लॉकडाउनः पिता की मौत के बाद जम्मू में तैनात सेना का जवान नहीं पहुंच सका गांव, मोबाइल से किया शव का अंतिम दर्शन
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लॉकडाउन के कारण जम्मू में तैनात सेना के जवान ने अपने पिता के शव का अंतिम दर्शन मोबाइल से किया। इसके बाद शव यात्रा में बेहद कम लोगों ने शामिल होकर शव का अंतिम संस्कार किया। आसपास के सगे संबंधी में शव यात्रा में शामिल नहीं हो सके।
वाराणसी के चौबेपुर क्षेत्र के अजांव गांव के दूधनाथ विश्वकर्मा (52वर्ष) फर्निचर के कारीगर थे। रविवार की सुबह पेट में दर्द होने पर परिजनों ने उन्हें हास्पिटल पहुंचाया, हालत गंभीर होने पर उन्हें पंडित दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल पहुंचाया गया। जहां रात आठ बजे उसकी मृत्यु हो गई। परिजन शव को घर लाये।
मृतक के पुत्र बृजेश विश्वकर्मा जो जम्मू में हैं, लॉकडाउन के कारण उन्होंने मोबाइल के जरिये अपने पिता का अंतिम दर्शन किया। सैनिक बेटे ने मोबाइल के जरिये परिवार वालों को ढांढस बंधाया और कहा कि शव यात्रा में कम से कम लोग शामिल हों और सोशल डिस्टेंसिंग का भी ख्याल रखें।
गांव के दर्जनों लोग शव यात्रा में शामिल होना चाहते थे, लेकिन लॉकडाउन के कारण शामिल नहीं हो सके। कुछ नाम मात्र के लोगों ने ही गौराउपरवार घाट पर अंतिम संस्कार किया। शव यात्रा में शामिल लोग मुंह पर मास्क व गमछा बांधे गंगा घाट पर पहुंचे, लेकिन एक दूसरे से दूरी बनाते दिखे। लॉकडाउन के कारण मृतक के करीबी भी अंतिम दर्शन नहीं कर सके।