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काशी की गंगा में लीन हुए अटलजी, रामधुन के बीच विसर्जित की गईं अस्थियां  

Sun, 26 Aug 2018 10:27 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Updated Sun, 26 Aug 2018 10:27 AM IST
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Atal bihari vajpayee asthi kalash yatra arrived varanasi
atal bihari - फोटो : अमर उजाला
सदानिरा का किनारा, मूसलाधार बारिश और रामधुन के बीच भारतरत्न पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का अस्थि कलश मां गंगा की गोद में समाहित हो गया। अटल जी को काशी से लगाव था और यहीं गंगा की गोद में वह लीन हो गये। राजेंद्र प्रसाद घाट पर नम आंखों से पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ काशी की जनता ने भी अपने नेता के अस्थि कलश को अंतिम विदाई दी। आगे की स्लाइड्स में देखें...



 
Atal bihari vajpayee asthi kalash yatra arrived varanasi
atal bihari - फोटो : अमर उजाला
बाबा विश्वनाथ की नगरी काशी में सूर्यास्त से पूर्व पौने छह बजे वाजपेयी की अस्थि कलश यात्रा जौनपुर से राजेंद्र प्रसाद घाट पहुंची। जहां भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डा. महेंद्र नाथ पांडेय, प्र्रदेश के राज्यमंत्री डा. नीलकंठ तिवारी, प्रदेश सह प्रभारी सुनील ओझा, क्षेत्रीय अध्यक्ष महेश चंद्र श्रीवास्तव ने पहले श्रद्धांजलि दी। 

 
Atal bihari vajpayee asthi kalash yatra arrived varanasi
atal bihari - फोटो : अमर उजाला
पुष्पार्चन के बाद वैदिक मंत्रोच्चार के बीच वाजपेयी की अस्थियां बजड़े से राजेंद्र प्रसाद घाट के सामने गंगा में प्रवाहित की गईं। इस दौरान भारत रत्न उस्ताद बिस्मिल्लाह खां के प्रपौत्र आफाक हैदर ने रामधुन सुनाई। 

 
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Atal bihari vajpayee asthi kalash yatra arrived varanasi
atal bihari - फोटो : अमर उजाला
फूलपुर में काशी की सीमा में प्रवेश करने के साथ ही यात्रा से लोग जुड़ते चले गए और कारवां बनता चला गया। 32 स्थानों पर पुष्पार्चन के अलावा घाट तक महिलाएं छतों से पुष्पवर्षा कर रही थीं। क्या बूढ़े, जवान, बच्चे सभी ने डबडबाई आंखों के साथ वाजपेयी को श्रद्धांजलि दी। कहीं हिंदू तो कहीं मुस्लिम। कुछ जगहों पर सिख तो कहीं ईसाई समुदाय के लोगों ने पूर्व प्रधानमंत्री को श्रद्धासुमन अर्पित किए। 

 
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Atal bihari vajpayee asthi kalash yatra arrived varanasi
atal bihari - फोटो : अमर उजाला
कलश यात्रा अपने निर्धारित समय से दो घंटे देरी से 11 बजे जौनपुर से निकली। फूलपुर से राजेंद्र प्रसाद घाट तक कोई गाड़ी तो कोई पैदल ही यात्रा के साथ चला। सपा, कांग्रेस सहित कई पार्टियों ने जगह जगह पुष्प चढ़ाएं। 

 
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