्रों को और निखारने के लिए डिजाइन, सैंपलिंग सेेंटर, रिसर्च एंड डेवलपमेंट जैसा कुछ होना चाहिए। तभी हम बेहतर कर सकेंगे। पूर्वांचल से कामगारों के पलायन को थामना है तो पूर्वांचल का विकास जरूरी है। टेक्सटाइल के लिए अलग से प्रोत्साहन देना चाहिए।-राजन बहल, महामंत्री, बनारसी वस्त्र उद्योग एसोसिएशन
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