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काशी विद्यापीठ के कुलपति से हाथापाई का प्रयास, नियुक्ति तिथि से लाभ देने की मांग को लेकर कर्मचारियों का हंगामा

Sat, 27 Mar 2021 09:10 PM IST
गीतार्जुन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: गीतार्जुन गौतम Updated Sat, 27 Mar 2021 09:10 PM IST
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Attempt to scramble with the Vice Chancellor of Kashi Vidyapeeth, employees started protest
काशी विद्यापीठ के प्रशासनिक भवन में कर्मचारियों के धरना-प्रदर्शन के दौरान मौके पर पहुंची पुलिस। - फोटो : अमर उजाला

महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के कर्मचारी नियुक्ति तिथि से लाभ देने के लिए शनिवार को धरने पर बैठ गए। पंत प्रशासनिक भवन में कर्मचारियों ने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान उन्होंने कुलपति के साथ हाथापाई करने का भी प्रयास किया लेकिन सुरक्षाकर्मियों के कारण वह सफल नहीं हो सके।

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शनिवार को कर्मचारी पंत प्रशासनिक भवन में धरने पर बैठ गए। एक ओर कार्य परिषद की बैठक चल रही थी तो दूसरी ओर कर्मचारी नारेबाजी व प्रदर्शन कर रहे थे। कर्मचारियों के आक्रोश को देखते हुए परिसर में पुलिस भी बुला ली गई। कार्यपरिषद की बैठक समाप्त होने के बाद कुलपति प्रो. टीएन सिंह जब निकले तो कर्मचारियों ने समायोजन के मुद्दे पर उनका घेराव करने का प्रयास किया। 
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उग्र कर्मचारियों ने हाथापाई करने की भी कोशिश की। प्रॉक्टोरियल बोर्ड के सदस्यों ने उग्र कर्मचारियों को किसी तरह काबू किया। उन्होंने जांच समिति की रिपोर्ट को सार्वजनिक करने की भी मांग की। हालांकि पुलिस और प्राक्टोरियल बोर्ड की सुरक्षा के बीच कुलपति अपने कार्यालय से निकल गए।

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नियुक्ति तिथि को सेवा से जोडने की कर रहे हैं मांग

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प्रशासनिक भवन के द्वार पर धरना-प्रदर्शन करते कर्मचारी। - फोटो : अमर उजाला

बता दें कि विद्यापीठ में 45 कर्मचारियों का समायोजन वर्ष 2005 के बाद हुआ था, जबकि अस्थायी तौर पर उनकी नियुक्ति दशकों पहले हुई थी। वहीं वर्ष 2005 के बाद समायोजन होने के कारण इन कर्मचारियों को पेंशन का लाभ नहीं मिल रहा है। वहीं कर्मचारी नियुक्ति तिथि सेवा से जोडने की मांग कर रहे हैं ताकि उन्हें भी पेंशन का लाभ मिल सके।

रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग
विश्वविद्यालय की कार्यपरिषद ने एक समिति का गठन किया था। पिछले दिनों समिति ने अपनी रिपोर्ट विश्वविद्यालय को सौंप दी थी। कर्मचारी रिपोर्ट को सार्वजानिक करने की मांग को लेकर अड़े हुए हैं। कर्मचारियों का कहना है कि कमेटी की रिपोर्ट पक्ष में या विपक्ष में हो उसे लागू किया जाए। वहीं विश्वविद्यालय प्रशासन कर्मचारियों के मुद्दे पर चुप्पी साधे हुए है। कुलसचिव डॉ एस एल मौर्य ने बताया कि कर्मचारियों द्वारा इस तरह के व्यवहार की जानकारी नहीं है।

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