{"_id":"6550f2f69f17cf37d20f6fc4","slug":"are-you-in-kashi-on-diwali-night-visit-this-fair-immediately-varanasi-news-c-20-vns1013-419854-2023-11-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Varanasi News: दिवाली की रात काशी में हैं? तत्काल ये मेला घूम डालिए","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Varanasi News: दिवाली की रात काशी में हैं? तत्काल ये मेला घूम डालिए
विज्ञापन
मंडुवाडीह में गणेश मंदिर पोखरा (मांडवी तालाब) वाले मार्ग पर दीपावली की रात भेला का मेला लगा। हालांकि मेले में अव्यवस्था के कारण लोगों को परेशानी हुई।
रविवार की रात भेला का मेला में बांस के बने उत्पाद सूप, दउरा, लकड़ी की खाट, झाड़ू, चलनी आदि घरेलू सामान खरीदने के लिए लोग दूर-दूर से पहुंचे। शहर व आस-पास की महिलाओं ने भी जमकर खरीदारी की। मेले में सोनभद्र के जंगलों में पाए जाने वाले भेला के फल से बनने वाली दमा की दवा लोगों का पिलाई गई। क्षेत्रीय लोगों के अनुसार पुराने से पुराने दमा का रोग यहां मिलने वाली दवा से ठीक हो जाता है। मेले में सुरक्षा व्यवस्था हेतु पुलिस के जवान लगातार गश्त करते रहे।
-- -
जंगली फल होता है भेला, जिससे बनती है दवा
भेला एक जंगली फल होता है। जो सोनभद्र के जंगलों में पाया जाता है। कहा जाता है कि इस भेला के फल के रस से दमा रोगियों के लिए दवा बनाई जाती है। मेले में दवा पीने वाले बताते हैं कि भेला के फल को उबालकर उसे देशी घी में मिलाया जाता है और उसे दमा रोगियों का दिया जाता है। इसके बदले दुकानदार मात्र सहयोग राशि ही लेते हैं। यह दवा दीपावली की रात से सूर्योदय के पहले तक ही पिलायी जाती है।
विज्ञापन
विज्ञापन
रविवार की रात भेला का मेला में बांस के बने उत्पाद सूप, दउरा, लकड़ी की खाट, झाड़ू, चलनी आदि घरेलू सामान खरीदने के लिए लोग दूर-दूर से पहुंचे। शहर व आस-पास की महिलाओं ने भी जमकर खरीदारी की। मेले में सोनभद्र के जंगलों में पाए जाने वाले भेला के फल से बनने वाली दमा की दवा लोगों का पिलाई गई। क्षेत्रीय लोगों के अनुसार पुराने से पुराने दमा का रोग यहां मिलने वाली दवा से ठीक हो जाता है। मेले में सुरक्षा व्यवस्था हेतु पुलिस के जवान लगातार गश्त करते रहे।
विज्ञापन
जंगली फल होता है भेला, जिससे बनती है दवा
भेला एक जंगली फल होता है। जो सोनभद्र के जंगलों में पाया जाता है। कहा जाता है कि इस भेला के फल के रस से दमा रोगियों के लिए दवा बनाई जाती है। मेले में दवा पीने वाले बताते हैं कि भेला के फल को उबालकर उसे देशी घी में मिलाया जाता है और उसे दमा रोगियों का दिया जाता है। इसके बदले दुकानदार मात्र सहयोग राशि ही लेते हैं। यह दवा दीपावली की रात से सूर्योदय के पहले तक ही पिलायी जाती है।
विज्ञापन