फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   ATS Varanasi unit Vicious criminal who Expert in changing identity and used to threaten on name of underworld connections

एटीएस वाराणसी इकाई के हाथ लगा शातिर बदमाश: पहचान बदलने में माहिर, अंडरवर्ल्ड से कनेक्शन का देता था धौंस

Sun, 31 Oct 2021 09:13 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: उत्पल कांत Updated Sun, 31 Oct 2021 09:13 PM IST
सार

धन दोगुना के बहाने जाली नोट देकर ठगी, लूट और अंडरवर्ल्ड से ताल्लुकात का हवाला देकर लोगों को डराने वाले माइकल सिंह उर्फ मोंटी को एटीएस वाराणसी इकाई ने गिरफ्तार कर लिया है।

विज्ञापन
ATS Varanasi unit Vicious criminal who Expert in changing identity and used to threaten on name of underworld connections
माइकल यादव उर्फ मोंटी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

एटीएस वाराणसी इकाई के हाथ लगा शातिर बदमाश वाराणसी के लहरतारा बौलिया निवासी माइकल यादव उर्फ मोंटी कभी मुंबई तो कभी दिल्ली, कोलकाता, राजस्थान को अपना ठिकाना बनाए रखा था। धन दोगुना के बहाने जाली नोट देकर ठगी, लूट और अंडरवर्ल्ड से ताल्लुकात का हवाला देकर लोगों को डराने वाले माइकल सिंह उर्फ मोंटी की वाराणसी के एक कारोबारी से जल्द ही उसकी मीटिंग होने वाली थी। उसके पहले ही एटीएस ने आरोपी को घर से ही दबोच लिया।

विज्ञापन


आधार कार्ड और पहचान बदलने में माहिर मोंटी के संपर्क में पहड़िया मंडी के आढ़ती प्रदीप सोनकर, वाराणसी के रहने वाले शैलेंद्र सिंह, दीपक सिंह और एक विश्वविद्यालय के प्रोफेसर भी थे।  मंडुवाडीह थाना अंतर्गत लहरतारा बौलिया निवासी स्वर्गीय माठो सिंह यादव का पुत्र माइकल यादव उर्फ मोंटी के बारे में एटीएस वाराणसी ने जब जानकारी जुटानी शुरू की तो कई राज उजागर हुए।
विज्ञापन


पिछले दो साल में मोंटी ने धन दोगुना, जाली नोट खपाने, लूट से अपराध करते हुए मुंबई और बनारस में काफी संपत्ति अर्जित की। 29 अक्तूबर को लखनऊ में जाली नोट के जरिए धन दोगुना करने, लूट के आरोप में गिरफ्तार प्रतापगढ़ के अभिषेक प्रताप सिंह और मुंबई के नालासोपारा के सौरभ फूलचंद यादव से पूछताछ के आधार पर मोंटी का नाम सामने आया था। 
विज्ञापन
विज्ञापन

पढ़ेंः वाराणसी के कबाड़ मार्केट में काटे जा रहे थे चोरी के ट्रक, पुलिस की छापेमारी में हुआ खुलासा, तीन महीने में बिके 139 बड़े वाहन

मोंटी की पहली मीटिंग वाराणसी में

यूपी एटीएस के मुताबिक जुलाई 2020 में मोंटी की पहली मीटिंग वाराणसी के पिंडरा निवासी पहड़िया मंडी का फल आढ़ती प्रताप सोनकर से हुई। उससे मीटिंग के दौरान एक करोड़ रुपए लेकर चार करोड़ के जाली नोट देने की बात हुई। जिसके लिए मोंटी ने तीन लाख की टोकन मनी ली। बाद में प्रताप सोनकर ने अपना पैसा वापस मांगने लगा।

करीब दो माह बाद मोंटी और उसके गिरोह ने पैसा वापस कर दिया था। दिसंबर 2020 में प्रयागराज के सोरांव निवासी अभिषेक श्रीवास्तव उर्फ लकी से इन सभी की मुलाकात हुई। सचिन, हरिओम उर्फ साइंटिस्ट, अविनेंद्र मिश्रा और अभिषेक उर्फ लकी ने मिलकर प्रयागराज के एक प्रोफेसर को रुपए चार गुना करने के लिए छावनी के होटल रमाडा में बुलाया।

वहां उनसे टोकन मनी के नाम पर पांच लाख रुपए लिए गए। इसमें मोंटी को उसके हिस्से का 30 हजार मिला था। जनवरी 2021 में प्रोफेसर से 80 लाख रुपए लखनऊ के होटल हयात में चार गुना करके देने के लिए लिया था। जिसमें मोंटी को 14 लाख रुपए मिले थे।

फरवरी 2021 में प्रयागराज के रहने वाले ईंट-भट्ठा कारोबारी मनोज सिंह से मुंबई के होटल जेडब्लू मेरियेन्ट में मीटिंग की गई। इन लोगों ने पांच लाख रुपए टोकन मनी के नाम पर लिया। मनोज से एक करोड़ रुपए को चार गुना करने की बात मीटिंग में हुई थी। लेकिन, वह 35-40 लाख रुपए से ज्यादा नहीं दे पा रहा था। इससे वह डील पूरी नहीं हो पाई थी। टोकन मनी से मोंटी को 40 हजार मिले थे। 

इसके बाद वाराणसी के शैलेन्द्र सिंह के माध्यम से सनातन आश्रम, नासिक के स्वामी विश्वरूपानन्द से होटल जेडब्लू मैरियेन्ट, मुंबई में मीटिंग हुई। इसमें स्वामी विश्वरूपानन्द से टोकन मनी के नाम पर पांच लाख रुपए लिए गए। वाराणसी के ही दीपक सिंह के माध्यम से इन लोगों ने अगस्त 2021 में मुंबई के मुब्रा देवी क्षेत्र के राहुल उर्फ गाडा से उसके ज्वेलरी की दुकान पर मीटिंग की। उससे टोकन मनी के नाम पर पांच लाख रुपए लिए थे। 

बहन के ससुराल गया और बन गया जालसाज

यूपी एटीएस के मुताबिक माइकल यादव उर्फ मोंटी मार्च 2019 में अपनी बहन रीना के मुंबई के थाणे के गोयल प्लाजा स्थित घर गया था। वहां उसकी मुलाकात ब्याज पर रुपए देने वाले सचिन से हुई। सचिन ने मोंटी को ब्याज पर रुपये देने और धन दोगुना करने की तरकीब बताई। इसके  बाद दोनों साथ में मिलकर काम करने लगे।

सचिन ने मोंटी की मुलाकात कानपुर के अविनेन्द्र मिश्रा से कराई। फरवरी 2020 में सचिन ने उसकी मुलाकात जौनपुर निवासी हरिओम उर्फ साइंटिस्ट से कराई। मोंटी, सचिन, अविनेन्द्र मिश्रा और हरिओम ने मुंबई के एक होटल में धन दोगुना करने और जाली नोट के जरिए टोकन मनी प्राप्त करने के बहाने लूटने का प्लान तैयार हुआ था। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed