बलिया: पुलिस की पिटाई के खिलाफ धरना दे रहे लोग भड़के, पथराव में एएसपी समेत चार पुलिसकर्मी घायल
बलिया जिले के रसड़ा कोतवाली क्षेत्र के कोटवारी मोड़ पर गुरुवार को पुलिस द्वारा हिरासत में लिए गए युवक की बेरहमी से पिटाई की जानकारी के बाद लोग भड़क गए। ग्रामीणों ने कोटवारी मोड़ पर जाम लगाने का प्रयास किया तो पुलिस ने लाठी भांजना शुरू कर दिया। इसके बाद पथराव शुरू हो गया। पथराव में एएसपी संजय कुमार समेत नौ पुलिसकर्मी घायल हो गए।
भड़के लोग इसके बाद भी नहीं रुके और उन्होंने अस्थाई चौकी में तोड़फोड़ करने के साथ एसडीएम की गाड़ी में तोड़फोड़ की। साथ ही वहां खड़ी दर्जनों बाइकों को क्षतिग्रस्त कर दिया। बाद में पुलिस ने लाठीचार्ज कर लोगों को भगाया और एएसपी समेत सभी घायल पुलिसकर्मियों का इलाज सीएससी रसड़ा में कराया गया।
मामले की जानकारी के बाद जिलाधिकारी श्रीहरि प्रताप शाही व पुलिस अधीक्षक देवेंद्रनाथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने मामले की जानकारी ली और सख्त कार्रवाई का निर्देश दिया। एसपी ने कहा कि मामले में दोषी बख्शे नहीं जाएंगे। चौकी प्रभारी व दीवान निलंबित किए जाएंगे और पथराव करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
नगर के वार्ड नंबर एक धोबही मोहल्ला में दो पट्टीदारों में विवाद था। विवाद में पन्ना राजभर को बुधवार की शाम चौकी की पुलिस पकड़ कर लाई। आरोप है कि चौकी में उसकी जमकर पिटाई की गई। हालत बिगड़ गई तो पुलिस ने उसे रसड़ा सीएचसी पहुंचा दिया। गुरुवार सुबह में जब परिजनों को पिटाई की जानकारी हुई तो वे सीएचसी पहुंचे। वहां डॉक्टर ने तत्काल पन्ना को जिला अस्पताल ले जाने की सलाह दी।
तब वे लोग दिन में लगभग 11 बजे पन्ना को ठेले पर लादकर और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए रसड़ा-बलिया मार्ग स्थित कोटवारी मोड़ पर पहुंचे और सड़क पर जाम लगा दिया। जाम की सूचना पर पहुंचे एसडीएम रसड़ा मोतीलाल यादव, सीओ रसड़ा केपी सिंह, प्रभारी कोतवाल रसड़ा के लाख समझाने के बाद भी आक्रोशित ग्रामीण पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग करते रहे।
इस दौरान सड़क के दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई। घायल युवक के पिता बड़ाई राजभर ने पुलिस अधीक्षक को संबोधित तीन सूत्रीय मांग पत्र क्षेत्राधिकारी को सौंपा। इसमें चौकी इंचार्ज धर्मेंद्र कुमार एवं दिवान राजबली को बर्खास्त करने के साथ ही घायल युवक का इलाज कराने और परिवार की सुरक्षा की मांग की गई थी। पत्रक सौंपने के बाद भी आक्रोशित ग्रामीण मांग पूरी करने की जिद पर अड़े रहे।
इसी बीच अचानक कुछ पुलिसकर्मियों ने लोगों को भगाने के लिए लाठी भांजना शुरू कर दिया। इसके बाद लोग आक्रोशित हो गए और पथराव करने लगे। ठीक उसी वक्त जाम की सूचना पर बलिया से चले अपर पुलिस अधीक्षक संजय कुमार मौके पर पहुंचे और पथराव का शिकार हो गए।
उन्हें बचाने में उनके गार्ड्स भी चोटिल हो गए। बवाल व पथराव की सूचना पर कई थानों की फोर्स और पीएसी के जवान मौके पर पहुंचे और लोगों को लाठीचार्ज कर भगाया गया। एएसपी समेत नौ पुलिसकर्मियों को सीएचसी रसड़ा में ले जाकर इलाज कराया गया।
घायल पन्ना राजभर को ठेला पर बीच सड़क रखकर लोगों ने सड़क जाम कर दिया था। मामले में कार्रवाई हो गई थी, लेकिन कुछ अराजकतत्वों ने माहौल को खराब कर दिया। इससे हिंसा भड़क गई। इसमें कई पुलिसकर्मी चोटिल हो गए हैं। इसमें जो भी अराजकतत्व हैं, उनके विरूद्ध कार्रवाई की जा रही है। किसी को बख्शा नहीं जाएगा। इसके अलावा चौकी इंचार्ज व दीवान को भी निलंबित किया जाएगा। पुलिस की लापरवाही ने विवाद बढ़ाया।
देवेंद्र नाथ, एसपी, बलिया
लाठी चार्ज व पथराव में ये हुए घायल
घायलों में एएसपी संजय कुमार, कांस्टेबल संदीप कुमार यादव, रंजीत कुमार, सीओ केपी सिंह , सिटी इंचार्ज प्रमोद कुमार सिंह, एसआई राज कपूर सिंह , सिपाही श्रवण यादव , होमगार्ड राज कुमार मिश्रा , रामनरायण घायल हो गए। इसके अलावा समाचार संकलन करने गये पत्रकार पिंटू सिंह, शकील अहमद, सुमित गुप्ता को भी चोटें आईं। नगर के धोबही निवासी पवित्रा देवी भी घायल हो गईं।
पुलिस पर पैसे लेकर पीटने का आरोप
घायल पन्ना राजभर के चाचा देऊ एवं चाची दुलारी देवी हैं। उन्होंने संतान न होने के कारण 20 वर्ष पूर्व पन्ना राजभर को गोद लिया था। गोद लेने के कारण चाचा-चाची की संपति पर पन्ना राजभर का अधिकार बनता, लेकिन कुछ साल बाद ही चाचा-चाची पन्ना राजभर को गोद लेने से इंकार करने लगे। कई कागजों पर पन्ना राजभर के पिता का नाम हटवा दिया गया था।
केवल आधार कार्ड पर ही नाम रह गया था। चाचा-चाची अब अपनी संपति बेटी व दामाद को देना चाहते थे। चाचा-चाची की शिकायत पर पुलिस गुरुवार की शाम पन्ना राजभर को घर से उठाकर चौकी लाई। उधर, पन्ना की मां राधिका देवी ने आरोप लगाया की पुलिस ने 26 हजार रुपये लेकर बेटे की पिटाई की है। उन्होंने बताया की बाद में पुलिस ने चार हजार रुपया इलाज के लिए दिया।