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संतुलित खानपान और व्यायाम के आगे बेदम होगा गठिया
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वाराणसी। आर्थराइटिस यानी गठिया जिसे लोग बढ़ती उम्र की बीमारी मानते हैं, लेकिन बदलते समय के साथ अब यह बीमारी केवल बुजुर्गों को ही नहीं बल्कि युवाओं में भी बढ़ रही है। बीएचयू ट्रामा सेंटर स्थित आर्थोपेडिक विभाग की ओपीडी में हर दिन 100 से अधिक मरीज यह समस्या लेकर आ रहे हैं। चिकित्सकों की ओर से इससे बचाव के लिए खानपान पर ध्यान देने के साथ ही समय पर जांच कराते रहने की सलाह दी जा रही है।
तेजी से बदल रही जीवन शैली, खानपान और सही तरीके से व्यायाम न करने आदि की वजह से आमतौर पर लोग जोड़ों में दर्द, घुटने और कमर में दर्द से परेशान हो रहे हैं। अधिक से अधिक लोग जागरूक हो सकें, इसके लिए हर साल 12 अक्तूबर को विश्व आर्थराइटिस दिवस मनाया जाता है। बीएचयू के आर्थोपेडिक विभाग की ओपीडी में औसतन हर दिन 300 से 400 से मरीज अलग-अलग समस्याओं के आते हैं। इसमें करीब 80 से 100 मरीज जोड़ों में दर्द, कमर में दर्द, घुटने में दर्द के आते हैं। मरीजों की उम्र की अगर बात करें तो इसमें 40 साल से कम उम्र वाले लोग भी पहुंच रहे हैं।
एंटी बॉडी अधिक बनने से बढ़ी बीमारी
कोरोना काल के बाद यह बीमारी कुछ बढ़ी है। ऐसा इसलिए कि कुछ लोगों में कोरोना से लड़ने के लिए एंटी बॉडी इतनी अधिक विकसित हो गई है कि उसके दुष्प्रभाव से आर्थराइटिस की समस्या होने लगी है। बीएचयू ट्रामा सेंटर के प्रभारी और आर्थोपेडिक विभाग के प्रो.सौरभ सिंह का कहना है कि जिस तरह से आर्थराइटिस की समस्या बढ़ती जा रही है, उससे बचाव के लिए सतर्कता बहुत जरूरी है। जरा सी समस्या हो तो तुरंत चिकित्सक के पास जाकर सलाह लेनी चाहिए। कभी-कभी तो बीमारी इतनी बढ़ जाती है कि ऑपरेशन तक करना पड़ता है।
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ये हैं आर्थराइटिस के लक्षण
-सुबह उठने के बाद जोड़ों में अधिक दर्द
-हाथ की छोटी उंगलियों में जकड़न होना
-कभी घुटने, कमर में दर्द होते रहना।
-कंधों में भी दर्द होना
ऐसे करें बचाव
- संतुलित आहार लेते रहना चाहिए।
- धूम्रपान और शराब का सेवन न करें, इससे हड्डियां कमजोर होती है।
- साइकलिंग से भी शरीर की हड्डियां मजबूत होती हैं।
- जंक फूड के सेवन से भी बचना चाहिए
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तेजी से बदल रही जीवन शैली, खानपान और सही तरीके से व्यायाम न करने आदि की वजह से आमतौर पर लोग जोड़ों में दर्द, घुटने और कमर में दर्द से परेशान हो रहे हैं। अधिक से अधिक लोग जागरूक हो सकें, इसके लिए हर साल 12 अक्तूबर को विश्व आर्थराइटिस दिवस मनाया जाता है। बीएचयू के आर्थोपेडिक विभाग की ओपीडी में औसतन हर दिन 300 से 400 से मरीज अलग-अलग समस्याओं के आते हैं। इसमें करीब 80 से 100 मरीज जोड़ों में दर्द, कमर में दर्द, घुटने में दर्द के आते हैं। मरीजों की उम्र की अगर बात करें तो इसमें 40 साल से कम उम्र वाले लोग भी पहुंच रहे हैं।
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एंटी बॉडी अधिक बनने से बढ़ी बीमारी
कोरोना काल के बाद यह बीमारी कुछ बढ़ी है। ऐसा इसलिए कि कुछ लोगों में कोरोना से लड़ने के लिए एंटी बॉडी इतनी अधिक विकसित हो गई है कि उसके दुष्प्रभाव से आर्थराइटिस की समस्या होने लगी है। बीएचयू ट्रामा सेंटर के प्रभारी और आर्थोपेडिक विभाग के प्रो.सौरभ सिंह का कहना है कि जिस तरह से आर्थराइटिस की समस्या बढ़ती जा रही है, उससे बचाव के लिए सतर्कता बहुत जरूरी है। जरा सी समस्या हो तो तुरंत चिकित्सक के पास जाकर सलाह लेनी चाहिए। कभी-कभी तो बीमारी इतनी बढ़ जाती है कि ऑपरेशन तक करना पड़ता है।
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ये हैं आर्थराइटिस के लक्षण
-सुबह उठने के बाद जोड़ों में अधिक दर्द
-हाथ की छोटी उंगलियों में जकड़न होना
-कभी घुटने, कमर में दर्द होते रहना।
-कंधों में भी दर्द होना
ऐसे करें बचाव
- संतुलित आहार लेते रहना चाहिए।
- धूम्रपान और शराब का सेवन न करें, इससे हड्डियां कमजोर होती है।
- साइकलिंग से भी शरीर की हड्डियां मजबूत होती हैं।
- जंक फूड के सेवन से भी बचना चाहिए